फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etah News ›   24 हजार डिफॉल्टर किसानों का होगा कर्जमाफ

24 हजार डिफॉल्टर किसानों का होगा कर्जमाफ

Wed, 27 Jun 2018 11:19 PM IST
Updated Wed, 27 Jun 2018 11:19 PM IST
विज्ञापन
24 हजार डिफॉल्टर किसानों का होगा कर्जमाफ
farmer suicide
एटा। बैंकों से ऋण लेकर भूलने वाले डिफॉल्डर किसानों का कर्ज माफ होने जा रहा है। यह वो किसान हैं जिन्होंने कर्ज लेने के बाद बैंक की ओर मुड़कर नहीं देखा, नहीं ब्याज जमा किया और नहीं मूल धन वापस किया। ऐसे किसानों को ऋण मोचन योजना में शामिल करके करोड़ों रुपये सरकार माफ करने जा रही है। इनकी संख्या 24 हजार से अधिक है।
विज्ञापन

सूबे में भाजपा की सरकार आई तो किसानों का कर्ज माफी की घोषणा को पूरा करने में जुट गई। मगर शर्त 31 मार्च 2016 तक के किसानों को शामिल करने की रखी गई थी। जिले में 31 मार्च 2016 तक के सीमांत किसानों की संख्या 63 हजार 242 थी। मगर यह वो किसान थे जिनका बैंकों के साथ सामंजस्य बना हुआ था और किसी कारण से कर्ज का चुकता नहीं कर पाए थे। इसके बाद पांचवें चरण में सरकार ने ऐसे किसानों को भी शामिल किया जो बैंकों के डिफाल्टर थे। ऐसे किसानों की संख्या जिले में 24 हजार 242 है। मगर डिफॉल्टर किसानों को ऋण मोचन का लाभ दिया जाए अथवा नहीं। इस असमंजस की स्थिति से सरकार के नुमाइदें जूझते रहे। काफी लम्बे समय बाद सरकार ने ऋण मोचन योजना से एनपीए समाधान योजना को जोड़कर डिफॉल्टर कर्जदारों को शामिल कर लिया।
विज्ञापन

इस योजना में ऐसे किसान शामिल हैं, जिन्होंने (केसीसी) कर्ज लेने के बाद बैंक की ओर मुड़कर नहीं देखा। दस-दस वर्ष पुराने कर्जदारों ने बैंक को न तो ब्याज दिया और नहीं मूलधन वापस करने की कोशिश की। वर्तमान में ऐसे किसानों की जिले में संख्या 24 हजार 375 है। जिनका कई करोड़ रुपये सरकार माफ करने जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

काली सूची में शामिल किसानों की नीलाम हो जाती जमीन
अगर सरकार किसानों को ऋण मोचन की घोषणा नहीं करती तो जिले के न जाने कितने किसानों की हजारों हेक्टेयर जमीन नीलाम हो जाती है। 24 हजार से अधिक किसान काली सूची में शामिल थे जिनको सरकार ऋण मोचन की एनपीए समाधान योजना का लाभ पहुंचाने जा रही है।
डिफॉल्टर किसानों का 2.32 करोड़ हो गया माफ
बैंकों का कर्ज लेकर नहीं देने वाले 24242 किसानों को काली सूची में डाला गया था। इन डिफाल्टरों में से प्रथम चरण में 1138, द्वितीय चरण में 352 व तृतीय चरण में 377 किसानों का कुल 2.32 करोड़ रुपये ऋण मोचन में लगभग माफ हो चुका है। प्रमाण पत्र दिया जाना बाकी है।
बिना आधार लिंक के नहीं मिलेगी कर्ज माफी
जिले में जितने भी किसान डिफॉल्टर हैं, उन किसानों ने अगर अपना आधार खाते को संचालित करते हुए आधार लिंक नहीं कराया तो ऋण मोचन योजना के तहत कर्ज माफी नहीं मिलेगी। अब तक 12 हजार 710 किसानों ने अपना आधार खाते से लिंक करा दिया है।
वर्जन
जिले में डिफाल्टर किसानों की संख्या 24242 है। ऋण मोचन के एनपीए समाधान योजना में 22375 किसान शेष हैं, जिनकी प्रकिया अभी चल रही है और 1867 किसान लाभ ले चुके हैं। सामान्य बैंक कर्जदारों की संख्या 63242 हैं, जिनमें से 42615 लाभ पा चुके हैं।

विजय शंकर, उप निदेशक कृषि
आंकड़ों पर एक नजर
24242 किसान है डिफॉल्टर
1867 डिफॉल्टर किसानों का कर्ज हो चुका है माफ
2.32 करोड़ रुपये डिफॉल्टर किसानों के कर्जमाफी को विभाग को मिली धनराशि
42615 सामान्य किसानों को पूर्व में ही ऋण मोचन योजना का मिल चुका है लाभ

लगातार ऑन लाइन किए जा रहे आवेदन
बेशक अभी तक अभी तक 42 हजार से अधिक किसानों को ऋण मोचन का लाभ मिल चुका हो। बावजूद इसके अन्य किसान जो खुद को पात्रता की श्रेणी में मानते हैं। वह लगातार कृषि विभाग की साइड पर ऑन लाइन आवेदन कर रहे हैं। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले पन्द्रह दिनों में 3285 किसानों ने ऋण मोचन योजना से लाभान्वित होने के लिए आवेदन किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed