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मरीज तय करेंगे सरकारी अस्पतालों की रैंकिंग
Updated Sat, 02 Jun 2018 11:49 PM IST
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patient
फिरोजाबाद। सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं के कागजी आंकड़ों की पोल अब मरीज खोलेंगे। इसके लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मरीज फीडबैक सिस्टम लागू करेगा। मरीजों के अनुभवों को मेरा अस्पताल पोर्टल पर हर माह फीड करना होगा। मरीज की संतुष्टि पर स्वास्थ्य इकाई को अंक मिलेंगे। इसी के आधार पर विभागीय हेल्थ मैनेजमेंट इनफार्मेशन सिस्टम (एचएमआइस) पोर्टल खुद अस्पतालों की रैंकिंग जारी करेगा।
पहले चरण में यह व्यवस्था कंप्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली के तहत ई-हॉस्पिटल परियोजना में चयनित अस्पतालों में लागू होगी। फिरोजाबाद जिला अस्पताल को योजना में शामिल किया गया है। प्रदेश में 30 अस्पतालों में ई-हॉस्पिटल परियोजना लागू हो रहीं हैं।
इनमें रोगियों से संबंधित सूचना ऑनलाइन डाटा सिंक प्रक्रिया से सीधे एनआईसी दिल्ली के क्लाउड सर्वर मेघराज के जरिए मेरा अस्पताल सर्वर से साझा होगी। यह जिम्मेदारी हॉस्पिटल मैनेजर, क्वालिटी मैनेजर या एनयूएचएम कोआर्डिनेटर को दी जाएगी। सीएमओ डा. एसके दीक्षित ने बताया कि मरीज अब अस्पतालों का फीडबैक शासन को देंगे। कम रैंकिंग वाले अस्पतालों को सुधार के निर्देश दिए जाएंगे।
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स्वास्थ्य इकाइयों में पंजीकरण रजिस्टर पर भर्ती होने वाले रोगियों के नाम, सेलफोन नंबर, बीमारी, कब से कब तक भर्ती दर्ज किया जाएगा। छुट्टी के समय प्रश्नावली भरवाई जाएगी। इसमें आप अपने अस्पताल के अनुभवों से कितने संतुष्ट हैं, असंतुष्ट हैं तो कारण, किस कर्मचारी का व्यवहार संतोषजनक नहीं था, कौन सा स्थान साफ नहीं था, क्या आपको लगता है गुणवत्तायुक्त उपचार नहीं मिला, असंतोष के अन्य कारण जैसे सवाल होंगे। सवाल परामर्श, चिकित्सा, व्यवहार, दवा, खानपान, सफाई समेत सेवा-सुविधा पर आधारित होंगे।
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पहले चरण में यह व्यवस्था कंप्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली के तहत ई-हॉस्पिटल परियोजना में चयनित अस्पतालों में लागू होगी। फिरोजाबाद जिला अस्पताल को योजना में शामिल किया गया है। प्रदेश में 30 अस्पतालों में ई-हॉस्पिटल परियोजना लागू हो रहीं हैं।
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इनमें रोगियों से संबंधित सूचना ऑनलाइन डाटा सिंक प्रक्रिया से सीधे एनआईसी दिल्ली के क्लाउड सर्वर मेघराज के जरिए मेरा अस्पताल सर्वर से साझा होगी। यह जिम्मेदारी हॉस्पिटल मैनेजर, क्वालिटी मैनेजर या एनयूएचएम कोआर्डिनेटर को दी जाएगी। सीएमओ डा. एसके दीक्षित ने बताया कि मरीज अब अस्पतालों का फीडबैक शासन को देंगे। कम रैंकिंग वाले अस्पतालों को सुधार के निर्देश दिए जाएंगे।
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स्वास्थ्य इकाइयों में पंजीकरण रजिस्टर पर भर्ती होने वाले रोगियों के नाम, सेलफोन नंबर, बीमारी, कब से कब तक भर्ती दर्ज किया जाएगा। छुट्टी के समय प्रश्नावली भरवाई जाएगी। इसमें आप अपने अस्पताल के अनुभवों से कितने संतुष्ट हैं, असंतुष्ट हैं तो कारण, किस कर्मचारी का व्यवहार संतोषजनक नहीं था, कौन सा स्थान साफ नहीं था, क्या आपको लगता है गुणवत्तायुक्त उपचार नहीं मिला, असंतोष के अन्य कारण जैसे सवाल होंगे। सवाल परामर्श, चिकित्सा, व्यवहार, दवा, खानपान, सफाई समेत सेवा-सुविधा पर आधारित होंगे।