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कैलादेवी मंदिर पर मंगला दर्शन के लिए उमड़ा भक्तों का सैलाब
Updated Mon, 19 Mar 2018 12:18 AM IST
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कैला देवी मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
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फिरोजाबाद। मां आदि शक्ति के प्रथम रूप शैलपुत्री के दर्शनों के लिए रविवार को मंदिरों में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। नवरात्रि के पहले दिन पूरा शहर मातारानी की भक्ति में रंगा नजर आया। श्री राज राजेश्वरी कैलादेवी सहित प्रमुख मंदिरों में पूजा-अर्चना के लिए सुबह से देर शाम तक भक्तों भीड़ रही।
रामलीला मैदान स्थित श्री राज राजेश्वरी कैलादेवी मंदिर पर सुबह चार बजे मंगला दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। श्रद्धालु हाथों में पूजा थाली, दीपक और प्रसाद लेकर मातारानी के दर्शनों को पहुंचे। दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों से भी श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिरों में पहुंची। घरों में घट स्थापना की गई। उसायनी स्थित मां वैष्णोदेवी धाम पर सुबह चार बजे मंगला दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं की कतार लगी रही। मंदिर प्रांगण में हवन यज्ञ कराया गया।
कोटला रोड स्थित बड़ी पथवारी माता मंदिर, नगला करन सिंह स्थित दुर्गा माता मंदिर, जलेसर रोड स्थित काली मंदिर, दुर्गा माता मंदिर, पथवारी माता मंदिर, चंद्रवार गेट, पेमेश्वर गेट, कोटला मोहल्ला, जोशियान, लेबर कालोनी, सुहाग नगर स्थित मां के मंदिरों में पूजा अर्चना को श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। मंदिरों के बाहर लगी दुकानों पर चुनरी, नारियल, प्रसाद खरीदने को भीड़ लगी रही। मंदिर मार्ग में जाम लगा रहा। वहीं नेजा चढ़ाने वाले श्रद्धालु नाचते-गाते मंदिरों में पहुंचे।
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श्री राज राजेश्वरी कैलादेवी मंदिर पर पहले ही जेबकट सक्रिय रहे। हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ में कई महिलाओं की चेन, लोगों के मोबाइल व पर्स चोरी हो गई। चेन, पर्स चोरी होने के कारण कुछ महिलाएं रोते हुए जाती दिखीं। कुछ महिलाओं ने मंदिर में बनी चौकी पर शिकायत दर्ज कराई। चौकी पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने पीड़ित महिलाओं के नाम पते दर्ज किए हैं।
कोटला रोड स्थित पथवारी माता मंदिर शहर में सबसे प्राचीन मंदिर है। यह मंदिर वर्षों पूर्व बहुत छोटी जगह में था। मंदिर के महंत सत्यप्रकाश बताते हैं कि पथवारी माता मंदिर 250 साल से भी अधिक पुराना है। इससे पूर्व शहर में कोई माता का मंदिर नहीं था। पथवारी माता के दर्शनों के लिए दूरदराज क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं।
करौली या बैलोन जाने से पूर्व यहां दर्शन करने श्रद्धालु अवश्य आते हैं। मंदिर की ऐसी मान्यता है जो श्रद्धालु पूरे श्रद्धा-भाव से मां की पूजा अर्चना करते हैं, मातारानी उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी करती हैं। वह बताते हैं कि हमारी तीन पीढ़ियां मां पथवारी की सेवा करती चली आ रही हैं। मुझसे पहले हमारे पिताजी इससे पूर्व हमारे बाबा ने मंदिर की सेवा की। मंदिर का संचालन बसंत उपाध्याय, ग्रीष अग्रवाल, दिनेश अग्रवाल, दीनदयाल अग्रवाल सहित आठ
सदस्यीय कमेटी करती है।
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रामलीला मैदान स्थित श्री राज राजेश्वरी कैलादेवी मंदिर पर सुबह चार बजे मंगला दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। श्रद्धालु हाथों में पूजा थाली, दीपक और प्रसाद लेकर मातारानी के दर्शनों को पहुंचे। दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों से भी श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिरों में पहुंची। घरों में घट स्थापना की गई। उसायनी स्थित मां वैष्णोदेवी धाम पर सुबह चार बजे मंगला दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं की कतार लगी रही। मंदिर प्रांगण में हवन यज्ञ कराया गया।
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कोटला रोड स्थित बड़ी पथवारी माता मंदिर, नगला करन सिंह स्थित दुर्गा माता मंदिर, जलेसर रोड स्थित काली मंदिर, दुर्गा माता मंदिर, पथवारी माता मंदिर, चंद्रवार गेट, पेमेश्वर गेट, कोटला मोहल्ला, जोशियान, लेबर कालोनी, सुहाग नगर स्थित मां के मंदिरों में पूजा अर्चना को श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। मंदिरों के बाहर लगी दुकानों पर चुनरी, नारियल, प्रसाद खरीदने को भीड़ लगी रही। मंदिर मार्ग में जाम लगा रहा। वहीं नेजा चढ़ाने वाले श्रद्धालु नाचते-गाते मंदिरों में पहुंचे।
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श्री राज राजेश्वरी कैलादेवी मंदिर पर पहले ही जेबकट सक्रिय रहे। हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ में कई महिलाओं की चेन, लोगों के मोबाइल व पर्स चोरी हो गई। चेन, पर्स चोरी होने के कारण कुछ महिलाएं रोते हुए जाती दिखीं। कुछ महिलाओं ने मंदिर में बनी चौकी पर शिकायत दर्ज कराई। चौकी पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने पीड़ित महिलाओं के नाम पते दर्ज किए हैं।
कोटला रोड स्थित पथवारी माता मंदिर शहर में सबसे प्राचीन मंदिर है। यह मंदिर वर्षों पूर्व बहुत छोटी जगह में था। मंदिर के महंत सत्यप्रकाश बताते हैं कि पथवारी माता मंदिर 250 साल से भी अधिक पुराना है। इससे पूर्व शहर में कोई माता का मंदिर नहीं था। पथवारी माता के दर्शनों के लिए दूरदराज क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं।
करौली या बैलोन जाने से पूर्व यहां दर्शन करने श्रद्धालु अवश्य आते हैं। मंदिर की ऐसी मान्यता है जो श्रद्धालु पूरे श्रद्धा-भाव से मां की पूजा अर्चना करते हैं, मातारानी उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी करती हैं। वह बताते हैं कि हमारी तीन पीढ़ियां मां पथवारी की सेवा करती चली आ रही हैं। मुझसे पहले हमारे पिताजी इससे पूर्व हमारे बाबा ने मंदिर की सेवा की। मंदिर का संचालन बसंत उपाध्याय, ग्रीष अग्रवाल, दिनेश अग्रवाल, दीनदयाल अग्रवाल सहित आठ
सदस्यीय कमेटी करती है।