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सुप्रीम कोर्ट के आदेश बावजूद नहीं लगे ईटीपी
Updated Sun, 03 Dec 2017 12:17 AM IST
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सुप्रीम कोर्ट
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फिरोजाबाद। सुप्रीम कोर्ट ने जल का अधिक शोधन करने वाली कांच इकाइयों में तीन माह में औद्योगिक प्रवाह शोधन संयंत्र (ईटीपी) लगाने के आदेश जारी किए थे। सुप्रीम कोर्ट की सख्ती भी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अफसर कांच इकाइयों में ईटीपी स्थापित नहीं करा सके।
सुहागनगरी के औद्योगिक क्षेत्र में कई ऐसी इकाइयां है, जिनमें कांच उत्पादों को धोने के लिए पानी का अधिक प्रयोग किया जाता है। कांच इकाइयों से निकालने वाला गंदा एवं केमिकलयुक्त यह पानी मुख्य नालों में बहता है। यह प्रदूषित पानी नाले के सहारे यमुना तक पहुंचता है।
यमुना तक पहुंचने वाला केमिकलयुक्त पानी आमजन के लिए काफी हानिकारक है। आम लोगों की जिंदगी को अहम बताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने फरवरी माह में ऐसी इकाइयों में तीन माह के अंदर औद्योगिक प्रवाह शोधन संयत्र (ईटीपी) लगवाने के आदेश जारी किए थे।
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सुप्रीम कोर्ट ने सख्त चेतावनी दी थी कि ईटीपी न लगाने वाले उद्योगों को बंद कराया जाए। उनकी विद्युत आपूर्ति काट दी जाए। इन इकाइयों को दोबारा तभी चालू किया जाए, जब ईटीपी स्थापित हो जाए। सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को सभी इकाइयों को सामूहिक रूप से नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश को जारी हुए दस माह गुजर गए लेकिन प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के जिम्मेदार अफसरों ने कांच इकाइयों में ईटीपी लगवाने में कोई रुचि नहीं दिखाई।
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सुहागनगरी के औद्योगिक क्षेत्र में कई ऐसी इकाइयां है, जिनमें कांच उत्पादों को धोने के लिए पानी का अधिक प्रयोग किया जाता है। कांच इकाइयों से निकालने वाला गंदा एवं केमिकलयुक्त यह पानी मुख्य नालों में बहता है। यह प्रदूषित पानी नाले के सहारे यमुना तक पहुंचता है।
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यमुना तक पहुंचने वाला केमिकलयुक्त पानी आमजन के लिए काफी हानिकारक है। आम लोगों की जिंदगी को अहम बताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने फरवरी माह में ऐसी इकाइयों में तीन माह के अंदर औद्योगिक प्रवाह शोधन संयत्र (ईटीपी) लगवाने के आदेश जारी किए थे।
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सुप्रीम कोर्ट ने सख्त चेतावनी दी थी कि ईटीपी न लगाने वाले उद्योगों को बंद कराया जाए। उनकी विद्युत आपूर्ति काट दी जाए। इन इकाइयों को दोबारा तभी चालू किया जाए, जब ईटीपी स्थापित हो जाए। सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को सभी इकाइयों को सामूहिक रूप से नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश को जारी हुए दस माह गुजर गए लेकिन प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के जिम्मेदार अफसरों ने कांच इकाइयों में ईटीपी लगवाने में कोई रुचि नहीं दिखाई।