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रेलवे जंक्शन पर शिक्षामित्रों ने किया प्रदर्शन
Updated Tue, 01 Aug 2017 11:31 PM IST
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कासगंज के रेलवे जंक्शन पर प्रदर्शन करते शिक्षामित्र।
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कासगंज।
समायोजित शिक्षामित्र, शिक्षकों का समायोजन रद्द होने के विरोध में शिक्षामित्रों का आंदोलन जारी है। आंदोलनकारी शिक्षामित्रों ने मंगलवार को रेल रोकने की योजना बनाई। हालांकि जंक्शन पर ट्रेन न होने के कारण शिक्षामित्र ट्रेन तो नहीं रोक सके लेकिन जंक्शन पर प्रदर्शन कर लौट आए। रेलवे जंक्शन पर प्रदर्शन और रेल रोकने की सूचना पर आरपीएफ के अलावा रेलवे पुलिस एवं सिविल प्रशासन हरकत में आ गया।
आंदोलनकारी शिक्षामित्र मंगलवार दोपहर रेलवे जंक्शन पहुंचे। रेलवे जंक्शन पर शिक्षामित्रों की भीड़ ने प्रवेश किया। शिक्षामित्रों की नारेबाजी सुनकर तुरंत आरपीएफ सक्रिय हो गया। आरपीएफ पुलिस के प्रभारी ने आंदोलन के नेताओं से बात की। उन्होंने रेलवे स्टेशन पर रेल न रोके जाने के लिए समझाया। प्रदर्शन के बाद शिक्षामित्र जंक्शन से लौट गए और सड़कों पर नारेबाजी करते हुए धरनास्थल प्रभु पार्क पर पहुंच गए।
शासन प्रशासन के समक्ष उन्होंने जमकर नारेबाजी की। एसडीएम देवेंद्र प्रताप और सीओ शैलेंद्र लाल ने धरना स्थल पहुंचकर शिक्षामित्रों को समझाया कि शांतिपूर्वक अपना आंदोलन करें। इस पर शिक्षामित्रों ने भी प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को शांतिपूर्वक आंदोलन करने का भरोसा दिलाया। धरने के दौरान शिक्षामित्रों ने योगी सरकार के द्वारा शिक्षामित्रों के हक में फैसला लेने में देरी करने पर आक्रोश जताया। शिक्षामित्र संघ नेता जसवीर यादव एवं दक्ष यादव ने कहा कि शिक्षामित्रों की परेशानी को सरकार गंभीरता से नहीं ले रही।
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इतना समय बीत जाने पर सरकार को समाधान का रास्ता खोज लेना चाहिए था। रितेश द्विवेदी, संजीव कुमार, सुखवीर, मुकेश, अवनेश चौहान, अभय यादव, अनिल यादव, नरेश मौर्य, मनोज कुमार, राधाकृष्ण, जितेंद्र कुमार, प्रदीप कुमार, साधना, शालिनी शर्मा, ज्योति चौहान, तारा राजपूत, सरस्वीत, वंदना, परवीन बौबी, रीमा पाल, श्यामवीर, ओमप्रकाश, मनोज, सरोज, निशा, पुष्पेंद्र सहित सैंकड़ों शिक्षामित्र मौजूद रहे।
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समायोजित शिक्षामित्र, शिक्षकों का समायोजन रद्द होने के विरोध में शिक्षामित्रों का आंदोलन जारी है। आंदोलनकारी शिक्षामित्रों ने मंगलवार को रेल रोकने की योजना बनाई। हालांकि जंक्शन पर ट्रेन न होने के कारण शिक्षामित्र ट्रेन तो नहीं रोक सके लेकिन जंक्शन पर प्रदर्शन कर लौट आए। रेलवे जंक्शन पर प्रदर्शन और रेल रोकने की सूचना पर आरपीएफ के अलावा रेलवे पुलिस एवं सिविल प्रशासन हरकत में आ गया।
आंदोलनकारी शिक्षामित्र मंगलवार दोपहर रेलवे जंक्शन पहुंचे। रेलवे जंक्शन पर शिक्षामित्रों की भीड़ ने प्रवेश किया। शिक्षामित्रों की नारेबाजी सुनकर तुरंत आरपीएफ सक्रिय हो गया। आरपीएफ पुलिस के प्रभारी ने आंदोलन के नेताओं से बात की। उन्होंने रेलवे स्टेशन पर रेल न रोके जाने के लिए समझाया। प्रदर्शन के बाद शिक्षामित्र जंक्शन से लौट गए और सड़कों पर नारेबाजी करते हुए धरनास्थल प्रभु पार्क पर पहुंच गए।
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शासन प्रशासन के समक्ष उन्होंने जमकर नारेबाजी की। एसडीएम देवेंद्र प्रताप और सीओ शैलेंद्र लाल ने धरना स्थल पहुंचकर शिक्षामित्रों को समझाया कि शांतिपूर्वक अपना आंदोलन करें। इस पर शिक्षामित्रों ने भी प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को शांतिपूर्वक आंदोलन करने का भरोसा दिलाया। धरने के दौरान शिक्षामित्रों ने योगी सरकार के द्वारा शिक्षामित्रों के हक में फैसला लेने में देरी करने पर आक्रोश जताया। शिक्षामित्र संघ नेता जसवीर यादव एवं दक्ष यादव ने कहा कि शिक्षामित्रों की परेशानी को सरकार गंभीरता से नहीं ले रही।
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इतना समय बीत जाने पर सरकार को समाधान का रास्ता खोज लेना चाहिए था। रितेश द्विवेदी, संजीव कुमार, सुखवीर, मुकेश, अवनेश चौहान, अभय यादव, अनिल यादव, नरेश मौर्य, मनोज कुमार, राधाकृष्ण, जितेंद्र कुमार, प्रदीप कुमार, साधना, शालिनी शर्मा, ज्योति चौहान, तारा राजपूत, सरस्वीत, वंदना, परवीन बौबी, रीमा पाल, श्यामवीर, ओमप्रकाश, मनोज, सरोज, निशा, पुष्पेंद्र सहित सैंकड़ों शिक्षामित्र मौजूद रहे।