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500 रुपये तक का जूता करमुक्त करने की मांग

Sun, 18 Jun 2017 12:52 AM IST
Updated Sun, 18 Jun 2017 12:52 AM IST
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500 रुपये तक का जूता करमुक्त करने की मांग
आगरा। वस्तु एवं सेवा कर में 500 रुपये तक के जूते पर पांच फीसदी और उससे महंगे फुटवियर पर 18 फीसदी टैक्स का विरोध करते हुए आगरा के जूता उद्यमियों ने शनिवार को वित्त राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल से मुलाकात की। उद्यमियों ने 500 रुपये तक जूते को करमुक्त, 500 से एक हजार रुपये पर पांच फीसदी और एक हजार से महंगे फुटवियर पर 12 फीसदी टैक्स की मांग उठाई। रविवार को होने वाली जीएसटी काउंसिल बैठक में वित्त राज्यमंत्री ने यह मसला उठाने का भरोसा दिलाया।
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आगरा फुटवियर मैन्यूफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्ट्स चैंबर अध्यक्ष पूरन डावर और आगरा शू फैक्टर्स फेडरेशन के अध्यक्ष गागन दास रामानी ने शनिवार को प्रतिनिधिमंडल के साथ वित्त राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि 3.5 लाख कारीगर जूता उद्योग से जुड़े हैं। गरीबों के लिए सस्ते जूते पर टैक्स न लगाया जाए। इसलिए 500 रुपये तक का फुटवियर करमुक्त किया जाए। उससे अधिक 999 रुपये पर पांच और एक हजार से ज्यादा कीमत पर 12 फीसदी टैक्स लिया जाए। फुटवियर कंपोनेंट पर 28 की जगह पांच फीसदी कर लगाया जाए। भारी जीएसटी थोपने से फुटवियर उद्योग खत्म हो जाएगा और बेरोजगारी फैल जाएगी। उद्यमियों ने राज्यमंत्री को उनका मीट एट आगरा के उद्घाटन पर किया गया वादा भी याद दिलाया। प्रतिनिधिमंडल में मोहन लाल कश्यप, दिलीप खूबचंदानी, अनिल लाल, विजय जातना, नरेंद्र पुरसनानी, रोहित ग्रोवर आदि मौजूद रहे।
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उभरी मोहर से छपेगा जूते का मूल्य
आगरा। जीएसटी लागू होने के बाद जूते की कीमत को उभरी हुई मोहर से अंकित करना होगा। इसके लिए एंबोस मशीन की जरूरत पड़ेगी। सीए सौरभ अग्रवाल ने जीएसटी में आईटीसी क्लेम करने के तरीके बताए। उन्होंने शनिवार को इंस्टीट्यूट आफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स आफ इंडिया कार्यालय पर हुई जीएसटी वर्कशॉप में बताया कि यहां जूता कुटीर उद्योग के रूप में चलता है। 500 रुपये तक के जूते पर पांच फीसदी कर लगेगा। साड़ी को कपड़ा या रेडीमेड वस्त्र मानने पर चल रहे संशय पर सीए ने कहा कि साड़ी को कपड़ा मानते हुए पांच फीसदी ही टैक्स लगेगा, लेकिन लहंगा चोली पर 12 फीसदी जीएसटी लागू होगा। सीए राहुल लखवानी ने बताया कि पहले एक्साइज, वैट में आईटीसी क्लेम करने के लिए टैक्स इनवॉइस की जरूरत थी, लेकिन अब नई शर्तें आ गई हैं। लाभ हानिक खाते में डाले गए खर्चों पर भी आईटीसी मिलेगा। वर्कशॉप में शाखा अध्यक्ष सीए रोहित दुआ, सुदीप जैन, शरद पालीवाल आदि मौजूद रहे।
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