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UP: मकान का सौदा कर 58 लाख की धोखाधड़ी, पहले से हो रखा था लोन; पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
Mon, 16 Feb 2026 08:31 PM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Mon, 16 Feb 2026 08:31 PM IST
सार
मकान का साैदा 1.10 करोड़ रुपये में किया गया था। इकरारनामा करने के बाद 95 लाख रुपये का भुगतान किया, जिसमें 53 लाख रुपये के चेक और 42 लाख रुपये नकद शामिल थे।
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- फोटो : फाइल फोटो
विस्तार
आगरा के थाना सिकंदरा के बजरंग नगर निवासी दंपती पर मकान का सौदा करने के नाम पर 58 लाख हड़पने का आरोप लगा है। पीड़ित महिला की शिकायत पर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
आगरा कैंट की रेलवे अधिकारी कॉलोनी निवासी आरती शर्मा पत्नी संजीव कुमार शर्मा ने डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास से शिकायत की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि 25 अप्रैल 2025 को बजरंग नगर, सिकंदरा स्थित मकान का सौदा क्षमा गोस्वामी और उनके पति मनोज गिरि से 1.10 करोड़ रुपये में किया था। इकरारनामा करने के बाद उन्होंने कुल 95 लाख रुपये का भुगतान किया, जिसमें 53 लाख रुपये के चेक और 42 लाख रुपये नकद शामिल थे।
जब उन्होंने बैंक से उक्त मकान पर लोन के लिए आवेदन किया तो पता चला कि मकान के छत की रजिस्ट्री पहले ही किसी अन्य व्यक्ति के नाम होने की जानकारी मिली। मकान पर पहले से लोन भी लिया हुआ था। इस पर मई 2025 में उन्होंने मकान लेने से मना कर दिया और धनराशि वापस करने की मांग की। 5 नवंबर 2025 को पुराना इकरारनामा रद्द कर चेक दिए गए, जो बैंक में प्रस्तुत करने पर बाउंस हो गए। आरोपियों ने अब तक 37 लाख रुपये वापस किए हैं, जबकि 58 लाख रुपये शेष हैं। डीसीपी सिटी के आदेश पर थाना सिकंदरा पुलिस प्राथमिकी दर्ज की है।
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आगरा कैंट की रेलवे अधिकारी कॉलोनी निवासी आरती शर्मा पत्नी संजीव कुमार शर्मा ने डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास से शिकायत की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि 25 अप्रैल 2025 को बजरंग नगर, सिकंदरा स्थित मकान का सौदा क्षमा गोस्वामी और उनके पति मनोज गिरि से 1.10 करोड़ रुपये में किया था। इकरारनामा करने के बाद उन्होंने कुल 95 लाख रुपये का भुगतान किया, जिसमें 53 लाख रुपये के चेक और 42 लाख रुपये नकद शामिल थे।
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जब उन्होंने बैंक से उक्त मकान पर लोन के लिए आवेदन किया तो पता चला कि मकान के छत की रजिस्ट्री पहले ही किसी अन्य व्यक्ति के नाम होने की जानकारी मिली। मकान पर पहले से लोन भी लिया हुआ था। इस पर मई 2025 में उन्होंने मकान लेने से मना कर दिया और धनराशि वापस करने की मांग की। 5 नवंबर 2025 को पुराना इकरारनामा रद्द कर चेक दिए गए, जो बैंक में प्रस्तुत करने पर बाउंस हो गए। आरोपियों ने अब तक 37 लाख रुपये वापस किए हैं, जबकि 58 लाख रुपये शेष हैं। डीसीपी सिटी के आदेश पर थाना सिकंदरा पुलिस प्राथमिकी दर्ज की है।
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