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पहले दिन 15 फीसदी से अधिक ने छोड़ी परीक्षा
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पहले दिन 15 फीसदी से अधिक ने छोड़ी परीक्षा
- फोटो : अमर उजाला
एटा। पहले दिन की अनिवार्य परीक्षा में हाईस्कूल के 15 फीसदी से अधिक परीक्षार्थी मैदान छोड़ गए। सुबह की पाली में संपन्न हिंदी में पंजीकृत 33808 में से 5134 वहीं सामान्य हिंदी में पंजीकृत सभी 18 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। शाम की पाली में संपन्न इंटर हिंदी परीक्षा में भी दस प्रतिशत आवेदक परीक्षा में शामिल ही नहीं हुए।
सभी 97 परीक्षा केंद्रों पर संपन्न परीक्षा शांतिपूर्ण रहीं। डबल सीसीटीवी कैमरा व वॉइस रिकार्डर का असर परीक्षाओं में दिखाई दिया। हाईस्कूल हिंदी परीक्षा में 15 फीसदी से अधिक मैदान छोड़ गए। सचल दल, स्टेटिक एवं सेक्टर मजिस्ट्रेट ने दर्जनों केंद्रों का निरीक्षण कर नकल विहीन परीक्षाओं का जायजा लिया लेकिन कोई नकलची नहीं पकड़ा गया। शाम की पाली में इंटर परीक्षार्थियों में कैमरों का खौफ दिखाई दिया। प्रधानाचार्यों के अनुसार कक्ष निरीक्षक सक्रिय रहे वहीं परीक्षार्थियों ने नकल के प्रयास नहीं किए।
कई केंद्रों पर प्रवेश पत्र, नामावलियों की त्रुटियों से परीक्षार्थी ही नहीं केंद्र व्यवस्थापक भी परेशान रहे। हर परीक्षा केंद्र पर प्रवेशपत्र फोटो, त्रुटिपूर्ण नाम, नामावलियों की गलतियों का रोना रहा।
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नहीं लिख पा रहे अनुक्रमांक
सुबह की पाली में शामिल बहुत से हाईस्कूल परीक्षार्थी तो अपना अनुक्रमांक भी नहीं लिख पा रहे थे। आरएलसीएस केंद्र पर एक परीक्षार्थी ने लाख हजार में अनुक्रमांक लिखने के बजाय गिनती में ही लिख दिया। कक्ष निरीक्षक ने भी इसे चेक कर दिया लेकिन संकलन के दौरान इसे अंकों में भी लिखा गया।
रोल नंबर की जगह लिख दिया कॉपी कोड
एक परीक्षार्थी ने तो अनुक्रमांक की जगह कापी का कोड ही लिख दिया। अलग डिजिट के अनुक्रमांक देखकर कक्ष निरीक्षक से लेकर परीक्षा संचालक तक परेशान दिखे। लेकिन प्रवेशपत्र से मिलान के बाद यह पकड़ में आ गया। और संशोधन किया गया।
बरेली के संस्थागत परीक्षार्थी
अन्य जिलों के परीक्षार्थी दिखाई दिए। कुछ परीक्षार्थी तो अपने स्कूल का नाम भी नहीं बता पा रहे थे। इतना ही नहीं बरेली का एक छात्र स्थानीय सर्वोदय इंटर कालेज के बजाय सर्वोदय इंटर कालेज नाजिरपुर पहुंच गया।
शासन की सख्ती के साथ ही नकलचियों में सीसीटीवी-वॉइस रिकार्डर का खौफ रहा। आरएलसीएस केंद्र पर पंजीकृत 302 परीक्षार्थियों में 75 परीक्षा छोड़ गए। सख्ती के चलते अगले पेपर में अनुपस्थिति और बढ़ेगी।
डॉ सुबोध कुमार, स्टेटिक मजिस्ट्रेट
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सभी 97 परीक्षा केंद्रों पर संपन्न परीक्षा शांतिपूर्ण रहीं। डबल सीसीटीवी कैमरा व वॉइस रिकार्डर का असर परीक्षाओं में दिखाई दिया। हाईस्कूल हिंदी परीक्षा में 15 फीसदी से अधिक मैदान छोड़ गए। सचल दल, स्टेटिक एवं सेक्टर मजिस्ट्रेट ने दर्जनों केंद्रों का निरीक्षण कर नकल विहीन परीक्षाओं का जायजा लिया लेकिन कोई नकलची नहीं पकड़ा गया। शाम की पाली में इंटर परीक्षार्थियों में कैमरों का खौफ दिखाई दिया। प्रधानाचार्यों के अनुसार कक्ष निरीक्षक सक्रिय रहे वहीं परीक्षार्थियों ने नकल के प्रयास नहीं किए।
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कई केंद्रों पर प्रवेश पत्र, नामावलियों की त्रुटियों से परीक्षार्थी ही नहीं केंद्र व्यवस्थापक भी परेशान रहे। हर परीक्षा केंद्र पर प्रवेशपत्र फोटो, त्रुटिपूर्ण नाम, नामावलियों की गलतियों का रोना रहा।
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नहीं लिख पा रहे अनुक्रमांक
सुबह की पाली में शामिल बहुत से हाईस्कूल परीक्षार्थी तो अपना अनुक्रमांक भी नहीं लिख पा रहे थे। आरएलसीएस केंद्र पर एक परीक्षार्थी ने लाख हजार में अनुक्रमांक लिखने के बजाय गिनती में ही लिख दिया। कक्ष निरीक्षक ने भी इसे चेक कर दिया लेकिन संकलन के दौरान इसे अंकों में भी लिखा गया।
रोल नंबर की जगह लिख दिया कॉपी कोड
एक परीक्षार्थी ने तो अनुक्रमांक की जगह कापी का कोड ही लिख दिया। अलग डिजिट के अनुक्रमांक देखकर कक्ष निरीक्षक से लेकर परीक्षा संचालक तक परेशान दिखे। लेकिन प्रवेशपत्र से मिलान के बाद यह पकड़ में आ गया। और संशोधन किया गया।
बरेली के संस्थागत परीक्षार्थी
अन्य जिलों के परीक्षार्थी दिखाई दिए। कुछ परीक्षार्थी तो अपने स्कूल का नाम भी नहीं बता पा रहे थे। इतना ही नहीं बरेली का एक छात्र स्थानीय सर्वोदय इंटर कालेज के बजाय सर्वोदय इंटर कालेज नाजिरपुर पहुंच गया।
शासन की सख्ती के साथ ही नकलचियों में सीसीटीवी-वॉइस रिकार्डर का खौफ रहा। आरएलसीएस केंद्र पर पंजीकृत 302 परीक्षार्थियों में 75 परीक्षा छोड़ गए। सख्ती के चलते अगले पेपर में अनुपस्थिति और बढ़ेगी।
डॉ सुबोध कुमार, स्टेटिक मजिस्ट्रेट