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बंदरों के हमले से मकान की छत से गिरी युवती
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बंदर
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कोसीकलां (मथुरा)। बंदरों के हमले से एक युवती मकान की छत से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गई। लालाराम मार्ग पर बंदर कमरे से टिफिन उठाकर ले गए थे, युवती उसे छुड़ाने छत पर चली गई तभी बंदरों ने हमला कर दिया।
बंदरों के हमले से युवती मकान की छत से गिर गई और सिर में गंभीर चोट आई थी। इस मोहल्ले में पहले भी कई लोगों पर बंदर हमला कर चुके हैं। लोगों में प्रशासन के प्रति भारी गुस्सा है।
लालाराम मार्ग निवासी हनीफ कुरैशी की पुत्री कौशर (18) शुक्रवार को घर पर बैठी थी। तभी कुछ बंदर छत से नीचे आ गए और टिफिन उठाकर ले गए, जिसको छुड़ाने के लिए वह बंदरों के पीछे छत पर चली गई। अचानक छत पर काफी बंदर आ गए और उन्होंने उस पर हमला बोल दिया।
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बंदरों से बचने के लिए कौशर चिल्लाने लगी लेकिन बंदर पीछे नहीं हटे। बंदरों के हमले से कौशर छत से नीचे गिर गई। छत से गिरने के कारण उसके सिर पर गंभीर चोट आई। परिवारवाले उसे उपचार के लिए अस्पताल ले गए।
लोगों का कहना है कि कई दफा प्रशासनिक अफसरों से बंदरों को पकड़वाने की मांग की जा चुकी है लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। अगर प्रशासन ने बंदरों के उत्पात से निजात दिला दी होती तो कौशर गंभीर रूप से घायल नही होती।
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बंदरों के हमले से युवती मकान की छत से गिर गई और सिर में गंभीर चोट आई थी। इस मोहल्ले में पहले भी कई लोगों पर बंदर हमला कर चुके हैं। लोगों में प्रशासन के प्रति भारी गुस्सा है।
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लालाराम मार्ग निवासी हनीफ कुरैशी की पुत्री कौशर (18) शुक्रवार को घर पर बैठी थी। तभी कुछ बंदर छत से नीचे आ गए और टिफिन उठाकर ले गए, जिसको छुड़ाने के लिए वह बंदरों के पीछे छत पर चली गई। अचानक छत पर काफी बंदर आ गए और उन्होंने उस पर हमला बोल दिया।
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बंदरों से बचने के लिए कौशर चिल्लाने लगी लेकिन बंदर पीछे नहीं हटे। बंदरों के हमले से कौशर छत से नीचे गिर गई। छत से गिरने के कारण उसके सिर पर गंभीर चोट आई। परिवारवाले उसे उपचार के लिए अस्पताल ले गए।
लोगों का कहना है कि कई दफा प्रशासनिक अफसरों से बंदरों को पकड़वाने की मांग की जा चुकी है लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। अगर प्रशासन ने बंदरों के उत्पात से निजात दिला दी होती तो कौशर गंभीर रूप से घायल नही होती।