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डूडा के पूर्व कर्मचारियों पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज
Updated Sat, 07 Jul 2018 11:46 PM IST
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डेमो
- फोटो : डेमो
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वृंदावन (मथुरा)। जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) की वृंदावन कांशीराम शहरी गरीब आवास योजना में आवंटित हुए आवासों में फर्जीवाड़ा पकड़ में आया है। डूडा के पूर्व कर्मचारियों के खिलाफ शहर मिशन प्रबंधक ने धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से फर्जी मुहरें और मोबाइल बरामद किया है।
नगर पालिका के पूर्व सभासद राजीव कुमार ने 20 फरवरी को डूडा कार्यालय में दिए शिकायती पत्र में विभाग के पूर्व कर्मचारी विजय पाठक और राहुल अग्रवाल पर आरोप लगाया था कि दोनों द्वारा सुनियोजित तरीके से कांशीराम आवासीय योजना के साथ ही अन्य योजनाओं में फर्जी तरीके से वसूली करके अवैध आवंटन पत्र दिए जा रहे हैं।
दोनों कंप्यूटर और मोबाइल में विभाग के महत्वपूर्ण पत्रों एवं फाइलों के फोटो कर उनका दुरुपयोग कर रहे हैं। विभाग की कई मुहरें भी इनके पास हैं। डीएम के आदेश पर हुई जांच में पाया कि कांशीराम आवास संख्या 20 जी 3 तथा 23 जी 2 कार्यालय से आवंटित हुए ही नहीं। जबकि 20 जी 3 में नीलम, 23 जी 2 में हुस्ना रहते मिले।
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आवास संख्या 14 एफ 2 कार्यालय द्वारा गिरजा शंकर के नाम आवंटित है, जबकि इसमें राधा रहती मिलीं। आवास संख्या एफ 1 को कृष्णा लहरी के नाम पर आवंटित है लेकिन कृष्णा लहरी आवास संख्या 44 जी 2 में रहती मिलीं। जब कागजी दस्तावेजों की जांच की गई तो आवंटन पत्र फर्जी पाए गए।
जांच में यह भी सामने आया कि विजय पाठक द्वारा इन कई लोगों से 30000 से 40000 रुपये लेकर सरकारी अधिकारियों के कंप्यूटर द्वारा फर्जी हस्ताक्षर बनाकर आवंटन कर दिए गए। जांच के बाद शहर मिशन प्रबंधक डूडा मनीष कुमार वर्मा ने वृंदावन कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने शनिवार सुबह विजय पाठक निवासी मानस मंदिर को घर से गिरफ्तार कर उनके कब्जे से डूडा के परियोजना निदेशक, परियोजना अधिकारी और जिला नगरी विकास अभिकरण की तीन मुहरों के साथ मोबाइल बरामद किया है। जबकि दूसरे की तलाश की जा रही है।
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नगर पालिका के पूर्व सभासद राजीव कुमार ने 20 फरवरी को डूडा कार्यालय में दिए शिकायती पत्र में विभाग के पूर्व कर्मचारी विजय पाठक और राहुल अग्रवाल पर आरोप लगाया था कि दोनों द्वारा सुनियोजित तरीके से कांशीराम आवासीय योजना के साथ ही अन्य योजनाओं में फर्जी तरीके से वसूली करके अवैध आवंटन पत्र दिए जा रहे हैं।
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दोनों कंप्यूटर और मोबाइल में विभाग के महत्वपूर्ण पत्रों एवं फाइलों के फोटो कर उनका दुरुपयोग कर रहे हैं। विभाग की कई मुहरें भी इनके पास हैं। डीएम के आदेश पर हुई जांच में पाया कि कांशीराम आवास संख्या 20 जी 3 तथा 23 जी 2 कार्यालय से आवंटित हुए ही नहीं। जबकि 20 जी 3 में नीलम, 23 जी 2 में हुस्ना रहते मिले।
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आवास संख्या 14 एफ 2 कार्यालय द्वारा गिरजा शंकर के नाम आवंटित है, जबकि इसमें राधा रहती मिलीं। आवास संख्या एफ 1 को कृष्णा लहरी के नाम पर आवंटित है लेकिन कृष्णा लहरी आवास संख्या 44 जी 2 में रहती मिलीं। जब कागजी दस्तावेजों की जांच की गई तो आवंटन पत्र फर्जी पाए गए।
जांच में यह भी सामने आया कि विजय पाठक द्वारा इन कई लोगों से 30000 से 40000 रुपये लेकर सरकारी अधिकारियों के कंप्यूटर द्वारा फर्जी हस्ताक्षर बनाकर आवंटन कर दिए गए। जांच के बाद शहर मिशन प्रबंधक डूडा मनीष कुमार वर्मा ने वृंदावन कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने शनिवार सुबह विजय पाठक निवासी मानस मंदिर को घर से गिरफ्तार कर उनके कब्जे से डूडा के परियोजना निदेशक, परियोजना अधिकारी और जिला नगरी विकास अभिकरण की तीन मुहरों के साथ मोबाइल बरामद किया है। जबकि दूसरे की तलाश की जा रही है।