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पायलट को श्रद्धांजलि देने लखनऊ रवाना हुए ग्रामीण
Updated Wed, 06 Jun 2018 06:32 PM IST
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बेवर। गुजरात के कच्छ जिले में दुर्घटनाग्रस्त हुए लड़ाकू विमान में मैनपुरी के लाल संजय सिंह चौहान शहीद हो गए। उनकी शहादत की खबर जैसे ही बेवर क्षेत्र के पैतृक गांव जासमई पहुंची तो पूरा गांव शोक में डूब गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए लखनऊ रवाना हो गए।
बेवर के गांव जासमई निवासी संजय सिंह चौहान वायु सेना में एयर कमांडर के रूप में तैनात थे। मंगलवार को उनका लड़ाकू विमान गुजरात के कच्छ में हादसे का शिकार हो गया। हादसे में पायलट संजय सिंह चौहान शहीद हो गए। मंगलवार देर रात हादसे की खबर उनके पैतृक गांव जासमई पहुंची तो पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। कुछ परिजन और ग्रामीण रात में तो कुछ सुबह होते ही उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए उनके लखनऊ स्थित आवास के लिए रवाना हो गए।
शहीद पायलट संजय सिंह चौहान के पिता नत्थू सिंह चौहान सेना में कर्नल के पद पर तैनात थे। तीस वर्ष पहले वह परिवार के साथ लखनऊ शिफ्ट हो गए थे। गांव में उनका एक पुराना मकान बना है। साथ ही लगभग एक दो बीघा जमीन भी पड़ी है। उनके चचेरे भाई चंद्रप्रकाश चौहान ने बताया कि देर रात उनके निधन की सूचना मिली। परिवार के अन्य सदस्य लखनऊ निकल गए हैं।
बेवर के गांव जासमई निवासी संजय सिंह चौहान वायु सेना में एयर कमांडर के रूप में तैनात थे। मंगलवार को उनका लड़ाकू विमान गुजरात के कच्छ में हादसे का शिकार हो गया। हादसे में पायलट संजय सिंह चौहान शहीद हो गए। मंगलवार देर रात हादसे की खबर उनके पैतृक गांव जासमई पहुंची तो पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। कुछ परिजन और ग्रामीण रात में तो कुछ सुबह होते ही उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए उनके लखनऊ स्थित आवास के लिए रवाना हो गए।
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शहीद पायलट संजय सिंह चौहान के पिता नत्थू सिंह चौहान सेना में कर्नल के पद पर तैनात थे। तीस वर्ष पहले वह परिवार के साथ लखनऊ शिफ्ट हो गए थे। गांव में उनका एक पुराना मकान बना है। साथ ही लगभग एक दो बीघा जमीन भी पड़ी है। उनके चचेरे भाई चंद्रप्रकाश चौहान ने बताया कि देर रात उनके निधन की सूचना मिली। परिवार के अन्य सदस्य लखनऊ निकल गए हैं।
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