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निगम बनने के बाद भी नई आबादी को नहीं मिलीं मूलभूत सुविधाएं
Updated Mon, 23 Apr 2018 11:51 PM IST
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फिरोजाबाद। जिस आस के साथ फिरोजाबाद को नगर निगम का दर्जा दिया गया वह आस भी टूटती नजर आ रही है। निगम का दर्जा मिलने के बाद भी नई आबादी के हालात अभी भी नहीं सुधर सके। मूलभूत सुविधाएं तक नहीं हैं। कच्ची व जर्जर सड़कें इसकी गवाही दे रहीं हैं। करोड़ों खर्च होने के बाद भी नई आबादी की जनता प्यास बुझाने को बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रही है। स्ट्रीट लाइट के अभाव में शाम होते ही गली-मोहल्ले में अंधेरा छा जाता है।
वर्ष 2008 में शहर से सटी 13 ग्राम सभाएं नगर पालिका में शामिल कर ली गई थीं। इन्हें शामिल हुए करीब दस वर्ष बीतने को आ गए हैं। फिरोजाबाद तब नगर पालिका था और अब नगर निगम है लेकिन नई आबादी के हालात वहीं हैं। लोग आज भी कच्ची एवं दलदल युक्त सड़कों से गुजरने को मजबूर है। कुछ मोहल्लों में पाइप लाइन तो डाल दी गई लेकिन कनेक्शन आज तक नहीं हुए हैं।
वहीं नलकूप, सबमर्सिबल न होने से पेयजल का गंभीर संकट बना रहता है। ऐसी स्थिति में जनता दूरदराज से अथवा प्राइवेट सबमर्सिबल से मोल पानी खरीद कर पीने को मजबूर है। क्षेत्र की जनता हर रोज नगर निगम व जलकल विभाग में अफसरों के सामने गुहार लगाने को मजबूर हैं लेकिन अफसर आश्वासन के कुछ नहीं दे सके।
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महापौर नूतन राठौर ने सोमवार को वार्ड नंबर-36 नगला पचिया का निरीक्षण किया। इस दौरान क्षेत्रीय जनता ने पेयजल की समस्या बताई। वहीं सड़कों पर जगह-जगह खुले कनेक्शनों नालियों में पानी बहता मिला। महापौर ने महिलाओं को पानी की बर्बादी रोकने को जागरूक किया। उन्होंने कहा कि जिन घरों में कनेक्शन खुले हैं, वह ठीक करा लें। निरीक्षण में जलकल विभाग के अवर अभियंता पीके सिंह, सेनेटरी इंसपेक्टर श्याम सुंदर, पार्षद सतीश राठौर, मंडल अध्यक्ष भूरी सिंह राठौर शामिल थे।
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वर्ष 2008 में शहर से सटी 13 ग्राम सभाएं नगर पालिका में शामिल कर ली गई थीं। इन्हें शामिल हुए करीब दस वर्ष बीतने को आ गए हैं। फिरोजाबाद तब नगर पालिका था और अब नगर निगम है लेकिन नई आबादी के हालात वहीं हैं। लोग आज भी कच्ची एवं दलदल युक्त सड़कों से गुजरने को मजबूर है। कुछ मोहल्लों में पाइप लाइन तो डाल दी गई लेकिन कनेक्शन आज तक नहीं हुए हैं।
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वहीं नलकूप, सबमर्सिबल न होने से पेयजल का गंभीर संकट बना रहता है। ऐसी स्थिति में जनता दूरदराज से अथवा प्राइवेट सबमर्सिबल से मोल पानी खरीद कर पीने को मजबूर है। क्षेत्र की जनता हर रोज नगर निगम व जलकल विभाग में अफसरों के सामने गुहार लगाने को मजबूर हैं लेकिन अफसर आश्वासन के कुछ नहीं दे सके।
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महापौर नूतन राठौर ने सोमवार को वार्ड नंबर-36 नगला पचिया का निरीक्षण किया। इस दौरान क्षेत्रीय जनता ने पेयजल की समस्या बताई। वहीं सड़कों पर जगह-जगह खुले कनेक्शनों नालियों में पानी बहता मिला। महापौर ने महिलाओं को पानी की बर्बादी रोकने को जागरूक किया। उन्होंने कहा कि जिन घरों में कनेक्शन खुले हैं, वह ठीक करा लें। निरीक्षण में जलकल विभाग के अवर अभियंता पीके सिंह, सेनेटरी इंसपेक्टर श्याम सुंदर, पार्षद सतीश राठौर, मंडल अध्यक्ष भूरी सिंह राठौर शामिल थे।