{"_id":"5a5b9a6e4f1c1b60268b4678","slug":"51515952750-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आजादी के 70 साल बाद भी हिंदूपुर में बिजली नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आजादी के 70 साल बाद भी हिंदूपुर में बिजली नहीं
Updated Sun, 14 Jan 2018 11:41 PM IST
विज्ञापन
bijli
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कटरा समान। विकासखंड किशनी का गांव हिंदूपुर आजादी के 70 साल बाद भी विकास से कोसों दूर है। बिजली, पानी, सड़क, शौचालय, सरकारी आवास आदि जैसी बुनियादी जरूरतों का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल सका है। विकास से वंचित गांव अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है।
ग्रामसभा समान का मजरा हिंदूपुर की आबादी 800 लोगों की है। भाजपा की नई सरकार बनते ही ग्रामीणों में उम्मीद जगी थी कि अब हिंदूपुर भी बिजली से रोशन होगा। बच्चे रोशनी में पढ़ेंगे। लैंप के धुएं से निजात मिलेगी लेकिन ऐसा नहीं हो सका है।
एक साल पहले गांव में बिजली के खंभे तो लगे लेकिन तार नहीं खींचे गए। गांव की पूरी आबादी खुले में शौच करने जाती है। अभी तक किसी को भी सरकारी योजना में शौचालय नहीं मिला है। गांव की गलियां गंदगी से पटी पड़ी हैं। कोई सफाई कर्मचारी सफाई करने गांव में नहीं आता है। हर मौसम में संक्रामक रोग फैलते हैं। गांव के मार्ग कच्चे और कीचड़ से भरे रहते हैं।
विज्ञापन
बोले ग्रामीण
अधिकांश लोग गरीब हैं जिनकी आय का साधन सिर्फ मजदूरी है। प्रधानमंत्री आवास योजना से विहीन लोग झोपड़ी या टूटे-फूटे कच्चे मकान में गुजारा कर रहे हैं।
-सदन सिंह
पूरा जीवन अंधेरे में गुजर गया। रोशनी की उम्मीद में अंधेरा है। गांव में बिजली नहीं आ रही है। सौभाग्य योजना का नाम केवल सुना है लाभ कब मिलेगा यह पता नहीं है।
लल्लू सिंह
शौचालय योजना की जानकारी गांव में किसी को नहीं है। शौच के लिए गांव के बाहर खेतों में जाना पड़ता है। दिन में अगर शौच जाना हो तो महिलाओं को परेशानी होती है।
-कांति देवी
सफाई कर्मचारी गांव में नहीं आता है। गांव की गलियों में गदगी के ढेर लगे हैं। गंदगी से हर साल बीमारियां फैलती हैं। आखिर कब तक ग्रामीणों को नारकीय जीवन जीना पड़ेगा।
-मंगूलाल
विज्ञापन
ग्रामसभा समान का मजरा हिंदूपुर की आबादी 800 लोगों की है। भाजपा की नई सरकार बनते ही ग्रामीणों में उम्मीद जगी थी कि अब हिंदूपुर भी बिजली से रोशन होगा। बच्चे रोशनी में पढ़ेंगे। लैंप के धुएं से निजात मिलेगी लेकिन ऐसा नहीं हो सका है।
विज्ञापन
एक साल पहले गांव में बिजली के खंभे तो लगे लेकिन तार नहीं खींचे गए। गांव की पूरी आबादी खुले में शौच करने जाती है। अभी तक किसी को भी सरकारी योजना में शौचालय नहीं मिला है। गांव की गलियां गंदगी से पटी पड़ी हैं। कोई सफाई कर्मचारी सफाई करने गांव में नहीं आता है। हर मौसम में संक्रामक रोग फैलते हैं। गांव के मार्ग कच्चे और कीचड़ से भरे रहते हैं।
विज्ञापन
बोले ग्रामीण
अधिकांश लोग गरीब हैं जिनकी आय का साधन सिर्फ मजदूरी है। प्रधानमंत्री आवास योजना से विहीन लोग झोपड़ी या टूटे-फूटे कच्चे मकान में गुजारा कर रहे हैं।
-सदन सिंह
पूरा जीवन अंधेरे में गुजर गया। रोशनी की उम्मीद में अंधेरा है। गांव में बिजली नहीं आ रही है। सौभाग्य योजना का नाम केवल सुना है लाभ कब मिलेगा यह पता नहीं है।
लल्लू सिंह
शौचालय योजना की जानकारी गांव में किसी को नहीं है। शौच के लिए गांव के बाहर खेतों में जाना पड़ता है। दिन में अगर शौच जाना हो तो महिलाओं को परेशानी होती है।
-कांति देवी
सफाई कर्मचारी गांव में नहीं आता है। गांव की गलियों में गदगी के ढेर लगे हैं। गंदगी से हर साल बीमारियां फैलती हैं। आखिर कब तक ग्रामीणों को नारकीय जीवन जीना पड़ेगा।
-मंगूलाल