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सीएम को फरियाद सुनाने पहुंचे पीड़ित
Updated Thu, 23 Nov 2017 11:26 PM IST
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फिरोजाबाद। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को खुद की वेदना सुनाने लोग पहुंचे। अधिकांश की फरियाद को अफसरों ने ही ले लिया। नेत्रहीन बालिका अपनी मां के साथ योगी की सभा में पहुंची लेकिन कड़ी सुरक्षा के चलते मंच तक नहीं पहुंच पाई।
संतोषनगर निवासी नेत्रहीन बालिका दिव्या भारती पुत्री राजेंद्र प्रसाद सीएम की सभा स्थल पर अपनी मां राजकुमारी के साथ पहुंची। किशोरी ने कहा कि वो दबरई स्कूल में पढ़ रही थी, लेकिन वहां दिक्कत का सामना करना पड़ रहा था। उसे आगे की पढ़ाई के लिए दाऊदयाल इंटर कालेज में प्रवेश दिलाने की व्यवस्था की जाए। ताकि पढ़ाई सही ढंग से कर सके।
लेकिन सुरक्षा कारणों से उसे मां के साथ प्रेस गैलरी के समीप महिला पुलिस कर्मियों ने रोक लिया। नेत्रहीन दिव्या अपनी वेदना नहीं सुना सकी। वहीं ककरऊ निवासी ज्योति गुप्ता पुत्री सत्यप्रकाश गुप्ता अपने पति के खिलाफ शिकायत लेकर सीएम से पहुंची। उसका आरोप है कि पति ने एक वर्ष पूर्व घर से निकाल दिया था। उसके तीन बेटियां थीं। एक की मौत हो गई।
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दो बेटियों के साथ मायके में रहने को विवश हैं। उसे पति तलाक भी नहीं दे रहा है। महिला न्याय के लिए भटक रही है। सीएम के जाने के बाद जब वह विधायक मनीष असीजा के पास पहुंची तो उन्होंने सीओ सिटी डा. अरुण कुमार सिंंह को मामला सौंपते हुए जांच कर कार्रवाई करने को कहा। कई फरियादी नहीं पहुंच पाने के कारण वापस ही लौट गए।
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संतोषनगर निवासी नेत्रहीन बालिका दिव्या भारती पुत्री राजेंद्र प्रसाद सीएम की सभा स्थल पर अपनी मां राजकुमारी के साथ पहुंची। किशोरी ने कहा कि वो दबरई स्कूल में पढ़ रही थी, लेकिन वहां दिक्कत का सामना करना पड़ रहा था। उसे आगे की पढ़ाई के लिए दाऊदयाल इंटर कालेज में प्रवेश दिलाने की व्यवस्था की जाए। ताकि पढ़ाई सही ढंग से कर सके।
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लेकिन सुरक्षा कारणों से उसे मां के साथ प्रेस गैलरी के समीप महिला पुलिस कर्मियों ने रोक लिया। नेत्रहीन दिव्या अपनी वेदना नहीं सुना सकी। वहीं ककरऊ निवासी ज्योति गुप्ता पुत्री सत्यप्रकाश गुप्ता अपने पति के खिलाफ शिकायत लेकर सीएम से पहुंची। उसका आरोप है कि पति ने एक वर्ष पूर्व घर से निकाल दिया था। उसके तीन बेटियां थीं। एक की मौत हो गई।
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दो बेटियों के साथ मायके में रहने को विवश हैं। उसे पति तलाक भी नहीं दे रहा है। महिला न्याय के लिए भटक रही है। सीएम के जाने के बाद जब वह विधायक मनीष असीजा के पास पहुंची तो उन्होंने सीओ सिटी डा. अरुण कुमार सिंंह को मामला सौंपते हुए जांच कर कार्रवाई करने को कहा। कई फरियादी नहीं पहुंच पाने के कारण वापस ही लौट गए।