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वाटर प्लांट कर्मचारी की गला रेतकर हत्या
Updated Thu, 27 Jul 2017 11:43 PM IST
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मौके पर मुआयना करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
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चौमुंहा/जैंत (मथुरा)। गुरुवार को तड़के हाईवे पर नागकुंड के सामने बने वाटर प्लांट के कर्मचारी की उसके हेल्पर ने गला रेतकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को वहीं पास में मिट्टी में दबा दिया। फिर मृतक के मोबाइल से ही वाटर प्लांट के स्वामी को हत्या की खबर देकर लापता हो गया। घबराया प्लांट मालिक जब मौके पर पहुंचा तो उसे कुछ भी नहीं मिला। वहीं, सुबह मालिक को मिट्टी में दबे पैर दिखाई दिए तो उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। पुलिस को मौके से शराब और नमकीन भी मिली है। संभावना जताई जा रही है कि हत्या से पहले दोनों ने शराब पी थी।
गुजरात के बलसाड निवासी संतोष (39) पुत्र रमेश सवा महीने से जैंत हाईवे पर नागकुंड के सामने बने जैंत निवासी रामप्रकाश के वाटर प्लांट पर नौकरी कर रहे थे। इसी प्लांट पर कर्मचारी अशोक हेल्पर के रूप में काम करता था। बताते हैं कि संतोष ने इसे तीन दिन पहले ही प्लांट पर नौकरी दिलाई थी।
गुरुवार की तड़के 3:20 बजे प्लांट मालिक रामप्रकाश के पास संतोष के मोबाइल से कॉल आई, तो कुछ देर बाद उन्होंने मोबाइल पर पलट कर फोन किया, लेकिन मोबाइल अशोक ने उठाया और उन्हें बताया कि संतोष की हत्या हो गई है। इस पर घबराए रामप्रकाश तुरंत प्लांट पर पहुंचे पर उन्हें कोई नहीं मिला। इससे वे लौट गए।
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उधर, सुबह करीब 11:15 बजे सब्जी लेकर रामप्रकाश दोबारा प्लांट पर पहुंचे तो उन्हें मिट्टी में दबे किसी के पैर दिखाई दिए, उन्होंने तुरंत पुलिस को खबर दी। सूचना पर सीओ सदर विजय शंकर मिश्रा, वृंदावन कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार पायल पहुंच गए। जैंत पुलिस ने शव को बाहर निकलवाया तो शव संतोष का निकला। उसे गला रेतकर कर मारा गया था। मुंह पर कपड़ा बंधा था। चेहरे पर चोट के निशान भी मिले। पुलिस ने पास से शराब, नमकीन और दरांत भी बरामद की।
जैंत चौकी प्रभारी अरविंद पाठक ने बताया कि प्लांट स्वामी रामप्रकाश की तहरीर पर हेल्पर अशोक के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। चेहरे पर चोट के निशान भी पाए गए हैं।
एक साल पहले छोड़ गई मृतक की पत्नी
पुलिस की माने तो मृतक कर्मचारी संतोष सवा महीने से प्लांट पर नौकरी कर रहा था। मृतक की पत्नी करीब एक साल से मुंबई में अलग रह रही है। पुलिस के अनुसार मृतक के पांच बच्चे हैं।
जिसने दिलवाई नौकरी, उसी को मार डाला
जिसने नौकरी दिलवाई, अशोक ने उसी को गला रेतकर मौत के घाट क्यों उतार दिया। इन सवालों के जवाब टटोलने में जैंत पुलिस जुट गई। पुलिस को हत्यारोपी का केवल नाम ही मालूम है। उसके पते की जानकारी नहीं है। पुलिस के अनुसार हत्यारोपी वृंदावन का ही है
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गुजरात के बलसाड निवासी संतोष (39) पुत्र रमेश सवा महीने से जैंत हाईवे पर नागकुंड के सामने बने जैंत निवासी रामप्रकाश के वाटर प्लांट पर नौकरी कर रहे थे। इसी प्लांट पर कर्मचारी अशोक हेल्पर के रूप में काम करता था। बताते हैं कि संतोष ने इसे तीन दिन पहले ही प्लांट पर नौकरी दिलाई थी।
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गुरुवार की तड़के 3:20 बजे प्लांट मालिक रामप्रकाश के पास संतोष के मोबाइल से कॉल आई, तो कुछ देर बाद उन्होंने मोबाइल पर पलट कर फोन किया, लेकिन मोबाइल अशोक ने उठाया और उन्हें बताया कि संतोष की हत्या हो गई है। इस पर घबराए रामप्रकाश तुरंत प्लांट पर पहुंचे पर उन्हें कोई नहीं मिला। इससे वे लौट गए।
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उधर, सुबह करीब 11:15 बजे सब्जी लेकर रामप्रकाश दोबारा प्लांट पर पहुंचे तो उन्हें मिट्टी में दबे किसी के पैर दिखाई दिए, उन्होंने तुरंत पुलिस को खबर दी। सूचना पर सीओ सदर विजय शंकर मिश्रा, वृंदावन कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार पायल पहुंच गए। जैंत पुलिस ने शव को बाहर निकलवाया तो शव संतोष का निकला। उसे गला रेतकर कर मारा गया था। मुंह पर कपड़ा बंधा था। चेहरे पर चोट के निशान भी मिले। पुलिस ने पास से शराब, नमकीन और दरांत भी बरामद की।
जैंत चौकी प्रभारी अरविंद पाठक ने बताया कि प्लांट स्वामी रामप्रकाश की तहरीर पर हेल्पर अशोक के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। चेहरे पर चोट के निशान भी पाए गए हैं।
एक साल पहले छोड़ गई मृतक की पत्नी
पुलिस की माने तो मृतक कर्मचारी संतोष सवा महीने से प्लांट पर नौकरी कर रहा था। मृतक की पत्नी करीब एक साल से मुंबई में अलग रह रही है। पुलिस के अनुसार मृतक के पांच बच्चे हैं।
जिसने दिलवाई नौकरी, उसी को मार डाला
जिसने नौकरी दिलवाई, अशोक ने उसी को गला रेतकर मौत के घाट क्यों उतार दिया। इन सवालों के जवाब टटोलने में जैंत पुलिस जुट गई। पुलिस को हत्यारोपी का केवल नाम ही मालूम है। उसके पते की जानकारी नहीं है। पुलिस के अनुसार हत्यारोपी वृंदावन का ही है