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मेयर निरीक्षण करने पहुंचे तो खाली मिला पूरा नगर निगम, तैयार की रिपोर्ट
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मथुरा। शुक्रवार की सुबह को 10:25 पर मेयर डॉ. मुकेश आर्य बंधु नगर निगम के मथुरा कार्यालय में पहुंचे तो हैरान रह गए। न तो नगर आयुक्त मिले और न संयुक्त नगर आयुक्त। चीफ इंजीनियर सिविल सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी नहीं थे।
मेयर ने जब अधिकारियों की उपस्थिति का रजिस्टर मांगा तो पता चला कि इस प्रकार का कोई रजिस्टर तो अब तक बनाया गया ही नहीं है। यहां अधिकारी उपस्थिति नहीं दर्ज करते हैं।
शुक्रवार को मेयर डॉ. मुकेश आर्य बंधु ने प्रात: 10:25 बजे मथुरा कार्यालय पहुंचकर अधिकारी और कर्मचारियों की उपस्थिति का जायजा लिया। कार्यालय पूरी तरह से खाली था। कुछ पटलों पर कर्मचारियों की मौजूदगी थी। अधिकारियों की सभी सीट खाली मिलीं।
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यहां तक कि नगर आयुक्त समीर वर्मा, संयुक्त नगर आयुक्त अजीत सिंह, सहायक नगर आयुक्त धीरेंद्र कुमार सिंह, लेखाधिकारी डॉ. गीता कुमारी, मुख्य अभियंता सिविल पीके मित्तल, सहायक अभियंता विद्युत अनिल रंजन, कर अधीक्षक पीके पोरवाल भी मौजूद नहीं थे। इनकी उपस्थिति का रजिस्टर नगर आयुक्त कार्यालय में मौजूद कर्मचारी से मांगा गया तो पता चला कि ऐसा कोई रजिस्टर नहीं है।
अधिकारी किसी रजिस्टर पर उपस्थिति दर्ज नहीं करते हैं। इस निरीक्षण के दौरान अधिकारियों सहित 30 कर्मचारी बगैर किसी सूचना के अनुपस्थित मिले हैं। इसमें कर विभाग के अधिकांश कर्मचारी शामिल थे। मेयर डॉ. मुकेश आर्य बंधु ने बताया कि कार्यालय की स्थिति बेहद गंभीर मिली है। निर्धारित समय के 25 मिनट बाद पहुंचे थे फिर भी अधिकारी नहीं मिले।
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मेयर ने जब अधिकारियों की उपस्थिति का रजिस्टर मांगा तो पता चला कि इस प्रकार का कोई रजिस्टर तो अब तक बनाया गया ही नहीं है। यहां अधिकारी उपस्थिति नहीं दर्ज करते हैं।
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शुक्रवार को मेयर डॉ. मुकेश आर्य बंधु ने प्रात: 10:25 बजे मथुरा कार्यालय पहुंचकर अधिकारी और कर्मचारियों की उपस्थिति का जायजा लिया। कार्यालय पूरी तरह से खाली था। कुछ पटलों पर कर्मचारियों की मौजूदगी थी। अधिकारियों की सभी सीट खाली मिलीं।
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यहां तक कि नगर आयुक्त समीर वर्मा, संयुक्त नगर आयुक्त अजीत सिंह, सहायक नगर आयुक्त धीरेंद्र कुमार सिंह, लेखाधिकारी डॉ. गीता कुमारी, मुख्य अभियंता सिविल पीके मित्तल, सहायक अभियंता विद्युत अनिल रंजन, कर अधीक्षक पीके पोरवाल भी मौजूद नहीं थे। इनकी उपस्थिति का रजिस्टर नगर आयुक्त कार्यालय में मौजूद कर्मचारी से मांगा गया तो पता चला कि ऐसा कोई रजिस्टर नहीं है।
अधिकारी किसी रजिस्टर पर उपस्थिति दर्ज नहीं करते हैं। इस निरीक्षण के दौरान अधिकारियों सहित 30 कर्मचारी बगैर किसी सूचना के अनुपस्थित मिले हैं। इसमें कर विभाग के अधिकांश कर्मचारी शामिल थे। मेयर डॉ. मुकेश आर्य बंधु ने बताया कि कार्यालय की स्थिति बेहद गंभीर मिली है। निर्धारित समय के 25 मिनट बाद पहुंचे थे फिर भी अधिकारी नहीं मिले।