{"_id":"5bf986abbdec224191301c5e","slug":"41543079595-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिना प्रयोग प्रयोगात्मक परीक्षा देंगे परीक्षार्थी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिना प्रयोग प्रयोगात्मक परीक्षा देंगे परीक्षार्थी
Updated Sat, 24 Nov 2018 10:43 PM IST
विज्ञापन
फूड टेस्टिंग लैब
- फोटो : डेमो पिक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कासगंज। माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा प्रयोगात्मक परीक्षाओं की तिथि घोषित होने के साथ ही बोर्ड परीक्षार्थियों की बेचैनी बढ़ गई है। सबसे अधिक चिंतित इंटरमीडिएट के परीक्षार्थी हैँ। अधिकांश विद्यालयों में अभी तक लैब को खोला तक नहीं गया है। ऐसे में छात्रों को प्रयोगात्मक परीक्षा की चिंता सता रही है।
माध्यमिक शिक्षा परिषद से हाईस्कूल के परीक्षार्थियों के लिए सभी छह विषय में आंतरिक मूल्यांकन की व्यवस्था है। 30 अंक के आंतरिक मूल्यांकन के लिए परीक्षार्थियों के लिए अपनी प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करनी होती है। परिषद से तिथि घोषित होने के साथ ही शिक्षक शिक्षिकाओं ने अपने विषय से संबंधित टॉपिक परीक्षार्थियों को बताना शुरू कर दिया है। साथ ही परीक्षार्थी अपने प्रोजेक्ट की फाइलें तैयार करने में जुट गए है। इसी प्रकार इंटरमीडिएट में फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी, भूगोल, संगीत, गृह विज्ञान आदि विषयों में प्रयोगात्मक परीक्षा होनी है। इन विषयों में बाहर से आने वाले परीक्षक परीक्षार्थियों से प्रयोग कराते हैं और उनकी फाइलें आदि चैक करते हैं। वहीं लैब में प्रयोग कराकर भी देखा जाता है, लेकिन तमाम विद्यालयों में विज्ञान की प्रयोगशालाओं की स्थिति काफी खराब है। प्रयोगशाला में आवश्यक उपकरण, रसायन आदि नहीं है। ऐसे में विद्यार्थियों को प्रयोग नहीं कराए गए हैं। ऐसे में परीक्षार्थी चिंतित हैं। छात्रा मोहित ने बताया कि उनके स्कूल में अभी तक एक भी प्रयोग नहीं कराया गया है।
विज्ञापन
माध्यमिक शिक्षा परिषद से हाईस्कूल के परीक्षार्थियों के लिए सभी छह विषय में आंतरिक मूल्यांकन की व्यवस्था है। 30 अंक के आंतरिक मूल्यांकन के लिए परीक्षार्थियों के लिए अपनी प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करनी होती है। परिषद से तिथि घोषित होने के साथ ही शिक्षक शिक्षिकाओं ने अपने विषय से संबंधित टॉपिक परीक्षार्थियों को बताना शुरू कर दिया है। साथ ही परीक्षार्थी अपने प्रोजेक्ट की फाइलें तैयार करने में जुट गए है। इसी प्रकार इंटरमीडिएट में फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी, भूगोल, संगीत, गृह विज्ञान आदि विषयों में प्रयोगात्मक परीक्षा होनी है। इन विषयों में बाहर से आने वाले परीक्षक परीक्षार्थियों से प्रयोग कराते हैं और उनकी फाइलें आदि चैक करते हैं। वहीं लैब में प्रयोग कराकर भी देखा जाता है, लेकिन तमाम विद्यालयों में विज्ञान की प्रयोगशालाओं की स्थिति काफी खराब है। प्रयोगशाला में आवश्यक उपकरण, रसायन आदि नहीं है। ऐसे में विद्यार्थियों को प्रयोग नहीं कराए गए हैं। ऐसे में परीक्षार्थी चिंतित हैं। छात्रा मोहित ने बताया कि उनके स्कूल में अभी तक एक भी प्रयोग नहीं कराया गया है।
विज्ञापन