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दो बेटों व खुद को कमरे में बंदकर लगाई आग

Thu, 15 Nov 2018 12:26 AM IST
Updated Thu, 15 Nov 2018 12:26 AM IST
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दो बेटों व खुद को कमरे में बंदकर लगाई  आग

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फिरोजाबाद। थाना लाइनपार के नगला बिश्नू में गृह कलह से तंग व्यक्ति ने दो बेटों सहित खुद को कमरे में बंद करके आग लगा ली। आग लगने की जानकारी होते ही आसपास के ही बाशिंदों ने जंगला तोड़कर दरवाजा खोलकर बच्चों को बाहर निकाला।

आग से घरेलू सामान के साथ प्रधानमंत्री आवास योजना की एक लाख की नकदी जल गई। थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पति को हिरासत में ले लिया है। पत्नी का आरोप है कि पिछले तीन माह से पति मारपीट कर रहा है।
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थाना लाइनपार के नगला बिश्नू (पीरपतंगा) के पास निवासी हरिओम गुप्ता (40) पुत्र राजनरायन गुप्ता मेला आदि में फेरी लगाने का काम करता है। उसकी पत्नी संगीता गुप्ता, बेटा मोहित (17), सलोनी (16), रोहित उर्फ लालू (14) और सोहित (तीन) के साथ रहती है।
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संगीता गुप्ता की मानें तो उसका पति हरिओम पिछले करीब तीन माह से शराब पीकर उसके साथ मारपीट कर रहा है। बुधवार को दोपहर करीब ढाई बजे हरिओम गुप्ता ने संगीता से झगड़ा किया, तो संगीता और उसका बेटा रोहित घर से बाहर निकलकर पड़ोस के घर में चले गए।

बेटी सलोनी पास के मकान में किसी काम से गई थी। इसी दौरान दिव्यांग बेटा मोहित व सबसे छोटे बेटे सोहित को एक कमरे में बंद करके घर में पेट्रोल छिड़ककर तीन कमरों में आग लगा दी। आग लगते ही मकान के अंदर से लपटें व धुआं उठना शुरू हो गया।

मकान में आग लगने की जानकारी होते ही आसपास के लोग एकत्रित हो गए। पत्नी संगीता व बेटी भागते हुए पहुंचे तो देखा कि दो बेटे मकान के अंदर बंद थे। मोहल्ले के लोगों ने जंगला तोड़कर दरवाजा खोला। दिव्यांग बेटे मोहित और सोहित को बाहर निकाला।

लोगों ने घटना की जानकारी थाना पुलिस को दे दी। फायरब्रिगेड को आग बुझाने के लिए भी फोन कर दिया। मोहल्ले के लोग आग बुझाने को दौड़े, काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। थाना लाइनपार एसएचओ गीता सिंह पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गई। उन्होंने पति हरिओम गुप्ता को हिरासत में ले लिया है।


घटना की जानकारी होने के बाद पत्नी संगीता गुप्ता, बेटी सलोनी के साथ मोहल्ले के बाशिंदे दरवाजा पीटते रहे। हरिओम गुप्ता से गेट खोलने की गुहार लगाते रहे, लेकिन हरिओम ने दरवाजा नहीं खोला। काफी प्रयास के बाद सफलता नहीं मिली तो लोगों ने जंगला तोड़कर अंदर घुसे और दरवाजा खोला।

बेटों को बाहर निकाल लिया। बेटों को बाहर की ओर निकालने के साथ आग बुझानी शुरू की। हरिओम गुप्ता की पत्नी संगीता गुप्ता का कहना है कि पिछले तीन माह से दोनों में अनबन चल रही है। संगीता का कहना है कि उसका मायका भरथना इटावा है। माता-पिता नहीं है।

इस कारण पति उसका उत्पीड़न करता है। तरह-तरह के आरोप लगाता है। शराब पीने का आदी है और आए दिन मारपीट करता है। कई बार हाथ पैरों में चोट लग गई। इसके कारण उपचार तक कराना पड़ा।


हरिओम गुप्ता द्वारा घर में आग लगाने के दौरान गनीमत रही कि जिस कक्ष में रसोई गैस सिलिंडर रखा था, वहां तक तो आग नहीं पहुंची। यदि आग पहुंच गई होती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
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