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ऑनलाइन आवेदन केंद्रों से हो रहा आधार का सौदा

Sat, 06 Oct 2018 10:09 PM IST
Updated Sat, 06 Oct 2018 10:09 PM IST
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ऑनलाइन आवेदन केंद्रों से हो रहा आधार का  सौदा
मैनपुरी। ऑनलाइन सिस्टम ही कहीं न कहीं लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है। पहले इसी ऑनलाइन सिस्टम में गड़बड़ी कर राशन घोटाला कर लिया गया। इसकी अभी जांच चल रही है, लेकिन इसी बीच आधार की सौदेबाजी का भी मामला सामने आया है। इसमें ऑनलाइन केंद्र संचालक हेरफेर कर रहे हैं। इसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
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राशन कार्ड बनवाने के लिए अब पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन हो चुकी है। किसी भी जनसेवा केंद्र या फिर ऑनलाइन केंद्र से इसके लिए आवेदन करना होता है। आवेदन के दौरान घर के मुखिया का एक फोटो व परिवार के सभी सदस्यों के आधार कार्ड की आवश्यकता पड़ती है। ऑनलाइन केंद्र संचालक ग्रामीणों की अनभिज्ञता का लाभ उठा आधार की सौदेबाजी कर रहे हैं। इससे एक ओर जहां केंद्र संचालक मोटी रकम कमा रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर आवेदकों को परेशानी में डाल रहे हैं।
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इसके बाद कार्डधारक अपने परिवार के सदस्यों के आधार राशन कार्ड से लिंक कराने के लिए जाते हैं, तब पता चलता है कि उनका आधार पहले से ही किसी राशन कार्ड से लिंक हैं।
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केस एक
गांव गुलाबपुर निवासी आशीष ने घिरोर के एक केंद्र से राशन कार्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। कई दिनों तक जब राशन कार्ड नहीं बना तो उसने दोबारा आवेदन किया। इसमें आधार कार्ड स्वीकार नहीं हुए। जानकारी करने पर पता चला कि उनके परिवार के सभी आधार नगला गढ़ू के एक राशन कार्ड में जुड़े हुए हैं। अब वे इसे सही कराने के लिए डीएसओ कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं।

केस दो
गांव कछपुरा निवासी रामदीन ने भी शहर के एक केंद्र से राशन कार्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। उनका राशन कार्ड तो बनकर आ गया, लेकिन उसमें परिवार के सदस्य पांच की जगह दो ही चढ़े हुए थे। जब वे अन्य आधार लिंक कराने गए तो पता चले कि वे तो मैनपुरी के गांव धारऊ में किसी राशन कार्ड से जुड़े हुए हैं। उन्होंने भी इसमें संशोधन के लिए डीएसओ को प्रार्थना पत्र दिया है।


ऐसे होता है सौदा
ऑनलाइन केंद्र संचालक आधार को राशन कार्ड के आवेदन के दौरान नहीं चढ़ाते हैं। वे इसकी एक फोटोकॉपी राशन डीलर को दे देते हैं। इसके बाद राशन डीलर उन आधारों को अपने क्षेत्र के राशन कार्ड से जुड़वा देते हैं और उनका राशन निकालते रहते हैं। इससे उन्हें मोटा मुनाफा होता है। सूत्रों के अनुसार एक आधार कार्ड के लिए 30 रुपये से लेकर 50 रुपये तक का सौदा होता है।

ऐसे कुछ मामले संज्ञान में आए हैं, जिनकी जांच कराई जा रही है। इसमें जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
यूआर खान, डीएसओ, मैनपुरी।
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