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गंगा में प्रवाहित होंगी अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थियां
Updated Sat, 18 Aug 2018 10:57 PM IST
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Tirthnagri Soron
- फोटो : Amar Ujala
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कासगंज।
जिले की भूमि और यहां के लोगों से अटल बिहारी वाजपेयी का खासा लगाव था। उनके तमाम ऐसे प्रशंसक यहां मौजूद हैं जो अटल जी को व्यक्तिगत तौर पर जानते थे और अटल जी उन्हें। कई परिवारों के बीच उनका आवागमन रहा। तीर्थ नगरी सोरों से उनका काफी लगाव रहा।
सीएम आदित्यनाथ योगी ने प्रदेश के सभी जिलों की नदियों में अटल जी अस्थियां विसर्जन करने की घोषणा की है। इस घोषणा के बाद से अब जिले के लोग एवं तीर्थनगरी के सभी वाशिंदों को उनकी अस्थियों के पहुंचने का इंतजार है। जिले की गंगा नदी में अस्थि विसर्जन करने के लिए प्रदेश की सूची में नाम शामिल किया गया है, लेकिन सोरों की हरि की पैड़ी में अस्थि विसर्जन करने की यहां परंपरा है। तीर्थनगरी की हरि की पैड़ी में विसर्जित की जाने वाली अस्थियां 72 घंटे में जल में विलीन हो जातीं हैं।
देश के कई महान नेताओं की यहां अस्थि विसर्जित हो चुकीं हैं। तीर्थनगरी के साहित्यकार डा. राधाकृष्ण दीक्षित ने बताया कि यहां भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू एवं पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की अस्थियां सोरों में हरि की पैड़ी में विसर्जित की गईं। वहीं राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सर संघ चालक रज्जू भईया, विहिप के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंघल की अस्थियां भी सोरों की हरि की पैड़ी में विसर्जित की गईं। इसके अलावा भी तमाम अन्य नेताओं की अस्थियां विसर्जित की गईं हैं। अब सोरों के लोगों को अटल जी की अस्थियों के पहुंचने का इंतजार है जिससे वे अटल जी को याद करते हुए श्रद्धांजलि दे सकें।
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अटल जी एक महान नेता थे और उनका विराट व्यक्तित्व था। कासगंज, सोरों से उनका बेहद लगाव था। उनकी अस्थियों के यहां आने से लोगों को अपनी श्रद्धांजलि व्यक्त करने का मौका मिलेगा। डा. राधाकृष्ण दीक्षित, साहित्यकार।
सोरों में आरएसएस के सर संघ चालक प्रोफेसर रज्जू भईया एवं विहिप के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंघल की अस्थियां भी सोरों हरि की पैड़ी पर विसर्जित की गईं हैं। अटल जी की अस्थियां पहुंचने का लोगों को इंतजार है। कौशल साहू, सरंक्षक बजरंग दल।
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जिले की भूमि और यहां के लोगों से अटल बिहारी वाजपेयी का खासा लगाव था। उनके तमाम ऐसे प्रशंसक यहां मौजूद हैं जो अटल जी को व्यक्तिगत तौर पर जानते थे और अटल जी उन्हें। कई परिवारों के बीच उनका आवागमन रहा। तीर्थ नगरी सोरों से उनका काफी लगाव रहा।
सीएम आदित्यनाथ योगी ने प्रदेश के सभी जिलों की नदियों में अटल जी अस्थियां विसर्जन करने की घोषणा की है। इस घोषणा के बाद से अब जिले के लोग एवं तीर्थनगरी के सभी वाशिंदों को उनकी अस्थियों के पहुंचने का इंतजार है। जिले की गंगा नदी में अस्थि विसर्जन करने के लिए प्रदेश की सूची में नाम शामिल किया गया है, लेकिन सोरों की हरि की पैड़ी में अस्थि विसर्जन करने की यहां परंपरा है। तीर्थनगरी की हरि की पैड़ी में विसर्जित की जाने वाली अस्थियां 72 घंटे में जल में विलीन हो जातीं हैं।
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देश के कई महान नेताओं की यहां अस्थि विसर्जित हो चुकीं हैं। तीर्थनगरी के साहित्यकार डा. राधाकृष्ण दीक्षित ने बताया कि यहां भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू एवं पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की अस्थियां सोरों में हरि की पैड़ी में विसर्जित की गईं। वहीं राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सर संघ चालक रज्जू भईया, विहिप के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंघल की अस्थियां भी सोरों की हरि की पैड़ी में विसर्जित की गईं। इसके अलावा भी तमाम अन्य नेताओं की अस्थियां विसर्जित की गईं हैं। अब सोरों के लोगों को अटल जी की अस्थियों के पहुंचने का इंतजार है जिससे वे अटल जी को याद करते हुए श्रद्धांजलि दे सकें।
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अटल जी एक महान नेता थे और उनका विराट व्यक्तित्व था। कासगंज, सोरों से उनका बेहद लगाव था। उनकी अस्थियों के यहां आने से लोगों को अपनी श्रद्धांजलि व्यक्त करने का मौका मिलेगा। डा. राधाकृष्ण दीक्षित, साहित्यकार।
सोरों में आरएसएस के सर संघ चालक प्रोफेसर रज्जू भईया एवं विहिप के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंघल की अस्थियां भी सोरों हरि की पैड़ी पर विसर्जित की गईं हैं। अटल जी की अस्थियां पहुंचने का लोगों को इंतजार है। कौशल साहू, सरंक्षक बजरंग दल।