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पहली बारिश भी नहीं झेल सका राधाकुंड का रेलवे स्टेशन
Updated Sun, 29 Jul 2018 11:37 PM IST
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राधाकुंड (मथुरा)। राधाकुंड रेलवे स्टेशन के निर्माण में हुई धांधली की पोल बरसात ने खोल कर रख दी। निर्माण के बाद हुई पहली बरसात को भी स्टेशन की दीवारें और फर्श झेल नहीं सका। यात्रियों की सुविधा के लिए लगाई गई कुर्सियां भी धंस गईं
राधाकुंड रेलवे स्टेशन का निर्माण करीब तीन माह पूर्व पूरा हुआ था। मुड़िया पूर्णिमा से पूर्व रेलवे अधिकारियों ने स्टेशन का लोकार्पण किया था। मुड़िया पूर्णिमा से पूर्व यहां कंप्यूटर से टिकट वितरण भी शुरू कर दिया गया था। लेकिन इसके निर्माण में हुई धांधली का पता किसी को नहीं था। मुड़िया पूर्णिमा के दौरान चंद घंटे की बरसात ने निर्माण में हुई धांधली की पोल खोल कर रख दी।
स्टेशन की दीवारों में दरारें पड़ गईं। यात्रियों की सुविधा के लिए बनाई गई सीढ़ियां धसक गईं। इतना ही नहीं यात्रियों के बैठने के लिए लगाई गई कुर्सियां भी जमींदोज हो गईं। प्लेटफार्म पर लगी टाइलें भी उखड़ गईं। राधाकुंड स्टेशन की बदहाली का जायजा लेने पहुंचे एसएससी वर्क आरके वशिष्ठ ने बताया कि बरसात का पानी भरने से मिट्टी धंस जाने के कारण यह हुआ है। इसकी रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
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धांधली की लीपापोती में जुटा ठेकेदार
मथुरा। पहली बरसात में निर्माण में की गई धांधली की लीपापोती में ठेकेदार जुट गया। उसने उखड़ी टाइलों को फिर से लगाने तथा जमींदोज हुईं कुर्सियों को उठा कर फिर से लगाने का काम शुरू कर दिया है।
रेलवे अंडर पास में भरा पानी
राधाकुंड। रेलवे द्वारा पाडल और कुंजेरा रोड पर बने अंडर पास में भारी जलभराव हो जाने से कई गांवों का रास्ता बंद हो गया। ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर पटरी पार करनी पड़ रही है। कृषि उपकरणों को लेकर जाने वाले ग्रामीणों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। स्कूल जाने वाले छात्र-छात्राओं को इस जलभराव से परेशानी हो रही है।
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राधाकुंड रेलवे स्टेशन का निर्माण करीब तीन माह पूर्व पूरा हुआ था। मुड़िया पूर्णिमा से पूर्व रेलवे अधिकारियों ने स्टेशन का लोकार्पण किया था। मुड़िया पूर्णिमा से पूर्व यहां कंप्यूटर से टिकट वितरण भी शुरू कर दिया गया था। लेकिन इसके निर्माण में हुई धांधली का पता किसी को नहीं था। मुड़िया पूर्णिमा के दौरान चंद घंटे की बरसात ने निर्माण में हुई धांधली की पोल खोल कर रख दी।
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स्टेशन की दीवारों में दरारें पड़ गईं। यात्रियों की सुविधा के लिए बनाई गई सीढ़ियां धसक गईं। इतना ही नहीं यात्रियों के बैठने के लिए लगाई गई कुर्सियां भी जमींदोज हो गईं। प्लेटफार्म पर लगी टाइलें भी उखड़ गईं। राधाकुंड स्टेशन की बदहाली का जायजा लेने पहुंचे एसएससी वर्क आरके वशिष्ठ ने बताया कि बरसात का पानी भरने से मिट्टी धंस जाने के कारण यह हुआ है। इसकी रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
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धांधली की लीपापोती में जुटा ठेकेदार
मथुरा। पहली बरसात में निर्माण में की गई धांधली की लीपापोती में ठेकेदार जुट गया। उसने उखड़ी टाइलों को फिर से लगाने तथा जमींदोज हुईं कुर्सियों को उठा कर फिर से लगाने का काम शुरू कर दिया है।
रेलवे अंडर पास में भरा पानी
राधाकुंड। रेलवे द्वारा पाडल और कुंजेरा रोड पर बने अंडर पास में भारी जलभराव हो जाने से कई गांवों का रास्ता बंद हो गया। ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर पटरी पार करनी पड़ रही है। कृषि उपकरणों को लेकर जाने वाले ग्रामीणों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। स्कूल जाने वाले छात्र-छात्राओं को इस जलभराव से परेशानी हो रही है।