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हत्या के दोषी को आजीवन कारावास
Updated Tue, 06 Nov 2018 10:14 PM IST
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कासगंज। जिला सत्र न्यायाधीश राजीव शर्मा के न्यायालय ने हत्या के मामले में एक आरोपी को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोषी पर 30 हजार का जुर्माना भी लगाया है। वहीं न्यायालय ने दो आरोपियों को दोष मुक्त कर दिया।
पीडब्ल्यूडी कॉलोनी निवासी गोपाल शर्मा पुत्र राजेश शर्मा की विगत एक जनवरी 2012 को कलावती अस्पताल के समीप लालू पुत्र रमेश चंद्र यादव अपने चार साथियों के साथ मिलकर चाकू से प्रहार कर दिया। जख्मी गोपाल अपनी मदद के लिए चीखता हुआ भाग निकला। तभी गोपाल के पिता और बहन राधा मौके पर आ गए। आरोपी उनके आ जाने पर जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गए। इसके बाद गोपाल को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। यहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मामले में गोपाल के बाबा सूरज पाल ने लालू सहित चार आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया। पुलिस ने मामले की जांच की। जांच में पुलिस ने लालू के अलावा, प्रभाव और बबलू को हत्या का दोषी मानते हुए न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी और पुलिस ने तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया। इसके बाद तीनों आरोपियों को न्यायालय से जमानत मिल गई। मामले की पैरवी जिला शासकीय अधिवक्ता रमेश चंद्र गोला ने बचाव पक्ष से जिरह की। न्यायालय ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्य एवं गवाहों के बयान आदि के आधार पर लालू को दोषी माना और आजीवन कारावास व 25 हजार रुपये का जुर्माना लगा। वहीं धारा 506 के तहत दो वर्ष की सजा और पांच हजार का जुर्माना लगाया। वहीं दो आरोपियों को दोष मुक्त कर दिया।
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पीडब्ल्यूडी कॉलोनी निवासी गोपाल शर्मा पुत्र राजेश शर्मा की विगत एक जनवरी 2012 को कलावती अस्पताल के समीप लालू पुत्र रमेश चंद्र यादव अपने चार साथियों के साथ मिलकर चाकू से प्रहार कर दिया। जख्मी गोपाल अपनी मदद के लिए चीखता हुआ भाग निकला। तभी गोपाल के पिता और बहन राधा मौके पर आ गए। आरोपी उनके आ जाने पर जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गए। इसके बाद गोपाल को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। यहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मामले में गोपाल के बाबा सूरज पाल ने लालू सहित चार आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया। पुलिस ने मामले की जांच की। जांच में पुलिस ने लालू के अलावा, प्रभाव और बबलू को हत्या का दोषी मानते हुए न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी और पुलिस ने तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया। इसके बाद तीनों आरोपियों को न्यायालय से जमानत मिल गई। मामले की पैरवी जिला शासकीय अधिवक्ता रमेश चंद्र गोला ने बचाव पक्ष से जिरह की। न्यायालय ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्य एवं गवाहों के बयान आदि के आधार पर लालू को दोषी माना और आजीवन कारावास व 25 हजार रुपये का जुर्माना लगा। वहीं धारा 506 के तहत दो वर्ष की सजा और पांच हजार का जुर्माना लगाया। वहीं दो आरोपियों को दोष मुक्त कर दिया।
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