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आग लगने पर तुरंत नहीं मिलेगा पानी, बड़ी परेशानी
Updated Tue, 10 Oct 2017 11:51 PM IST
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मैनपुरी। जनपद का दमकल विभाग पहले से ही उपकरणों और स्टाफ की कमी से जूझ रहा है। ऐसे में पालिका के सभी फायर हाईड्रेंट्स प्वाइंट जमीन में दफन हो चुके हैं। वहीं कुल नौ नलकूप की स्थिति भी कुछ ठीक नहीं है। किसी भी स्थिति में महज पांच नलकूप से ही दमकल को पानी मिल सकता है। बाकी चार नलकूप बदतर हालात में हैं। ऐसे में शहर में यदि कोई बड़ा हादसा होता है तो निश्चित ही दमकल विभाग की दुश्वारियां बढ़ना तय है।
जनपद में इस वर्ष भी विभिन्न स्थानों पर हुई अगिभनकांड की घटनाओं में जमकर तबाही हुई है। वहीं दमकल विभाग के पास भी पर्याप्त संसाधन और स्टाफ के अभाव है। इन सब के बीच ही दमकल विभाग काम कर रहा है। महज पांच वाहन ही उपलब्ध हैं, जबकि जरूरत के हिसाब से यह आधे हैं। वहीं चालकों की भी विभाग में कमी है। यदि शहर में कोई बड़ा हादसा होता है तो उस पर काबू के लिए पर्याप्त फायर हाईड्रेड प्वाइंट उपलब्ध नहीं हैं।
नगर पालिका ने 11 फायर हाइड्रेड पाइंट की जो सूची विभाग के पास है। सभी पाइंट जमीन के कई फीट नीचे दबे हुए हैं। इनसे पानी मिलना नामुमकिन है। वहीं किसी भी बड़ी घटना के समय नलकूपों का सहारा भी लिया जाए तो पांच नलकूप ही कार्यशील हैं। आग लगने के दौरान पानी की समस्या ही दमकल विभाग के सामने परेशानियां खड़ी करती है।
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विभागीय अधिकारी अब सोच रहे हैं कि हादसे के समय पानी की आवश्यक व्यवस्था किस तरह और कहां से की जाए। सवाल है कि अगर शहर में कोई बड़ा अगिभनकांड होता है तो दमकल विभाग के पास तमाशा देखने के अलावा और कोई रास्ता नहीं होगा।
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जनपद में इस वर्ष भी विभिन्न स्थानों पर हुई अगिभनकांड की घटनाओं में जमकर तबाही हुई है। वहीं दमकल विभाग के पास भी पर्याप्त संसाधन और स्टाफ के अभाव है। इन सब के बीच ही दमकल विभाग काम कर रहा है। महज पांच वाहन ही उपलब्ध हैं, जबकि जरूरत के हिसाब से यह आधे हैं। वहीं चालकों की भी विभाग में कमी है। यदि शहर में कोई बड़ा हादसा होता है तो उस पर काबू के लिए पर्याप्त फायर हाईड्रेड प्वाइंट उपलब्ध नहीं हैं।
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नगर पालिका ने 11 फायर हाइड्रेड पाइंट की जो सूची विभाग के पास है। सभी पाइंट जमीन के कई फीट नीचे दबे हुए हैं। इनसे पानी मिलना नामुमकिन है। वहीं किसी भी बड़ी घटना के समय नलकूपों का सहारा भी लिया जाए तो पांच नलकूप ही कार्यशील हैं। आग लगने के दौरान पानी की समस्या ही दमकल विभाग के सामने परेशानियां खड़ी करती है।
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विभागीय अधिकारी अब सोच रहे हैं कि हादसे के समय पानी की आवश्यक व्यवस्था किस तरह और कहां से की जाए। सवाल है कि अगर शहर में कोई बड़ा अगिभनकांड होता है तो दमकल विभाग के पास तमाशा देखने के अलावा और कोई रास्ता नहीं होगा।