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‘ब्लू व्हेल न खेलेंगे न किसी को खेलने देंगे’
Updated Sat, 16 Sep 2017 11:43 PM IST
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ब्लू व्हेल
- फोटो : social media
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एटा। घातक ब्लू व्हेल गेम का खौफ अब शहर में भी दिखने लगा है। अभिभावक जहां इसे लेकर बच्चों पर नजर रख रहे हैं। वहीं शिक्षण संस्थानों में प्रार्थना सभाओं में बच्चों को जागरूक किया जा रहा है। शपथ दिलाई जा रही है कि न तो ब्लू व्हेल खेलेंगे और न ही दोस्तों को खेलने देंगे। कई विद्यालयों ने तो इस पर एडवाइजरी जारी कर दी है।
शनिवार को कई स्कूलों में ब्लू व्हेल गेम का मुद्दा छाया रहा है। प्रधानाचार्य व शिक्षक विषयों की अपेक्षा गेम के दुष्परिणामों के बारे में बच्चों को जानकारी दे रहे थे। गौरतलब है कि इन दिनों ब्लू व्हेल गेम लोगों की चर्चा का विषय बना हुआ है। वहीं बच्चे आत्मघाती कदम उठा रहे हैं।
ट्यूलिप सीनियर सेकेंडरी स्कूल में प्रधानाचार्य बिंदु जायसवाल ने स्टाफ को जहां बच्चों पर नजर रखने के निर्देश दिए। वहीं छात्र-छात्राओं को गेम से दूर रहने की शपथ दिलाई।
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सेंट पॉल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल में प्रधानाचार्य सिल्विया दास ने बच्चों को ऐसे किसी भी नए खेल को डाउनलोड न करने की सलाह दी। अभिभावकों को भी बच्चों पर नजर रखने को कहा।
श्रीराम बाल भारती इंटर कालेज के प्रधानाचार्य दुर्वेश यादव ने 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को मोबाइल प्रयोग न करने के निर्देश दिए। कहा कि घातक गेम से दर्जनों बच्चे जान गंवा चुके हैं।
राजकीय बालिका इंटर कालेज में प्रधानाचार्य सीमा सोलंकी ने बच्चों से कहा कि यदि कोई अपरिचित अनावश्यक संपर्क करने या छूने की कोशिश करे तो इसकी जानकारी अभिभावकों एवं शिक्षकों को दें।
अभिभावक धीरज कुमार कहते हैं कि घरों में भी बच्चों को ऐसे किसी खेल से बचने के लिए हिदायतें दी जा रही हैं। इतना ही नहीं इनके मोबाइल पर भी नजर रखी जा रही है।
अवंती बाई नगर निवासी अभिभावक सुधीर कुमार के टीवी, समाचार पत्रों से मिली जानकारी के बाद परिजनों में भी चिंताएं बढ़ी हैं। दुष्परिणामों को लेकर बच्चों को चौकन्ना किया जा रहा है। साथ ही उनकी व दोस्तों की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है।
अभिभावक विजय पाठक कहते हैं कि बच्चों के मोबाइल खेल रोक दिए गए हैं। अब केवल बात करने के लिए ही मोबाइल उन्हें दिए जा रहे हैं।
अभिभावक बबलू कुरेशी कहते हैं कि स्कूलों की सख्ती एवं एडवाइजरी से बच्चे भी गंभीर हैं। वहीं अभिभावकों को राहत मिली है।
हम लोग पिछले दिनों प्रधानाचार्य और शिक्षकों के साथ बैठक कर उन्हें आत्मघाती ब्लू व्हेल गेम के दुष्परिणामों की जानकारी दे चुके हैं। इसके अलावा हम विद्यालयों में बैठक कर इस बात की भी जानकारी कर रहे हैं कि बच्चे शामिल हो रहे हैं या नहीं।
संजय कुमार, एएसपी
गेम के संदेह में आए गायब हुए बच्चे
पिछले कुछ दिनों में गायब हुए बच्चों को लेकर भी चर्चाएं हो रही हैं। लोग यह भी कह रहे हैं कि कहीं बच्चे ब्लू व्हेल के चक्कर में ही तो गायब नहीं हो गए क्योंकि गेम में घर से गायब होना भी एक टास्क शामिल है।
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शनिवार को कई स्कूलों में ब्लू व्हेल गेम का मुद्दा छाया रहा है। प्रधानाचार्य व शिक्षक विषयों की अपेक्षा गेम के दुष्परिणामों के बारे में बच्चों को जानकारी दे रहे थे। गौरतलब है कि इन दिनों ब्लू व्हेल गेम लोगों की चर्चा का विषय बना हुआ है। वहीं बच्चे आत्मघाती कदम उठा रहे हैं।
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ट्यूलिप सीनियर सेकेंडरी स्कूल में प्रधानाचार्य बिंदु जायसवाल ने स्टाफ को जहां बच्चों पर नजर रखने के निर्देश दिए। वहीं छात्र-छात्राओं को गेम से दूर रहने की शपथ दिलाई।
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सेंट पॉल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल में प्रधानाचार्य सिल्विया दास ने बच्चों को ऐसे किसी भी नए खेल को डाउनलोड न करने की सलाह दी। अभिभावकों को भी बच्चों पर नजर रखने को कहा।
श्रीराम बाल भारती इंटर कालेज के प्रधानाचार्य दुर्वेश यादव ने 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को मोबाइल प्रयोग न करने के निर्देश दिए। कहा कि घातक गेम से दर्जनों बच्चे जान गंवा चुके हैं।
राजकीय बालिका इंटर कालेज में प्रधानाचार्य सीमा सोलंकी ने बच्चों से कहा कि यदि कोई अपरिचित अनावश्यक संपर्क करने या छूने की कोशिश करे तो इसकी जानकारी अभिभावकों एवं शिक्षकों को दें।
अभिभावक धीरज कुमार कहते हैं कि घरों में भी बच्चों को ऐसे किसी खेल से बचने के लिए हिदायतें दी जा रही हैं। इतना ही नहीं इनके मोबाइल पर भी नजर रखी जा रही है।
अवंती बाई नगर निवासी अभिभावक सुधीर कुमार के टीवी, समाचार पत्रों से मिली जानकारी के बाद परिजनों में भी चिंताएं बढ़ी हैं। दुष्परिणामों को लेकर बच्चों को चौकन्ना किया जा रहा है। साथ ही उनकी व दोस्तों की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है।
अभिभावक विजय पाठक कहते हैं कि बच्चों के मोबाइल खेल रोक दिए गए हैं। अब केवल बात करने के लिए ही मोबाइल उन्हें दिए जा रहे हैं।
अभिभावक बबलू कुरेशी कहते हैं कि स्कूलों की सख्ती एवं एडवाइजरी से बच्चे भी गंभीर हैं। वहीं अभिभावकों को राहत मिली है।
हम लोग पिछले दिनों प्रधानाचार्य और शिक्षकों के साथ बैठक कर उन्हें आत्मघाती ब्लू व्हेल गेम के दुष्परिणामों की जानकारी दे चुके हैं। इसके अलावा हम विद्यालयों में बैठक कर इस बात की भी जानकारी कर रहे हैं कि बच्चे शामिल हो रहे हैं या नहीं।
संजय कुमार, एएसपी
गेम के संदेह में आए गायब हुए बच्चे
पिछले कुछ दिनों में गायब हुए बच्चों को लेकर भी चर्चाएं हो रही हैं। लोग यह भी कह रहे हैं कि कहीं बच्चे ब्लू व्हेल के चक्कर में ही तो गायब नहीं हो गए क्योंकि गेम में घर से गायब होना भी एक टास्क शामिल है।