फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etah News ›   महीनों बाद भी नहीं बन रहे मूल निवास प्रमाण पत्र

महीनों बाद भी नहीं बन रहे मूल निवास प्रमाण पत्र

Tue, 29 Aug 2017 11:48 PM IST
Updated Tue, 29 Aug 2017 11:48 PM IST
विज्ञापन
महीनों बाद भी नहीं बन रहे मूल निवास प्रमाण पत्र
लोकवाणी केंद्र
एटा।
विज्ञापन

व्यवस्था आनलाइन है। सरकार कहती है घर बैठे हर प्रमाण पत्र मिलेगा। एक क्लिक पर सब कुछ सुलभ होगा, लेकिन हकीकत कुछ और है। मंगलवार को अमर उजाला ने मूल निवास प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया की पड़ताल की, तो पता लगा कि आनलाइन व्यवस्था के बाद भी कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। सत्यापन के अभाव में आवेदन महीनों लंबित पड़े रहते हैं। पढ़िए रिपोर्ट...
केस नंबर-एक
शहर निवासी छात्र प्रशांत दुबे ने नए कालेज में प्रवेश के लिए मूल निवास प्रमाण पत्र बनने के लिए एक माह पहले दिया था। चार बार केंद्र पर आ चुके हैं, लेकिन अब तक सत्यापन का काम पूरा नहीं होने से प्रमाण पत्र लटका है।
विज्ञापन


केस नंबर-दो
छात्र राघवेंद्र ने भी मूल निवास के लिए लोकवाणी केंद्र पर आवेदन किया था। आनलाइन आवेदन करने के बाद राघवेंद्र को केंद्र संचालक ने 25 दिन का वक्त दिया। अब तक डेढ़ माह हो चुका है, लेकिन प्रमाण पत्र का कोई अता पता नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन


केस नंबर तीन
छात्रा विपिन का हाल भी कुछ ऐसा ही है। 22 दिन पहले उन्होंने मूल निवास प्रमाण पत्र के लिए आनलाइन आवेदन कराया था। कई बार केंद्र संचालक के पास आ चुकी हैं, लेकिन आवेदन की सही स्थिति नहीं पता लग रही।

दो से तीन महीने का लगता है वक्त
जिले में लोकवाणी केंद्रों के जरिए मूल निवास प्रमाण पत्र बनाए जाते हैं। यहां आवेदन के बाद तहसील स्तर पर लेखपाल के सत्यापन के बाद एसडीएम स्तर से प्रमाणपत्र को स्वीकृति दी जाती है। प्रक्रिया के लिए नियमानुसार 20 दिन का वक्त तय है, लेकिन लोगों को दो से तीन महीने लग जाते हैं।
सत्यापन में चलता है खेल
प्रमाण पत्र को लेकर पैसे का खेल भी खूब चलता है। अगर प्रमाण पत्र जल्दी चाहिए, तो उसके लिए ज्यादा रकम ली जाती है। इसके बाद केंद्र संचालक लेखपाल से बात करके जल्दी सत्यापन करा देते हैं और प्रमाण पत्र जल्दी मिल जाता है।
यहां करें शिकायत
अगर लोकवाणी केंद्र से समय में प्रमाण पत्र नहीं मिल पा रहे हैं, तो आप संबंधित तहसील के एसडीएम या आईजीआरएस पोर्टल के जरिये शिकायत कर सकते हैं।
सैकड़ों आवेदन पड़े लंबित
जिले में मूल निवास प्रमाण पत्र के सैकड़ों आवेदन लंबित पडे़ हैं। सत्यापन के अभाव में लोगों को तय समय पर प्रमाण पत्र नहीं मिल पाते हैं। बताया जाता है कि लेखपाल समय पर सत्यापन कार्य में रुचि नहीं ले रहे हैं।


कहते हैं अधिकारी
लोकवाणी केंद्रों से आने वाले मूल निवास प्रमाण पत्र के आवेदनों को निपटाया जा रहा है। इसके लिए लेखपालों को निर्देशित किया गया है। कोई भी लोकवाणी केंद्र संचालकों को तय फीस से अधिक भुगतान न करे। अगर कोई ऐसा कर रहा है, तो शिकायत करें कार्रवाई की जाएगी।
डा. संजीव कुमार, एसडीएम सदर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed