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सामाजिक अधिकारों को लेकर किन्नरों ने भरी हुंकार
Updated Sat, 19 Aug 2017 11:24 PM IST
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अधिकारों को लेकर किन्नरों ने भरी हुंकार
- फोटो : अमर उजाला
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एटा।
शहर के पथवारी गेस्ट हाउस में चल रहे अखिल भारतीय किन्नर सम्मेलन में शनिवार को किन्नरों ने सामाजिक अधिकारों को लेकर चर्चा की। साथ ही किन्नरों ने गोरखपुर हादसे में मरने वाले बच्चों को श्रद्धांजलि दी और सरकार से परिवारीजनों को मुआवजा दिए जाने की मांग की।
शनिवार को सम्मेलन में किन्नर समाज की अध्यक्ष पूजा ने कहा कि किन्नरों को सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ नहीं मिलता। समाज में किन्नरों को सम्मान तो मिलता है, लेकिन लोग हिकारत की नजर से देखते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ युवक नकली किन्नर बनकर हमारे पेशे को बदनाम करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे किन्नरों के खिलाफ पुलिस कड़ी कार्रवाई करे। समाज में ऐसे में किन्नरों का कोई स्थान नहीं है। ऐसे किन्नरों की वजह से ही जन्मजात किन्नरों के साथ आपराधिक घटनाएं हो रही हैं। एटा का राधारानी हत्याकांड इसका जीता जागता उदाहरण है। पुलिस प्रशासन समाज की मदद लेकर नकली किन्नरों को सबक सिखाए। किन्नर अंगूरी ने कहा कि गुरू राधारानी हत्याकांड में कुछ अहम खुलासे होने बाकी हैं। पुलिस मामले के दोषियों को सख्त सजा दे। किन्नर प्रीति ने कहा कि हम किन्नर बच्चों के जन्म पर घर-घर बधाइयां देते हैं, लेकिन गोरखपुर मेडिकल कालेज में मासूमों की मौत पर दुखी हैं। सरकार मृत बच्चों के परिजनों को 20-20 लाख रुपये का मुआवजा दे। कि न्नरों ने मृत बच्चों की आत्मशांति की प्रार्थना की। शाम को सम्मेलन में किन्नरों ने नाच गाकर खुशियां मनाईं। साथ गुरू राधारानी और आशिक अली को श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर रजिया, नूर जहां, गीता, दीपा, सीमा, बिजली, निक्की, रानी, चंदा, अंजली, सन्नो, रजनी, छाया समेत तमाम किन्नर मौजूद रहे।
भंडारे में ग्रहण किया प्रसाद
गुरू राधारानी और आशिक अली की याद में हो रहे सम्मेलन में भंडारे का आयोजन किया गया। जिसमें सैकड़ों किन्नरों ने प्रसाद ग्रहण किया।
साथियों के घर जाकर बांधी वंदनवार
एटा। किन्नर सम्मेलन के दौरान शाम को बाहर से आए किन्नरों ने शहर के किन्नरों के घर जाकर दरवाजों पर वंदनवार बांधी। इस दौरान मंगल गीतों के साथ किन्नर ढोल नगाड़ों की धुन पर जमकर झूमे। किन्नरों ने वंदनवार बांधकर साथियों को सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
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शहर के पथवारी गेस्ट हाउस में चल रहे अखिल भारतीय किन्नर सम्मेलन में शनिवार को किन्नरों ने सामाजिक अधिकारों को लेकर चर्चा की। साथ ही किन्नरों ने गोरखपुर हादसे में मरने वाले बच्चों को श्रद्धांजलि दी और सरकार से परिवारीजनों को मुआवजा दिए जाने की मांग की।
शनिवार को सम्मेलन में किन्नर समाज की अध्यक्ष पूजा ने कहा कि किन्नरों को सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ नहीं मिलता। समाज में किन्नरों को सम्मान तो मिलता है, लेकिन लोग हिकारत की नजर से देखते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ युवक नकली किन्नर बनकर हमारे पेशे को बदनाम करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे किन्नरों के खिलाफ पुलिस कड़ी कार्रवाई करे। समाज में ऐसे में किन्नरों का कोई स्थान नहीं है। ऐसे किन्नरों की वजह से ही जन्मजात किन्नरों के साथ आपराधिक घटनाएं हो रही हैं। एटा का राधारानी हत्याकांड इसका जीता जागता उदाहरण है। पुलिस प्रशासन समाज की मदद लेकर नकली किन्नरों को सबक सिखाए। किन्नर अंगूरी ने कहा कि गुरू राधारानी हत्याकांड में कुछ अहम खुलासे होने बाकी हैं। पुलिस मामले के दोषियों को सख्त सजा दे। किन्नर प्रीति ने कहा कि हम किन्नर बच्चों के जन्म पर घर-घर बधाइयां देते हैं, लेकिन गोरखपुर मेडिकल कालेज में मासूमों की मौत पर दुखी हैं। सरकार मृत बच्चों के परिजनों को 20-20 लाख रुपये का मुआवजा दे। कि न्नरों ने मृत बच्चों की आत्मशांति की प्रार्थना की। शाम को सम्मेलन में किन्नरों ने नाच गाकर खुशियां मनाईं। साथ गुरू राधारानी और आशिक अली को श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर रजिया, नूर जहां, गीता, दीपा, सीमा, बिजली, निक्की, रानी, चंदा, अंजली, सन्नो, रजनी, छाया समेत तमाम किन्नर मौजूद रहे।
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भंडारे में ग्रहण किया प्रसाद
गुरू राधारानी और आशिक अली की याद में हो रहे सम्मेलन में भंडारे का आयोजन किया गया। जिसमें सैकड़ों किन्नरों ने प्रसाद ग्रहण किया।
साथियों के घर जाकर बांधी वंदनवार
एटा। किन्नर सम्मेलन के दौरान शाम को बाहर से आए किन्नरों ने शहर के किन्नरों के घर जाकर दरवाजों पर वंदनवार बांधी। इस दौरान मंगल गीतों के साथ किन्नर ढोल नगाड़ों की धुन पर जमकर झूमे। किन्नरों ने वंदनवार बांधकर साथियों को सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
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