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किशनी का नया बिजलीघर दे रहा हादसे को दावत
Updated Fri, 07 Jul 2017 11:31 PM IST
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अधूरा पड़ा बिजलीघर
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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किशनी (मैनपुरी)। नगर पंचायत के लिए तीन करोड़ पचास लाख की लागत से बनाया गया नया बिजलीघर बदहाल हालत में है। यह मानकों की अनदेखी के चलते हादसे को दावत दे रहा है। वहीं बिजलीघर के निर्माण में नगर वासियों ने ठेकेदार पर मानकों की अनदेखी का आरोप लगाया है।
आलम यह है कि मुख्य कक्ष में विभाग द्वारा नई मशीनें लगाई गई हैं। उसके बाहर बनी एप्रोच बरसात होते ही अंदर धस गई है। जिससे बरसात का पानी मुख्य कक्ष की दीवारों में जाने लगा है। बिजलीघर परिसर में भरे बरसात के पानी के निकलने का कोई भी प्रबंध नहीं किया गया है। परिसर के पीछे के हिस्से ने तालाब का रूप ले लिया है। बिजलीघर जाने वाला मार्ग तथा परिसर के अंदर भी पक्के मार्ग का निर्माण आज तक नही हो सका है। मुख्य कक्ष तथा अन्य कक्षों के जंगलों में खिड़की न होने से बौछार अंदर आ जाती है। कक्ष की छतें भी बरसात होने पर टपकती है। जिसके चलते कभी भी मशीनों पर पानी जाने तथा मुख्य दीवाल बरसात में गिरने से कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
नहीं हो पा रहा उद्घाटन
ठेकेदार द्वारा बनवाए गए बिजलीघर में मानकों की अनदेखी के कारण वहां रहने वाले ड्यूटी कर्मियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ड्यूटी पर तैनात कर्मी रातभर जागने पर मजबूर हैं। जेई गिरी प्रसाद का कहना है कि अभी बिजली घर हैंडओवर नही हुआ है। मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई हैं।
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आलम यह है कि मुख्य कक्ष में विभाग द्वारा नई मशीनें लगाई गई हैं। उसके बाहर बनी एप्रोच बरसात होते ही अंदर धस गई है। जिससे बरसात का पानी मुख्य कक्ष की दीवारों में जाने लगा है। बिजलीघर परिसर में भरे बरसात के पानी के निकलने का कोई भी प्रबंध नहीं किया गया है। परिसर के पीछे के हिस्से ने तालाब का रूप ले लिया है। बिजलीघर जाने वाला मार्ग तथा परिसर के अंदर भी पक्के मार्ग का निर्माण आज तक नही हो सका है। मुख्य कक्ष तथा अन्य कक्षों के जंगलों में खिड़की न होने से बौछार अंदर आ जाती है। कक्ष की छतें भी बरसात होने पर टपकती है। जिसके चलते कभी भी मशीनों पर पानी जाने तथा मुख्य दीवाल बरसात में गिरने से कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
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नहीं हो पा रहा उद्घाटन
ठेकेदार द्वारा बनवाए गए बिजलीघर में मानकों की अनदेखी के कारण वहां रहने वाले ड्यूटी कर्मियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ड्यूटी पर तैनात कर्मी रातभर जागने पर मजबूर हैं। जेई गिरी प्रसाद का कहना है कि अभी बिजली घर हैंडओवर नही हुआ है। मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई हैं।
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