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एसपी को क्लीन चिट पर पीड़ित युवक हैरान
Updated Wed, 05 Jul 2017 12:44 AM IST
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आगरा / मथुरा। एसपी विजिलेंस आनंद कुमार को मथुरा पुलिस ने जांच में क्लीन चिट दे दी है। उन पर आगरा के एसपी क्राइम पद पर रहने के दौरान यमुना पार के युवक मनोज कुमार से पांच लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगा था। उनकी आवाज रिकार्ड कर ली गई थी। मनोज का कहना है कि वह अपने बयान पर कायम है। उसने मथुरा एसएसपी आफिस में यही बयान दिया था कि उससे पैसे की मांग की गई थी। इसके बावजूद क्लीन चिट दिए जाने पर उसे बड़ी हैरानी है।
मामला चार महीने पहले का है। जमीन के एक विवादित मामले की जांच तत्कालीन एसएसपी डा. प्रीतिंदर सिंह ने तत्कालीन एसपी क्राइम आनंद कुमार को सौंपी थी। आरोप था कि आनंद कुमार ने मनोज से पांच लाख रुपये की मांग की। आनंद का एक व्यक्ति से करोड़ों की जमीन पर कब्जे का विवाद चल रहा था।
मथुरा एसएसपी ने बताया कि जांच में आरोप सिद्ध नहीं हुआ। इसकी रिपोर्ट आगरा के एसएसपी को भेजी जा चुकी है। उधर, पीड़ित मनोज का कहना है कि उसने मथुरा के एसएसपी आफिस में बयान दर्ज कराया था। वह अपनी बात पर कायम रहा।
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दो लोगों ने शपथ पत्र भी दिए थे। ऑडियो की सीडी भी सौंपी थी। इसकी फोरेंसिक जांच नहीं कराई गई। जांच रिपोर्ट पर उसे हैरानी है। उसे यह भी नहीं बताया गया कि आरोपी अधिकारी को क्लीन चिट किस आधार पर दी गई है। वह इसकी शिकायत आला अधिकारियों से करेगा।
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मामला चार महीने पहले का है। जमीन के एक विवादित मामले की जांच तत्कालीन एसएसपी डा. प्रीतिंदर सिंह ने तत्कालीन एसपी क्राइम आनंद कुमार को सौंपी थी। आरोप था कि आनंद कुमार ने मनोज से पांच लाख रुपये की मांग की। आनंद का एक व्यक्ति से करोड़ों की जमीन पर कब्जे का विवाद चल रहा था।
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मथुरा एसएसपी ने बताया कि जांच में आरोप सिद्ध नहीं हुआ। इसकी रिपोर्ट आगरा के एसएसपी को भेजी जा चुकी है। उधर, पीड़ित मनोज का कहना है कि उसने मथुरा के एसएसपी आफिस में बयान दर्ज कराया था। वह अपनी बात पर कायम रहा।
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दो लोगों ने शपथ पत्र भी दिए थे। ऑडियो की सीडी भी सौंपी थी। इसकी फोरेंसिक जांच नहीं कराई गई। जांच रिपोर्ट पर उसे हैरानी है। उसे यह भी नहीं बताया गया कि आरोपी अधिकारी को क्लीन चिट किस आधार पर दी गई है। वह इसकी शिकायत आला अधिकारियों से करेगा।