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UP: जाम में फंसने के लिए तैयार, लेकिन उत्तरी बाईपास से नहीं गुजर रहे वाहन...जानें क्या है वजह
Sat, 17 Jan 2026 09:09 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sat, 17 Jan 2026 09:09 AM IST
सार
400 करोड़ खर्च करने के बाद उत्तरी बाईपास बन सका, लेकिन यहां से वाहन अभी भी नहीं गुजर रहे हैं। आइये बताते हैं इसके पीछे की मुख्य वजह क्या है...
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उत्तरी बाईपास
- फोटो : संवाद
विस्तार
आगरा को जाम की समस्या से मुक्ति दिलाने के लिए 400 करोड़ की लागत से बने 14 किलोमीटर लंबे उत्तरी बाईपास पर भारी वाहनों का आवागमन नहीं हो पा रहा है। इस वजह से आए दिन हाईवे पर लोगों की जान जा रही है। शहर के बीच से निकलते भारी वाहन यातायात में भी बाधा बन रहे हैं। उत्तरी बाईपास से भारी वाहनों का आवागमन कराने के लिए अधिवक्ता केसी जैन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है।
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अधिवक्ता जैन ने बताया कि उत्तरी बाईपास पूरी तरह चालू हो चुका है लेकिन भारी वाहन शहर के बीच से गुजारे जा रहे हैं। जनता के धन से बनाई गई सड़क का उपयोग उद्देश्य के लिए होना चाहिए। उन्होंने अपनी याचिका में कहा है कि उत्तरी बाईपास 4 दिसंबर को चालू हुआ था। यह 14 किलोमीटर लंबा है। यह रास्ता दिल्ली से कानपुर और आगे जाने वाले वाहनों के लिए प्रमुख है। जो भारी वाहन आगरा नहीं जा रहे हैं, वह शहर में प्रवेश नहीं करेंगे, लेकिन प्रतिदिन 50 हजार भारी वाहन आगरा के सिकंदरा क्षेत्र से हुए एत्मादपुर के बीच से गुजर रहे हैं। वाहनों के स्कूलों, अस्पतालों, बस अड्डों, सब्ज़ी मंडियों, रिहायशी इलाकों और ऐतिहासिक स्मारकों के बीच से निकलने की वजह से सड़क हादसों का खतरा लगातार बना रहता है। मथुरा और आगरा जिला प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई की जरूरत है।
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टोल टैक्स बचाने का चक्कर
अधिवक्ता ने बताया कि मथुरा की तरफ से आ रहे वाहनों को फरह पर टोल टैक्स देना होता है। रैपुरा जाट से उत्तरी बाईपास है। इस पर वर्तमान में कोई टैक्स नहीं है। मगर भविष्य में टैक्स लगाने की तैयारी चल रही है। दो स्थान पर टैक्स कटवाने के बाद भारी वाहन खंदौली होते हुए यमुना एक्सप्रेस वे पर आएंगे। यहां तीसरी बार टैक्स लगेगा। इस पर अधिवक्ता ने मांग की कि उत्तरी बाईपास से गुजरने वाले वाहनों का एक ही स्थान पर टैक्स लगना चाहिए। बार-बार टैक्स से बचने के लिए चालक आगरा होकर अपने वाहनों को निकालते हैं। उन्होंने दूरी के अनुसार शुल्क वसूलने या एकीकृत शुल्क व्यवस्था लागू करने का सुझाव दिया।
अधिवक्ता ने बताया कि मथुरा की तरफ से आ रहे वाहनों को फरह पर टोल टैक्स देना होता है। रैपुरा जाट से उत्तरी बाईपास है। इस पर वर्तमान में कोई टैक्स नहीं है। मगर भविष्य में टैक्स लगाने की तैयारी चल रही है। दो स्थान पर टैक्स कटवाने के बाद भारी वाहन खंदौली होते हुए यमुना एक्सप्रेस वे पर आएंगे। यहां तीसरी बार टैक्स लगेगा। इस पर अधिवक्ता ने मांग की कि उत्तरी बाईपास से गुजरने वाले वाहनों का एक ही स्थान पर टैक्स लगना चाहिए। बार-बार टैक्स से बचने के लिए चालक आगरा होकर अपने वाहनों को निकालते हैं। उन्होंने दूरी के अनुसार शुल्क वसूलने या एकीकृत शुल्क व्यवस्था लागू करने का सुझाव दिया।