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यमुना में स्नान के लिए बढ़ाया गया गंगाजल
Updated Mon, 05 Nov 2018 08:13 PM IST
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मथुरा। यम द्वितीया पर स्नान के लिए यमुना में गंगाजल छोड़ा गया है। हरियाणा की गुची ड्रेन से आए दूषित पानी के प्रभाव को कम करने के लिए ओखला बैराज से 4700 क्यूसेक अतिरिक्त पानी छोड़ा गया है। इसके अलावा हरनौल स्कैप पर भी गंगा जल की मात्रा बढ़ा दी गई है। हालांकि यम द्वितीया स्नान के मद्देनजर इस व्यवस्था को नाकाफी माना जा रहा है।
सोमवार को ओखला बैराज से यमुना में 4700 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इस जल का असर मथुरा में यमुना में दीपावली की पूर्व संध्या पर नजर आ सकता है। इसके अलावा हरनौल स्कैप से गंगा जल की मात्रा 180 क्यूसेक कर दी गई है, जो पूर्व में 150 क्यूसेक थी। यमुना में जल की यह वृद्धि यम द्वितीया के मद्देनजर मथुरा में प्रदूषण की मात्रा को देखते हुए की गई है।
गौरतलब रहे चार दिन पहले हरियाणा की गुची ड्रेन से आए औद्योगिक कचरे ने यमुना को रातों रात विषेला कर दिया था। लाखों मछलियां इस जहरीले पानी से यमुना में मारी गईं। इससे मची खलबली के बाद डीएम सर्वज्ञराम मिश्र ने हरियाणा के प्रमुख सचिव से वार्ता की। इसके बाद सोमवार को यमुना में अतिरिक्त पानी छोड़ा गया है। हालांकि यमुना कार्य योजना के इलाहाबाद हाईकोर्ट में याची गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी ने यमुना जल की इस वृद्धि को नाकाफी बताया है। कहा है कि यम द्वितीया के लिए यमुना में और अतिरिक्त पानी छोड़ने की आवश्यकता है।
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सोमवार को ओखला बैराज से यमुना में 4700 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इस जल का असर मथुरा में यमुना में दीपावली की पूर्व संध्या पर नजर आ सकता है। इसके अलावा हरनौल स्कैप से गंगा जल की मात्रा 180 क्यूसेक कर दी गई है, जो पूर्व में 150 क्यूसेक थी। यमुना में जल की यह वृद्धि यम द्वितीया के मद्देनजर मथुरा में प्रदूषण की मात्रा को देखते हुए की गई है।
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गौरतलब रहे चार दिन पहले हरियाणा की गुची ड्रेन से आए औद्योगिक कचरे ने यमुना को रातों रात विषेला कर दिया था। लाखों मछलियां इस जहरीले पानी से यमुना में मारी गईं। इससे मची खलबली के बाद डीएम सर्वज्ञराम मिश्र ने हरियाणा के प्रमुख सचिव से वार्ता की। इसके बाद सोमवार को यमुना में अतिरिक्त पानी छोड़ा गया है। हालांकि यमुना कार्य योजना के इलाहाबाद हाईकोर्ट में याची गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी ने यमुना जल की इस वृद्धि को नाकाफी बताया है। कहा है कि यम द्वितीया के लिए यमुना में और अतिरिक्त पानी छोड़ने की आवश्यकता है।
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