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सुर, लय, ताल की जुगलबंदी से झंकृत हुआ राधाकुंड
Updated Wed, 10 Oct 2018 08:32 PM IST
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राधाकुंड (मथुरा)। गायन, वादन और नृत्य से सजी रात और सुर लय, ताल के अनूठे संगम के मध्य मणिपुरी और ब्रज संगीत की जुगलबंदी से ब्रज धरा गूंज उठी। राधाकुंड मीरा मनोरंजन धर्मशाला में राजर्षि भाग्य चंद्र की 220वीं पुण्यतिथि के दूसरे दिन हुए इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में मणिपुरी के कलाकारों ने सुंदर प्रस्तुति दी।
मुख्य अतिथि मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री ओकराम ईबोबी सिंह ने राजर्षि भाग्य चंद्र के चित्र पर पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। एरावत महाराज व राजा लैशेंबा सनाजोईबा के नेतृत्व में मणिपुर के कलाकारों ने समां बाध दिया।
कलाकारों ने मंच पर सुर और ताल की अनूठी छाप छोड़ी। कलाकारों ने मणिपुरी नृत्य, गीत गोविंद और रासलीला आदि सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। व्यवस्थापक संजय अग्रवाल, विधायक गोविंद कोंथोजाइम, लोकेन सिंह, एल उपेंद्रो शर्मा, विक्रमजीत सिंह आदि मौजूद थे।
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मुख्य अतिथि मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री ओकराम ईबोबी सिंह ने राजर्षि भाग्य चंद्र के चित्र पर पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। एरावत महाराज व राजा लैशेंबा सनाजोईबा के नेतृत्व में मणिपुर के कलाकारों ने समां बाध दिया।
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कलाकारों ने मंच पर सुर और ताल की अनूठी छाप छोड़ी। कलाकारों ने मणिपुरी नृत्य, गीत गोविंद और रासलीला आदि सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। व्यवस्थापक संजय अग्रवाल, विधायक गोविंद कोंथोजाइम, लोकेन सिंह, एल उपेंद्रो शर्मा, विक्रमजीत सिंह आदि मौजूद थे।
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