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खीरे में जन्मेंगे कान्हा, पाग का लगेगा भोग
Updated Sat, 01 Sep 2018 12:16 AM IST
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डेमो
- फोटो : डेमो
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मथुरा। जन्माष्टमी पर तीन सितंबर को घर-घर में कान्हा खीरे में जन्म लेंगे। उन्हें मखाने व चाशनी से तैयार किए गए पाग का भोग लगाया जाएगा। इसके लिए घर-घर में तैयारियां शुरू हो गई हैं।
जन्माष्टमी का पर्व तीन सितंबर को मनाया जाएगा। जहां जन-जन के आराध्य भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव को मनाने के लिए शहर के मंदिरों में तेजी से सजावट का कार्य चल रहा है। वहीं घरों में भी महिलाओं द्वारा पकवान बनाने शुरू हो गए है। तीन सितंबर को जन्मस्थान परिसर में ठीक 12 बजे कान्हा जन्म लेंगे वहीं घर-घर में भी खीरे से भगवान का अवतरण होगा।
इससे पूर्व घरों में कान्हा की झांकियां सजाई जाएंगी। रात्रि में जन्म के साथ महिलाएं स्नान इत्यादि कर कान्हा का जन्म करेंगी। दूध, दही, घी, शहद आदि से अभिषेक के बाद पंजीरी व पाग आदि का भोग उन्हें अर्पित किया जाएगा। बाद में जन्म के खीरे को यमुना में प्रवाहित किया जाएगा।
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चलेगा बधाइयों का दौर
कान्हा के जन्म के साथ-साथ बधाइयों का दौर भी शुरू हो जाएगा। घर-घर में बधाई गायन होगा। एक-दूसरे को कान्हा के जन्म की बधाई देकर अगले दिन उपहार लुटाए जाएंगे।
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जन्माष्टमी का पर्व तीन सितंबर को मनाया जाएगा। जहां जन-जन के आराध्य भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव को मनाने के लिए शहर के मंदिरों में तेजी से सजावट का कार्य चल रहा है। वहीं घरों में भी महिलाओं द्वारा पकवान बनाने शुरू हो गए है। तीन सितंबर को जन्मस्थान परिसर में ठीक 12 बजे कान्हा जन्म लेंगे वहीं घर-घर में भी खीरे से भगवान का अवतरण होगा।
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इससे पूर्व घरों में कान्हा की झांकियां सजाई जाएंगी। रात्रि में जन्म के साथ महिलाएं स्नान इत्यादि कर कान्हा का जन्म करेंगी। दूध, दही, घी, शहद आदि से अभिषेक के बाद पंजीरी व पाग आदि का भोग उन्हें अर्पित किया जाएगा। बाद में जन्म के खीरे को यमुना में प्रवाहित किया जाएगा।
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चलेगा बधाइयों का दौर
कान्हा के जन्म के साथ-साथ बधाइयों का दौर भी शुरू हो जाएगा। घर-घर में बधाई गायन होगा। एक-दूसरे को कान्हा के जन्म की बधाई देकर अगले दिन उपहार लुटाए जाएंगे।