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फसल बचाने में खुद ही जल गया कसान
Updated Fri, 06 Jul 2018 11:15 PM IST
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फसल बचाने में खुद ही जल गया कसान
- फोटो : अमर उजाला
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कासगंज। सिढ़पुरा क्षेत्र के ग्राम खजुरा में मक्का की फसल को आग से बचाने में किसान की जलकर मौत हो गई। राजस्व कर्मियों ने घटना का निरीक्षण किया।
बहार सिंह भदौरिया (82) निवासी खजुरा ने 45 बीघा खेत में मक्का की फसल पैदा की। आधे खेत से मक्का (भुंटा) तुड़ाई के बाद फसल के शेष बचे अवशेष में किसान ने आग लगा दी। तेज हवा के चलते आग ने शेष बची मक्का की फसल को भी अपनी चपेट में ले लिया। जब किसान ने फसल को आग से बचाने का प्रयास किया तो उसका पैर फिसलकर आग में घिरकर जल गया। किसान की मौके पर ही मौत हो गई।
जब कुछ लोगों ने खेत की ओर से आग की लपटें उठती देखी तो वे मौके की ओर दौड़ पड़े। ग्रामीणों ने आग बुझाने के प्रयास शुरू कर दिए। काफी प्रयास के बाद आग को बुझाया जा सका। आग बुझने के बाद किसान के जले हुए शव को बाहर निकाला गया। किसान का शव देखकर परिवारीजन चीत्कार कर उठे। घटना की जानकारी तहसील प्रशासन को दी गई। एसडीएम ने राजस्व निरीक्षक जयवीर सिंह व लेखपाल को मौके का निरीक्षण किया। राजस्व कर्मियों ने घटना की रिपोर्ट तहसील प्रशासन को सौंप दी।
शादी की खुशियों में पड़ा रंग में भंग
कासगंज। आग में जलकर किसान बहार सिंह की मौत से शादी की खुशियों में रंग में भंग पड़ गया। उनके बड़े भाई रघुवीर के नाती कुल्दीप पुत्र सतेद्र की बारात के विजौला कंपिल फर्रुखाबाद जाने के लिए तैयारियां चल रही थी। बारात में शामिल होने के लिए परिवार के सदस्य काफी उत्साहित थे। घर में गाने बजाने का दौर चल रहा था। हादसे में किसान की मौत ने रंग में भंग डाल दिया। लोग शादी की खुशियां भूलकर रोने बिलखने लगे।
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नहीं मिल सकेगी आर्थिक मदद
कासगंज। पटियाली के एसडीएम धीरेद्र कुमार ने बताया कि कृषि दुर्घटना बीमा के तहत 70 साल की आयु तक ही मदद का प्रावधान है। आग की घटना देवीय आपदा की श्रेणी में भी नहीं आती। उम्र अधिक होने के कारण किसान के परिवार को किसी प्रकार की आर्थिक सहायता नहीं मिल पाएगी।
बहार सिंह भदौरिया (82) निवासी खजुरा ने 45 बीघा खेत में मक्का की फसल पैदा की। आधे खेत से मक्का (भुंटा) तुड़ाई के बाद फसल के शेष बचे अवशेष में किसान ने आग लगा दी। तेज हवा के चलते आग ने शेष बची मक्का की फसल को भी अपनी चपेट में ले लिया। जब किसान ने फसल को आग से बचाने का प्रयास किया तो उसका पैर फिसलकर आग में घिरकर जल गया। किसान की मौके पर ही मौत हो गई।
जब कुछ लोगों ने खेत की ओर से आग की लपटें उठती देखी तो वे मौके की ओर दौड़ पड़े। ग्रामीणों ने आग बुझाने के प्रयास शुरू कर दिए। काफी प्रयास के बाद आग को बुझाया जा सका। आग बुझने के बाद किसान के जले हुए शव को बाहर निकाला गया। किसान का शव देखकर परिवारीजन चीत्कार कर उठे। घटना की जानकारी तहसील प्रशासन को दी गई। एसडीएम ने राजस्व निरीक्षक जयवीर सिंह व लेखपाल को मौके का निरीक्षण किया। राजस्व कर्मियों ने घटना की रिपोर्ट तहसील प्रशासन को सौंप दी।
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शादी की खुशियों में पड़ा रंग में भंग
कासगंज। आग में जलकर किसान बहार सिंह की मौत से शादी की खुशियों में रंग में भंग पड़ गया। उनके बड़े भाई रघुवीर के नाती कुल्दीप पुत्र सतेद्र की बारात के विजौला कंपिल फर्रुखाबाद जाने के लिए तैयारियां चल रही थी। बारात में शामिल होने के लिए परिवार के सदस्य काफी उत्साहित थे। घर में गाने बजाने का दौर चल रहा था। हादसे में किसान की मौत ने रंग में भंग डाल दिया। लोग शादी की खुशियां भूलकर रोने बिलखने लगे।
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नहीं मिल सकेगी आर्थिक मदद
कासगंज। पटियाली के एसडीएम धीरेद्र कुमार ने बताया कि कृषि दुर्घटना बीमा के तहत 70 साल की आयु तक ही मदद का प्रावधान है। आग की घटना देवीय आपदा की श्रेणी में भी नहीं आती। उम्र अधिक होने के कारण किसान के परिवार को किसी प्रकार की आर्थिक सहायता नहीं मिल पाएगी।