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दमकल विभाग को संसाधनों की दरकार, कैसे बुझेगी आग
Updated Thu, 22 Mar 2018 06:41 PM IST
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आग
- फोटो : SELF
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मैनपुरी। गर्मी का मौसम शुरू हो चुका है, हाल ही में आग की दो घटनाएं भी हो चुकी हैं। जैसे-जैसे गर्मी बढ़ेगी आगजनी की घटनाएं भी बढ़ेगी। गर्मी को देखते हुए दमकल विभाग ने भी तैयारी शुरू कर दी है। बावजूद इसके दमकल विभाग संसाधनों की कमी से जूझ रहा है। ऐसे में आगजनी की घटनाओं पर काबू करने के लिए संसाधन व कर्मचारियों की कमी निश्चित तौर पर बड़ी मुसीबत खड़ी कर सकता है। जिले में स्वीकृत पांच अग्रिशमन अधिकारी के पदों के सापेक्ष एक भी तैनाती नहीं है।
कई वर्षों से संसाधनों व कर्मियों की कमी से जूझ रहे दमकल विभाग का हाल जस का तस है। वर्तमान में कुछेक कर्मियों की बढ़ोतरी हुई है, लेकिन उससे भी कोई हल होता नजर नहीं आ रहा है। जिला मुख्यालय पर अग्रिशमन अधिकारी के पांच स्वीकृत पद खाली हैं। जिला मुख्यालय पर 4500-5000 लीटर क्षमता का सिर्फ एक फायर टेंकर ही मौजूद है। इसके अलावा बेवर, किशनी, करहल और कुरावली पर एक भी बड़ा वाहन नहीं है। जिले में 2क000-2500 लीटर क्षमता वाले वाटर टेंडर की जरूरत है, जबकि हैं सिर्फ चार। कुरावली में एक भी फायर टेंडर नहीं है। जिले के लिए एक वाटर ब्राउजर 10000-12000 क्षमता का वाहन स्वीकृत है, लेकिन वर्तमान में एक भी मौजूद नहीं है।
दमकल विभाग के पास संसाधनों की कमी है। इसके साथ ही फोम टेंडर भी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में किसी गैस का रिसाव होने व किसी पेट्रोल पंप पर लीकेज के दौरान स्थिति को संभालना कठिन कार्य है। इसके अलावा दमकल विभाग के पास बचाव कार्य के दौरान घायलों को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए लाइफ सपोर्ट सिस्टम से लैस एंबुलेंस भी उपलब्ध नहीं है।
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संसाधनों की कमी के बारे में समय-समय पर उच्चाधिकारियों को पत्राचार के माध्यम से अवगत कराया जाता रहता है। अभी कुछ पुलिसकर्मी उपलब्ध कराए गए हैं। सीमित संसाधन में हम किसी भी परिस्थिति पर काबू करने के हर संभव प्रयास करते हैं।
मनू शर्मा, सीएफओ
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कई वर्षों से संसाधनों व कर्मियों की कमी से जूझ रहे दमकल विभाग का हाल जस का तस है। वर्तमान में कुछेक कर्मियों की बढ़ोतरी हुई है, लेकिन उससे भी कोई हल होता नजर नहीं आ रहा है। जिला मुख्यालय पर अग्रिशमन अधिकारी के पांच स्वीकृत पद खाली हैं। जिला मुख्यालय पर 4500-5000 लीटर क्षमता का सिर्फ एक फायर टेंकर ही मौजूद है। इसके अलावा बेवर, किशनी, करहल और कुरावली पर एक भी बड़ा वाहन नहीं है। जिले में 2क000-2500 लीटर क्षमता वाले वाटर टेंडर की जरूरत है, जबकि हैं सिर्फ चार। कुरावली में एक भी फायर टेंडर नहीं है। जिले के लिए एक वाटर ब्राउजर 10000-12000 क्षमता का वाहन स्वीकृत है, लेकिन वर्तमान में एक भी मौजूद नहीं है।
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दमकल विभाग के पास संसाधनों की कमी है। इसके साथ ही फोम टेंडर भी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में किसी गैस का रिसाव होने व किसी पेट्रोल पंप पर लीकेज के दौरान स्थिति को संभालना कठिन कार्य है। इसके अलावा दमकल विभाग के पास बचाव कार्य के दौरान घायलों को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए लाइफ सपोर्ट सिस्टम से लैस एंबुलेंस भी उपलब्ध नहीं है।
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संसाधनों की कमी के बारे में समय-समय पर उच्चाधिकारियों को पत्राचार के माध्यम से अवगत कराया जाता रहता है। अभी कुछ पुलिसकर्मी उपलब्ध कराए गए हैं। सीमित संसाधन में हम किसी भी परिस्थिति पर काबू करने के हर संभव प्रयास करते हैं।
मनू शर्मा, सीएफओ