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हर माह 45 लाख खर्च फिर भी लग रहे कूड़े के ढेर
Updated Thu, 11 Jan 2018 11:11 PM IST
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हर माह 45 लाख खर्च फिर भी लग रहे कूड़े के ढेर
- फोटो : अमर उजाला
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बढ़ा खर्चा, बड़ी फौज मगर सफाई धेला भर भी नहीं। नगर में सफाई व्यवस्था का आलम लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। हर माह सफाई के नाम पर नगर पालिका 45 लाख रुपये खर्च करती है। बावजूद इसके हर कदम पर कूड़े के ढेर लगे मिल जाएंगे। पालिका के अधिकारी-कर्मचारी भी सफाई को लेकर संजीदा नजर नहीं आते। पढ़िए रिपोर्ट...
तस्वीर - एक
कैलाशगंज रोड
शहर के कैलाश गंज रोड का हाल बेहाल है। आलम यह है कि पूरा मार्ग जलभराव से जूझ रहा है। लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। खास बात यह है कि यह जलभराव शहर की शान और आस्था का केंद्र माने जाने वाले कैलाश मंदिर के सामने है। इसके चलते श्रद्धालुओं को भी मुश्किल होती है।
तस्वीर -दो
विजय नगर कालोनी
नगर के प्रमुख रिहायशी इलाके विजय नगर में भी नालियां चौक पड़ी हुई हैं। आलम यह है कि नालियों का पानी सड़क पर आ गया है। ऐसे में पूरे दिन बदबू और गंदगी से लोगों का हाल-बेहाल है। जल भराव से निपटने में पालिका और कर्मचारी पूरी तरह से फेल हैं।
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तस्वीर-तीन
गली तेलियान
बाबूगंज जाने वाली गली तेलियान में भी सफाई का आलम बदहाली का शिकार है। सफाई कर्मचारी आता नहीं है। इसके चलते नालियां उफन रही हैं। लोगों की परेशानी का आलम यह है कि जल भराव के चलते लोग कई बार चोटिल हो चुके हैं।
तस्वीर-चार गली सराय
जामा मस्जिद के पीछे वाली गली सराय का हाल बेहद खराब है। यहां नाले के पानी ने सड़क को पूरी तरह से घेर लिया है। आलम यह है कि लोग पानी में ईंटे रखकर गुजर रहे हैं। नमाजी कई बार गंदे पानी में गिर चुके हैं। पालिका को परेशानी सरोकार नहीं है।
हर महीने खर्च होते हैं 40-45 लाख
नगर पालिका परिषद हर माह शहर को स्वच्छ बनाने के लिए 40-45 लाख रुपये खर्च करती है। इसके लिए सफाई कर्मचारियों के साथ-साथ आगरा की गरिमा कंस्ट्रक्शन कंपनी को ठेका दिया गया है। यह कंपनी हर माह 8.63 लाख रुपये का भुगतान पालिका से प्राप्त करती है। बावजूद इसके सफाई व्यवस्था बदहाल है।
175 कर्मचारियों पर जिम्मा, मगर बेड़ा गर्क
नगर पालिका में 175 सफाई कर्मचारी हैं। इनमें 64 पुरुष और 38 महिला सफाई कर्मचारी स्थाई हैं। साथ ही 73 सफाई कर्मचारी संविदा पर तैनात हैं। प्रति वार्ड 12-15 कर्मचारियों की तैनाती की गई है। पालिका के 25 वार्डों में से 14 वार्डों की सफाई व्यवस्था पालिका के सफाई कर्मचारियों पर है और 11 वार्ड का जिम्मा प्राइवेट कंपनी को ठेके पर दिया गया है। कंपनी और कर्मचारियों के वेतन पर ही पालिका का 44 लाख व्यय होता है। बाकी उपकरणों की खरीद नहीं होने से भी व्यवस्था बिगड़ रही है।
पांच महीने से नहीं हुआ भुगतान
नगर पालिका ने बीेते पांच महीने से ठेके पर काम कर रही कंपनी का भुगतान नहीं किया है। ऐसे में कंपनी ने भी सफाई कार्य कराने में रुचि लेना छोड़ दिया है।
इनका कहना है
नगर में सफाई व्यवस्था को लेकर रोस्टर बना दिया गया है। हर सफाई कर्मचारी की ड्यूटी वार्ड वाइज लगाई गई है। प्राइवेट कंपनी को भी निर्देश दिए हैं। उपकरण खरीद का प्रस्ताव बोर्ड बैठक में शामिल किया जाएगा।
लोकेंद्र सिंह, ईओ, नगर पालिका एटा
कहते हैं आंकड़े
45 लाख रुपये सफाई पर खर्च होते हैं हर रोज।
175 सफाई कर्मचारी करते हैं 14 वार्डों में सफाई।
8.63 लाख रुपये का कंपनी को होता है भुगतान।
11 वार्डों में सफाई कार्य कराती है प्राइवेट कंपनी।
25 वार्ड हैं नगर पालिका क्षेत्र में।
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बढ़ा खर्चा, बड़ी फौज मगर सफाई धेला भर भी नहीं। नगर में सफाई व्यवस्था का आलम लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। हर माह सफाई के नाम पर नगर पालिका 45 लाख रुपये खर्च करती है। बावजूद इसके हर कदम पर कूड़े के ढेर लगे मिल जाएंगे। पालिका के अधिकारी-कर्मचारी भी सफाई को लेकर संजीदा नजर नहीं आते। पढ़िए रिपोर्ट...
तस्वीर - एक
कैलाशगंज रोड
शहर के कैलाश गंज रोड का हाल बेहाल है। आलम यह है कि पूरा मार्ग जलभराव से जूझ रहा है। लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। खास बात यह है कि यह जलभराव शहर की शान और आस्था का केंद्र माने जाने वाले कैलाश मंदिर के सामने है। इसके चलते श्रद्धालुओं को भी मुश्किल होती है।
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तस्वीर -दो
विजय नगर कालोनी
नगर के प्रमुख रिहायशी इलाके विजय नगर में भी नालियां चौक पड़ी हुई हैं। आलम यह है कि नालियों का पानी सड़क पर आ गया है। ऐसे में पूरे दिन बदबू और गंदगी से लोगों का हाल-बेहाल है। जल भराव से निपटने में पालिका और कर्मचारी पूरी तरह से फेल हैं।
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गली तेलियान
बाबूगंज जाने वाली गली तेलियान में भी सफाई का आलम बदहाली का शिकार है। सफाई कर्मचारी आता नहीं है। इसके चलते नालियां उफन रही हैं। लोगों की परेशानी का आलम यह है कि जल भराव के चलते लोग कई बार चोटिल हो चुके हैं।
तस्वीर-चार गली सराय
जामा मस्जिद के पीछे वाली गली सराय का हाल बेहद खराब है। यहां नाले के पानी ने सड़क को पूरी तरह से घेर लिया है। आलम यह है कि लोग पानी में ईंटे रखकर गुजर रहे हैं। नमाजी कई बार गंदे पानी में गिर चुके हैं। पालिका को परेशानी सरोकार नहीं है।
हर महीने खर्च होते हैं 40-45 लाख
नगर पालिका परिषद हर माह शहर को स्वच्छ बनाने के लिए 40-45 लाख रुपये खर्च करती है। इसके लिए सफाई कर्मचारियों के साथ-साथ आगरा की गरिमा कंस्ट्रक्शन कंपनी को ठेका दिया गया है। यह कंपनी हर माह 8.63 लाख रुपये का भुगतान पालिका से प्राप्त करती है। बावजूद इसके सफाई व्यवस्था बदहाल है।
175 कर्मचारियों पर जिम्मा, मगर बेड़ा गर्क
नगर पालिका में 175 सफाई कर्मचारी हैं। इनमें 64 पुरुष और 38 महिला सफाई कर्मचारी स्थाई हैं। साथ ही 73 सफाई कर्मचारी संविदा पर तैनात हैं। प्रति वार्ड 12-15 कर्मचारियों की तैनाती की गई है। पालिका के 25 वार्डों में से 14 वार्डों की सफाई व्यवस्था पालिका के सफाई कर्मचारियों पर है और 11 वार्ड का जिम्मा प्राइवेट कंपनी को ठेके पर दिया गया है। कंपनी और कर्मचारियों के वेतन पर ही पालिका का 44 लाख व्यय होता है। बाकी उपकरणों की खरीद नहीं होने से भी व्यवस्था बिगड़ रही है।
पांच महीने से नहीं हुआ भुगतान
नगर पालिका ने बीेते पांच महीने से ठेके पर काम कर रही कंपनी का भुगतान नहीं किया है। ऐसे में कंपनी ने भी सफाई कार्य कराने में रुचि लेना छोड़ दिया है।
इनका कहना है
नगर में सफाई व्यवस्था को लेकर रोस्टर बना दिया गया है। हर सफाई कर्मचारी की ड्यूटी वार्ड वाइज लगाई गई है। प्राइवेट कंपनी को भी निर्देश दिए हैं। उपकरण खरीद का प्रस्ताव बोर्ड बैठक में शामिल किया जाएगा।
लोकेंद्र सिंह, ईओ, नगर पालिका एटा
कहते हैं आंकड़े
45 लाख रुपये सफाई पर खर्च होते हैं हर रोज।
175 सफाई कर्मचारी करते हैं 14 वार्डों में सफाई।
8.63 लाख रुपये का कंपनी को होता है भुगतान।
11 वार्डों में सफाई कार्य कराती है प्राइवेट कंपनी।
25 वार्ड हैं नगर पालिका क्षेत्र में।