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यमुना और खादर को लेकर हाईकोर्ट में सुनवाई आज
Updated Mon, 06 Nov 2017 09:23 AM IST
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कोर्ट
- फोटो : सांकेतिक चित्र
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मथुरा। यमुना की गंदगी को साफ करने को लेकर चल रही जद्दोजहद पर सोमवार को हाईकोर्ट महत्वपूर्ण दिशा निर्देश दे सकता है। प्रशासन के तमाम दावों के बावजूद यमुना में सीधे गिर रहे नालों की रिपोर्ट कोर्ट के पास पहुंच चुकी है। नगर निगम, प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी इसे लेकर लखनऊ में डेरा डाले हुए हैं। उधर, सोमवार को ही युमना के बहाव और खादर में तोड़े गए मकानों को लेकर की गई रिट के मामले में भी सुनवाई की जानी है।
हाईकोर्ट में जवाब दाखिल करने से पूर्व जिलाधिकारी, नगर आयुक्त,प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी और प्राधिकरण के अधिकारियों ने एक साथ मिलकर यमुना का निरीक्षण किया था। इस निरीक्षण में उन्हें वृंदावन से लेकर मथुरा तक कई नाले सीधे यमुना गिरते मिले थे। यही रिपोर्ट अधिकारियों ने शासन को भेजी है। इस आधार पर रिपोर्ट दाखिल करने से पूर्व प्रमुख सचिव ने मथुरा पहुंचकर न केवल यमुना में गिरते नालों को देखा बल्कि एसटीपी आदि की भी जानकारी ली। वहीं, यमुना सेवा संस्थान ने हाईकोर्ट में यमुना के बहाव को लेकर और मधुमंगल शुक्ला ने खादर की जमीन के मकानों को तोड़े जाने के लेकर हाईकोर्ट में रिट दाखिल की थी। हाईकोर्ट ने दोनों रिट पर एक साथ सुनवाई होनी है।
नगर निगम के सत्यापन में ये बात सामने आई है कि वृंदावन में कुल 19 नाले है इनमें से 14 नाले टेप है लेकिन 5 नालों का गंदा पानी सीधे यमुना में समा रहा है। इनमें सुनरख ड्रेन भी शामिल है। उधर,12 बड़े नालों में से 4 नाले सीधे यमुना में समा रहे हैं। इनमें शहर के बड़े अंबाखार नाला, बंगाली घाट, छावनी नाले शामिल हैं। यहां कुल 56 एमएलडी जल का उत्सर्जन होता है जिसमें से 12 एमएलडी पानी सीधे यमुना में समा रहा है।
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हाईकोर्ट में जवाब दाखिल करने से पूर्व जिलाधिकारी, नगर आयुक्त,प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी और प्राधिकरण के अधिकारियों ने एक साथ मिलकर यमुना का निरीक्षण किया था। इस निरीक्षण में उन्हें वृंदावन से लेकर मथुरा तक कई नाले सीधे यमुना गिरते मिले थे। यही रिपोर्ट अधिकारियों ने शासन को भेजी है। इस आधार पर रिपोर्ट दाखिल करने से पूर्व प्रमुख सचिव ने मथुरा पहुंचकर न केवल यमुना में गिरते नालों को देखा बल्कि एसटीपी आदि की भी जानकारी ली। वहीं, यमुना सेवा संस्थान ने हाईकोर्ट में यमुना के बहाव को लेकर और मधुमंगल शुक्ला ने खादर की जमीन के मकानों को तोड़े जाने के लेकर हाईकोर्ट में रिट दाखिल की थी। हाईकोर्ट ने दोनों रिट पर एक साथ सुनवाई होनी है।
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नगर निगम के सत्यापन में ये बात सामने आई है कि वृंदावन में कुल 19 नाले है इनमें से 14 नाले टेप है लेकिन 5 नालों का गंदा पानी सीधे यमुना में समा रहा है। इनमें सुनरख ड्रेन भी शामिल है। उधर,12 बड़े नालों में से 4 नाले सीधे यमुना में समा रहे हैं। इनमें शहर के बड़े अंबाखार नाला, बंगाली घाट, छावनी नाले शामिल हैं। यहां कुल 56 एमएलडी जल का उत्सर्जन होता है जिसमें से 12 एमएलडी पानी सीधे यमुना में समा रहा है।
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