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अनुपस्थित निकाय लिपिक का रोका वेतन
Updated Fri, 07 Jul 2017 11:30 PM IST
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बैठक लेते डीएम
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मैनपुरी। कर करेत्तर की बैठक से अनुपस्थित निकाय लिपिक का वेतन रोकने, अंग्रेजी शराब पर लगे होलोग्राम की जांच करने, सीएल-2, एफएल-2 पर विशेष निगरानी रखने, डग्गामार वाहनों का संचालन रोकने, प्रवर्तन कार्य बढ़ाकर वसूली की स्थिति सुधारने, 10 बड़े बैनामों की जांच एसडीएम से कराने के निर्देश डीएम ने समीक्षा बैठक में दिए हैं।
कचहरी सभागार में हुई समीक्षा बैठक में डीएम यशवंत राव ने कहा कर-करेत्तर, राजस्व कार्यों, विकास कार्यों की प्रत्येक योजना में स्थिति सुधारनी है। यदि किसी विभाग के कारण जनपद की स्थिति खराब हुई तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारी को खामियाजा भुगतना पडे़गा। व्यापार कर की वसूली गत वर्ष की अपेक्षा घटी है। विभाग के अधिकारियों द्वारा वसूली की प्रगति सुधारने में रुचि नहीं ली जा रही है। एआईजी स्टांप से कहा वह वसूली सुधारें। अधिशासी अधिकारी वसूली की प्रगति सुधारें, निर्धारित लक्ष्य से कम वसूली करने वालों का वेतन किसी भी दशा में आहरित न हो।
अपर जिलाधिकारी न्यायिक अरुण कुमार, अधिशासी अभियंता विद्युत एके पांडेय, एआईजी स्टांप आरएन राम, आबकारी अधिकारी प्रमोद कुमार, एआरटीओ राजेश कुमार, अधिशासी अधिकारी सीमा तोमर, रागिनी वर्मा, प्रशासनिक अधिकारी जयदेव, सीआरए मुनीम सिंह, मनोरंजन कर निरीक्षक इंद्रजीत आदि मौजूद थे।
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सीएमओ सहित चार का वेतन रोका
आईजीआरएस संदर्भ की समीक्षा में डीएम ने सीएमओ, सीडीओ, एडीएम, अघीक्षण अभियंता वृत्त का अग्रिम आदेशों तक वेतन रोक दिया है। समस्त डिफाल्टर संदर्भों का गुणवत्तापरक निस्तारण कराकर निस्तारण में हुए विलंब के संबंध में स्पष्टीकरण सहित तत्काल आख्या मांगी है।
डीएम यशवंत राव ने बताया एक माह पुराने लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण करने के आदेश के बाद भी कई अधिकारियों द्वारा शासन की महत्वपूर्ण योजना की तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है। अपर जिलाधिकारी कार्यालय में 25, जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय में 24, मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में 13, अधीक्षण अभियंता वृत्त के कार्यालय में 14 एवं मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय में 10 संदर्भ के मामले अनिस्तारित हैं।
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कचहरी सभागार में हुई समीक्षा बैठक में डीएम यशवंत राव ने कहा कर-करेत्तर, राजस्व कार्यों, विकास कार्यों की प्रत्येक योजना में स्थिति सुधारनी है। यदि किसी विभाग के कारण जनपद की स्थिति खराब हुई तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारी को खामियाजा भुगतना पडे़गा। व्यापार कर की वसूली गत वर्ष की अपेक्षा घटी है। विभाग के अधिकारियों द्वारा वसूली की प्रगति सुधारने में रुचि नहीं ली जा रही है। एआईजी स्टांप से कहा वह वसूली सुधारें। अधिशासी अधिकारी वसूली की प्रगति सुधारें, निर्धारित लक्ष्य से कम वसूली करने वालों का वेतन किसी भी दशा में आहरित न हो।
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अपर जिलाधिकारी न्यायिक अरुण कुमार, अधिशासी अभियंता विद्युत एके पांडेय, एआईजी स्टांप आरएन राम, आबकारी अधिकारी प्रमोद कुमार, एआरटीओ राजेश कुमार, अधिशासी अधिकारी सीमा तोमर, रागिनी वर्मा, प्रशासनिक अधिकारी जयदेव, सीआरए मुनीम सिंह, मनोरंजन कर निरीक्षक इंद्रजीत आदि मौजूद थे।
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सीएमओ सहित चार का वेतन रोका
आईजीआरएस संदर्भ की समीक्षा में डीएम ने सीएमओ, सीडीओ, एडीएम, अघीक्षण अभियंता वृत्त का अग्रिम आदेशों तक वेतन रोक दिया है। समस्त डिफाल्टर संदर्भों का गुणवत्तापरक निस्तारण कराकर निस्तारण में हुए विलंब के संबंध में स्पष्टीकरण सहित तत्काल आख्या मांगी है।
डीएम यशवंत राव ने बताया एक माह पुराने लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण करने के आदेश के बाद भी कई अधिकारियों द्वारा शासन की महत्वपूर्ण योजना की तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है। अपर जिलाधिकारी कार्यालय में 25, जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय में 24, मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में 13, अधीक्षण अभियंता वृत्त के कार्यालय में 14 एवं मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय में 10 संदर्भ के मामले अनिस्तारित हैं।