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हालात का जायजा लेने नगला बीच गांव पहुंचे अफसर

Wed, 14 Jun 2017 11:49 PM IST
Updated Wed, 14 Jun 2017 11:49 PM IST
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हालात का जायजा लेने नगला बीच गांव पहुंचे अफसर
police
टूंडला/नगला बीच। थाना पचोखरा के गांव नगला अजब में दवंगों के भय से पलायन कर गये परिवारों से मिलने देरसायं प्रशासन गांव पहुंचा। प्रशासन ने गांव में रह गये परिवार से बात की तथा उन्हें सुरक्षा मुहैया कराने का आश्वासन दिया। वहीं गांव से पलायन कर गये परिवारों को गांव के लोगों द्वारा उन्हें गांव वापस लाने के लिए प्रयास किया गया।
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बताते चलें कि गत शुक्रवार रात्रि नगला अजब में दो पक्षों में संघर्ष हुआ था। दोनों पक्षों में हुए घमासान में करीब एक दर्जन लोग घायल हो गये थे। दोनों पक्षों ने एक दूसरे के विरुद्ध पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करायी थी। पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराए जाने पर एक पक्ष के लोगों ने सविता समाज के परिवारों को परेशान करना शुरू कर दिया था। परेशानी झेल रहे परिवार, महिलाओं की सुरक्षा को देखते हुए आधा दर्जन परिवारों ने सोमवार को गांव से पलायन कर दिया था।
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नगला अजब से सविता समाज के छह परिवारों के पलायन करने की जानकारी पर बुधवार सायं नवागत उपजिलाधिकारी डा सुरेश चन्द्र व सीओ प्रेमप्रकाश यादव गांव पहुंचे। गांव पहुंचकर उन्होंने गांव में रह गये पीड़ित एक परिवार से जानकारी ली तथा उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिलाया। इस दौरान उन्होंने गांव के सभ्रांत लोगों से भी बार्ता की। उन्होंने गांव के पूर्व प्रधान पर तूल दिलाने की बात कहते हुए असलाह का लाइसेंस जब्त कराने की बात कही।
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पलायन कर गये परिवारों के बारे में जहां प्रशासन आरोपियों के भागने की बात कह रहा है, वहीं पलायन कर गये परिवार भय से गांव छोड़ने की बात कर रहे हैं। प्रशसन का तर्क एफआईआर के डर से वे परिवार भागे हैं, लेकिन यहां तो पूरे परिवार घर मबेशियों को बेचकर गये हैं, अगर एफआईआर के भय से भागे होते तो केवल नामजद ही जाते। समर सिंह का कहना है कि दूसरा पक्ष तो भागा ही नहीं। जबकि वह उन्हें बराबर धमका रहे हैँ। ऐसे में प्रशासन की पलायन न करने की बात पूरी तरह निर्मूल साबित हो रही है।

बुधवार को गांव पहुंचे समरसिंह ने बताया कि वह पशुओं को बेचने आया है। वह गांव में रह गयी परिवार की महिलाओं मुन्नीदेवी, निर्मलादेवी व पिंकी व वृद़्ध रतनलाल को लेने आया था। गांव पहुंचकर गांव के लोगों ने सुलहनामे के लिए पंचायत की बात कही, परंतु देरसायं तक पंचायत की बात नहीं हुई है।पंचायत में सुरक्षा के साथ मामला तय होता है तो पलायन कर गये लोग गांव लौटेंगे अन्यथा वह भी गांव छोड़कर चला जायेगा।


पलायन कर गये पक्ष के समर सिंह ने बताया कि आज पंचातय की बात हुई थी, किंतु हो नहीं सकी है। गुरुवार को पंचायत हो सकती है। पंचायत नगला अजब में होगी या नगला खरगा में तय होना माना जा रहा है।
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