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यूपी: ताज ट्रेपेजियम जोन में पेड़ों पर चली आरी, आगरा कैंट स्टेशन पर 30 साल पुराना शीशम काटा
Fri, 06 Nov 2026 09:41 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Fri, 06 Nov 2026 09:41 AM IST
सार
आगरा कैंट स्टेशन पर होल्डिंग एरिया निर्माण के दौरान 30 साल पुराने शीशम के हरे पेड़ को काटने का आरोप लगा है। वीडियो वायरल होने के बाद मामला चर्चा में है, हालांकि रेलवे ने किसी जीवित पेड़ को काटने से इनकार किया है।
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आगरा कैंट स्टेशन पर 30 साल पुराना शीशम काटा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
आगरा कैंट स्टेशन पर होल्डिंग जोन बनाने के लिए 30 साल पुराने पेड़ पर आरी चला दी गई। शीशम के हरे पेड़ को जड़ से काट दिया गया। दो अन्य पेड़ की सभी डालियां काटकर केवल ठूंठ खड़े रहने दिया गया। बृहस्पतिवार को इसका वीडियो वायरल होने के बाद रेलवे अधिकारी सफाई देते नहीं थक रहे हैं।
ताज ट्रेपेजियम जोन (टीटीजेड) में पेड़ों की कटाई के लिए सुप्रीम कोर्ट की अनुमति जरूरी है। बृहस्पतिवार को वायरल हुए वीडियो में बताया गया कि होल्डिंग जोन के निर्माण में हरे पेड़ों को काट दिया गया। यहां आधा दर्जन पेड़ लगे थे। कटे हुए पेड़ के अवशेष होल्डिंग जोन में पड़े हैं। दो पेड़ों की डालियों को आरी से काट दिया गया। पेड़ काटने के लिए ताजमहल के पांच किमी. एरियल दूरी पर मौजूद क्षेत्र में पहले सेंट्रल इंपावर्ड कमेटी (सीईसी) को आवेदन करना होता है। जरूरी होने पर ही अनुमति मिलती है। इसमें पहले एक के बदले 10 पेड़ लगाने और दस साल तक देखरेख करने की शर्त रहती है।
जनसंपर्क अधिकारी आगरा रेल मंडल संजय कुमार गाैतम ने बताया कि आगरा कैंट पर रेल भूमि विकास प्राधिकरण द्वारा होल्डिंग एरिया का निर्माण कराया जा रहा है। इस दाैरान किसी भी जीवित पेड़ को नहीं काटा गया है। पेड़ों की कटाई संबंधी आरोप वास्तविक तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। निर्माण स्थल के भीतर पार्क क्षेत्र में एक पेड़ पहले से ही गिरा हुआ था, जिसे कार्यस्थल से हटाकर बाहर रखा गया है। निर्माण कार्य के दाैरान दो तीन पेड़ों की कुछ शाखाओं की सीमित छंटाई की गई है। किसी जीवित पेड़ को नहीं काटा गया।
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ताज ट्रेपेजियम जोन (टीटीजेड) में पेड़ों की कटाई के लिए सुप्रीम कोर्ट की अनुमति जरूरी है। बृहस्पतिवार को वायरल हुए वीडियो में बताया गया कि होल्डिंग जोन के निर्माण में हरे पेड़ों को काट दिया गया। यहां आधा दर्जन पेड़ लगे थे। कटे हुए पेड़ के अवशेष होल्डिंग जोन में पड़े हैं। दो पेड़ों की डालियों को आरी से काट दिया गया। पेड़ काटने के लिए ताजमहल के पांच किमी. एरियल दूरी पर मौजूद क्षेत्र में पहले सेंट्रल इंपावर्ड कमेटी (सीईसी) को आवेदन करना होता है। जरूरी होने पर ही अनुमति मिलती है। इसमें पहले एक के बदले 10 पेड़ लगाने और दस साल तक देखरेख करने की शर्त रहती है।
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जनसंपर्क अधिकारी आगरा रेल मंडल संजय कुमार गाैतम ने बताया कि आगरा कैंट पर रेल भूमि विकास प्राधिकरण द्वारा होल्डिंग एरिया का निर्माण कराया जा रहा है। इस दाैरान किसी भी जीवित पेड़ को नहीं काटा गया है। पेड़ों की कटाई संबंधी आरोप वास्तविक तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। निर्माण स्थल के भीतर पार्क क्षेत्र में एक पेड़ पहले से ही गिरा हुआ था, जिसे कार्यस्थल से हटाकर बाहर रखा गया है। निर्माण कार्य के दाैरान दो तीन पेड़ों की कुछ शाखाओं की सीमित छंटाई की गई है। किसी जीवित पेड़ को नहीं काटा गया।
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