{"_id":"666a5b7fd831bb9c7c05bccb","slug":"30-policemen-including-seven-sub-inspectors-and-six-clerks-suspended-in-corruption-case-in-agra-2024-06-13","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"UP: यूपी पुलिस के सात दरोगा, छह मुंशी सहित 30 पुलिसकर्मी निलंबित, भ्रष्टाचार में हुई सबसे बड़ी कार्रवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: यूपी पुलिस के सात दरोगा, छह मुंशी सहित 30 पुलिसकर्मी निलंबित, भ्रष्टाचार में हुई सबसे बड़ी कार्रवाई
Thu, 13 Jun 2024 08:35 AM IST
भूपेन्द्र सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: भूपेन्द्र सिंह
Updated Thu, 13 Jun 2024 08:35 AM IST
सार
यूपी पुलिस के सात दरोगा और छह मुंशी सहित 30 पुलिसकर्मी निलंबित किए गए हैं। भ्रष्टाचार के आरोप में आगरा कमिश्नरेट में सबसे बड़ी कार्रवाई हुई है।
विज्ञापन
up police
- फोटो : istock
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तर प्रदेश के आगरा में कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद भी दरोगा, मुंशी और सिपाहियों का भ्रष्टाचार नहीं रुका। पासपोर्ट सत्यापन से लेकर मुकदमों की विवेचना में भ्रष्टाचार और न्यायिक व सरकारी कार्यों में लापरवाही पर पुलिस कमिश्नर जे रविन्दर गौड पर बुधवार को डीसीपी सिटी सूरज कुमार राय ने सात दरोगा, छह मुंशी और 22 सिपाहियों को निलंबित किया है।
विज्ञापन
पुलिस कमिश्नरेट व्यवस्था लागू होने के 19 महीने में यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है। पुलिस कमिश्नर तक शहर के 9 थाना क्षेत्रों में तैनात दरोगा, मुंशी और सिपाहियों की शिकायतें पहुंची थीं। पुलिस कमिश्नर ने फीडबैक सेल से शिकायतों की जांच कराई। जांच में 30 पुलिसकर्मियों की कलई खुल गई। नवंबर 2022 में आगरा में पुलिस कमिश्नरेट व्यवस्था लागू की गई थी।
विज्ञापन
साइबर अपराधियों से मिलीभगत
साइबर क्राइम थाना में तैनात चार मुंशियों सहित पांच पुलिसकर्मियों की साइबर अपराधियों से मिलीभगत थी। साइबर अपराध के पीड़ितों का भी मुंशी व सिपाही उत्पीड़न करते थे। साइबर क्राइम थाना में तैनात मुख्य आरक्षी अविनाश, शेर सिंह, सनी कुमार, कर्मवीर और सिपाही धर्मेंद्र शर्मा को निलंबित किया है।पासपोर्ट सत्यापन में वसूली, फंसे 4 दरोगा और 12 सिपाही
पासपोर्ट सत्यापन के नाम पर आवेदक से अवैध वसूली करने में 4 दरोगा सहित 16 सिपाही निलंबित हुए हैं। पासपोर्ट आवेदकों से फीडबैक में 21 लोगों ने शिकायत दर्ज कराई। उनके पासपोर्ट की रिपोर्ट लगाने वाले थाना न्यू आगरा में तैनात दरोगा विनोद कुमार, हरीपर्वत में तैनात दरोगा जितेंद्र प्रताप सिंह, शाहगंज में तैनात प्रशिक्षु दरोगा प्रखर और कमला नगर में तैनात प्रशिक्षु दरोगा प्रशांत कुमार को निलंबित किया है।ऑटो चालक से मारपीट में गिरी गाज
ऑटो चालक से मारपीट और रुपये छीनने के आरोप में थाना छत्ता में तैनात दरोगा शांतनु अग्रवाल और मुंशी संजीव कुमार को निलंबित किया है। सिपाही नकुल कुमार, सुमित कुमार, अभिषेक को भी निलंबित किया गया है। पांचों के विरुद्ध विभागीय जांच भी हो सकती है।मुकदमे की विवेचना में फर्जीवाड़ा
न्यू आगरा में तैनात दरोगा धर्मेंद्र सिंह और प्रशिक्षु दरोगा अनंत सिंह ने मुकदमों की विवेचना में भी फर्जीवाड़ा किया। साक्ष्य आधारित विवेचना प्रणाली लागू होने के बाद भी लापरवाही बरती। आरोप है कि आरोपी पक्षों से मिलकर दरोगाओं ने धाराओं और विवेचना के तथ्यों में फेरबदल किया। दोनों को निलंबित किया गया है।ये दरोगा हुए निलंबित
- उप निरीक्षक न्यू आगरा धर्मेंद्र सिंह
- प्रशिक्षु उप निरीक्षक न्यू आगरा अनंत सिंह
- उप निरीक्षक थाना छत्ता शांतनु अग्रवाल
- उप निरीक्षक न्यू आगरा विनोद कुमार
- उप निरीक्षक थाना हरीपर्वत जितेंद्र प्रताप सिंह
- प्रशिक्षु उपनिरीक्षक थाना शाहगंज प्रखर
- प्रशिक्षु उपनिरीक्षक कमला नगर प्रशांत कुमार