UP Agra Election History: जब आगरा की नौ विधानसभा सीटों पर विधायक बनने के लिए उतरे थे 298 प्रत्याशी
1993 के विधानसभा चुनाव में जब राम मंदिर का मुद्दा चरम पर था, तब आगरा की सभी नौ विधानसभा सीटों पर 298 प्रत्याशियों ने ताल ठोंकी थी।
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विधायक बनने की हसरत में राजनेता दल बदल में लगे हैं तो कई निर्दलीय ही चुनावी मैदान में उतरकर अपने सपने को पूरा करना चाहते हैं। अब इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन आने के बाद प्रत्याशियों की संख्या में कमी आई है। वर्ष 1993 का चुनाव ऐसा भी था जब आगरा की 9 विधानसभा सीटों पर 298 प्रत्याशी मैदान में उतरे थे।
औसतन 33 प्रत्याशी हर विधानसभा सीट पर चुनाव लड़े। इनमें सबसे ज्यादा आगरा छावनी सीट पर प्रत्याशी उतरे। यहां 77 प्रत्याशियों के बीच मुकाबला हुआ जबकि सबसे कम प्रत्याशी बाह विधानसभा सीट पर 17 रहे।
चरम पर था राम मंदिर का मुद्दा
1993 में हुए यूपी विधानसभा चुनाव में चुनावी रण में ताल ठोकने 298 उम्मीदवार उतरे थे। उस समय राम मंदिर का मुद्दा अपने चरम पर पहुंच चुका था। यह एक बड़ा कारण रहा कि चुनावी सपने को साकार करने के लिए प्रत्याशियों ने अपनी-अपनी विधानसभा सीटों से दावेदारी की।
नौ विधानसभा सीटों से कुल 298 प्रत्याशी मैदान में उतरे। विधानसभा चुनावों में आज की स्थिति को देखते हुए प्रत्याशियों की यह बंपर संख्या हुआ करती थी। इन चुनावों से पहले या इन चुनावों के बाद यूपी विधानसभा में आगरा की नौ विधानसभा सीटों से कभी भी इतनी बड़ी संख्या में प्रत्याशी चुनावी मैदान में नहीं दिखे।
1993 यूपी विधानसभा चुनाव में प्रत्याशियों की संख्या
आगरा छावनी: 77 प्रत्याशी
आगरा पूर्वी: 47 प्रत्याशी
एत्मादपुर: 29 प्रत्याशी
पश्चिम: 28 प्रत्याशी
खेरागढ़: 28 प्रत्याशी
फतेहाबाद: 27 प्रत्याशी
दयालबाग: 26 प्रत्याशी
फतेहपुरसीकरी: 19 प्रत्याशी
बाह: 17 प्रत्याशी