{"_id":"6750abdfc5e3f90b3e075687","slug":"28-out-of-50-phcs-have-no-doctors-how-do-patients-get-treatment-mainpuri-news-c-174-1-sagr1037-128118-2024-12-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Agra News: 50 पीएचसी में से 28 पर नहीं डॉक्टर, कैसे मिले मरीजों को उपचार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Agra News: 50 पीएचसी में से 28 पर नहीं डॉक्टर, कैसे मिले मरीजों को उपचार
Thu, 05 Dec 2024 12:52 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Thu, 05 Dec 2024 12:52 AM IST
विज्ञापन
मैनपुरी। जिले में सर्दी जुकाम के साथ निमोनिया के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। वहीं सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी बेहतर इलाज में आड़े आ रही है। नतीजा कई मरीज आगरा सहित आसपास के जनपदों में प्राइवेट और सरकारी अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। जिले में संचालित 50 पीएचसी (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र) में से 28 पर डॉक्टर ही नहीं है। यहां फार्मासिस्ट मरीजों को उपचार दे रहे हैं।
जिले में 50 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 10 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर छह डॉक्टरों के स्थान पर कही एक तो कही दो डॉक्टरों की तैनाती है, लेकिन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का बुरा हाल है। यहां 50 में से 28 पर डॉक्टर उपलब्ध नहीं है। इसके चलते यहां फार्मासिस्ट ही मरीजों को उपचार दे रहे हैं। इसके चलते ग्रामीण क्षेत्र से बड़ी संख्या में मरीज सीधे जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। प्रतिदिन सर्दी जुकाम और सांस की दिक्कतें से पीड़ित दो सौ से तीन सौ मरीज जिला अस्पताल आ रहे हैं। वहीं जिला अस्पताल में भी डॉक्टरों की कमी के चलते मरीजों को बेहतर उपचार नहीं मिल पा रहा है। जिले में 133 पदों के सापेक्ष मात्र 53 डॉक्टरों की ही तैनाती है। 80 डॉक्टरों की कमी चल रही है ऐसे में कैसे उचित उपचार की कल्पना की जा सकती है।
रेफर किए जा रहे मरीज
प्राथमिक उपचार के साथ ही रेफर किए जा रहे मरीज सीएचसी पर भले ही एक-दो डॉक्टरों की व्यवस्था हो, लेकिन यहां भी उपचार के नाम पर लापरवाही बरती जा रही है। डॉक्टर मरीज को देखते ही जिला अस्पताल के लिए रेफर कर रहे हैं। जिला अस्पताल से मेडिकल कॉलेज सैफई के लिए मरीज रेफर किए जा रहे हैं।
विज्ञापन
-- -
जिले में अस्पतालों और डॉक्टरों की स्थिति एक नजर में
अस्पताल का नाम- स्वीकृत पद- कार्यरत- रिक्त पद
सीएचसी और पीचसी-133- 53- 80
महाराजा तेज सिंह जिला अस्पताल-27-13- 14
सौ शैया अस्पताल- 18- 04- 14
डॉक्टरों की लंबे समय से कमी चल रही है। आधे से भी अधिक पद रिक्त चल रहे हैं। जितने डाॅक्टर उपलब्ध हैं उनकी मदद से बेहतर उपचार दिलाने का कार्य किया जा रहा है।
- डॉ. आरसी गुप्ता, सीएमओ
विज्ञापन
जिले में 50 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 10 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर छह डॉक्टरों के स्थान पर कही एक तो कही दो डॉक्टरों की तैनाती है, लेकिन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का बुरा हाल है। यहां 50 में से 28 पर डॉक्टर उपलब्ध नहीं है। इसके चलते यहां फार्मासिस्ट ही मरीजों को उपचार दे रहे हैं। इसके चलते ग्रामीण क्षेत्र से बड़ी संख्या में मरीज सीधे जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। प्रतिदिन सर्दी जुकाम और सांस की दिक्कतें से पीड़ित दो सौ से तीन सौ मरीज जिला अस्पताल आ रहे हैं। वहीं जिला अस्पताल में भी डॉक्टरों की कमी के चलते मरीजों को बेहतर उपचार नहीं मिल पा रहा है। जिले में 133 पदों के सापेक्ष मात्र 53 डॉक्टरों की ही तैनाती है। 80 डॉक्टरों की कमी चल रही है ऐसे में कैसे उचित उपचार की कल्पना की जा सकती है।
विज्ञापन
रेफर किए जा रहे मरीज
प्राथमिक उपचार के साथ ही रेफर किए जा रहे मरीज सीएचसी पर भले ही एक-दो डॉक्टरों की व्यवस्था हो, लेकिन यहां भी उपचार के नाम पर लापरवाही बरती जा रही है। डॉक्टर मरीज को देखते ही जिला अस्पताल के लिए रेफर कर रहे हैं। जिला अस्पताल से मेडिकल कॉलेज सैफई के लिए मरीज रेफर किए जा रहे हैं।
विज्ञापन
जिले में अस्पतालों और डॉक्टरों की स्थिति एक नजर में
अस्पताल का नाम- स्वीकृत पद- कार्यरत- रिक्त पद
सीएचसी और पीचसी-133- 53- 80
महाराजा तेज सिंह जिला अस्पताल-27-13- 14
सौ शैया अस्पताल- 18- 04- 14
डॉक्टरों की लंबे समय से कमी चल रही है। आधे से भी अधिक पद रिक्त चल रहे हैं। जितने डाॅक्टर उपलब्ध हैं उनकी मदद से बेहतर उपचार दिलाने का कार्य किया जा रहा है।
- डॉ. आरसी गुप्ता, सीएमओ