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मुगलिया आगरा के 23 बागीचे गायब

Mon, 13 Jul 2015 02:29 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला आगरा।
ब्यूरो अमर उजाला आगरा। Updated Mon, 13 Jul 2015 02:29 AM IST
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23 garden of mugal era disappear
जमीन है, बजट है और पौधे भी हैं, लेकिन यमुना किनारे मुगलिया बाग नहीं हैं। कभी मुगलिया दौर में यमुना नदी के दोनों किनारों पर 45 बागीचे थे, लेकिन इनमें से 23 बागीचे अब पूरी तरह से खत्म हो गए हैं। जनता की गाढ़ी कमाई से निकाले गए 5 लाख रुपये खर्च कर सेमीनार में इन मुगलिया बागों को सहेजने की बातें की गई थीं, लेकिन इस बीच 9 बागीचे और खत्म होने की कगार पर हैं। 11 बागीचों पर राज्य सरकार का कब्जा है, जबकि 11 बागीचों का संरक्षण एएसआई कर रहा है।
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‘रिवर फ्रंट गार्डन आफ आगरा’ को सहेजने के लिए एडीए ने पथकर की रकम से 5 लाख रुपये खर्च कर वर्ल्ड मान्यूमेंट फंड के विशेषज्ञों संग दो साल पहले सेमीनार किया था। तब एडीए और पर्यटन विभाग ने मुगलिया बागों को खोजने और उनमें से कुछ को सहेजने का वादा किया। इस बीच पर्यटन विभाग की मदद से राज्य पुरातत्व विभाग ने इन मुगलिया बागीचों को खोजने का काम किया। इन 45 बागीचों में से 23 बागीचों का तो अब अस्तित्व ही खत्म हो चुका है। यमुना के दाहिने किनारे पर 12 हवेलियां तो पूरी तरह से खत्म हो गईं। इनके अब चारदीवारी तक के अवशेष नहीं बचे।
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एत्माद्दौला, महताब बाग पर काम
एएसआई ने एत्माद्दौला और महताब बाग समेत 11 मुगलिया बागीचों को संरक्षित कर रखा है। एएसआई गार्डन ब्रांच ने इन हवेलियों, स्मारकों के बागीचों को मुगलिया स्वरूप में ही संरक्षित किया है। इनमें एत्माद्दौला और महताब बाग में सर्वश्रेष्ठ बागीचे तैयार हैं, लेकिन विदेशी एनजीओ वर्ल्ड मान्यूमेंट फंड ने इन्हीं बागीचों पर काम शुरू किया है, जबकि 11 बागीचे ऐसे हैं जो राज्य सरकार की संपत्ति हैं और यह पूरी तरह से अस्तित्व खो चुके हैं। एएसआई ने विदेशी एनजीओ से ऐसे ही बागीचों को गोद लेकर संरक्षित करने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन डोनेशन पर टिकी एनजीओ ने मुगलिया बागीचों के पुनरुद्धार की जगह महताब बाग को चुना।
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वर्जन
पहले फेज में एएसआई ने पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर दो बाग लिए हैं। दूसरे फेज में राजकीय आस्थान वाली जमीन पर एडीए काम कराएगा।
कैप्टन प्रभांशु श्रीवास्तव
सचिव, एडीए

यमुना के बाएं ओर
बाग                                    चर्चित नाम/हाल   स्वामित्व
1. बाग ए शाह नवाज खान    सतकुईयां            एएसआई
2. बुलंद बाग                   32 खंभा           एएसआई
3. बाग ए नूर अफशां           राम बाग             एएसआई
4. बाग ए जहांआरा            बस्ती, निजी,        आबादी
5. अज्ञात उद्यान               पौधशाला              नजूल
6. अफजल खां का मकबरा    चीनी का रोजा     एएसआई
7. बाग ए ख्वाजा                 बाग                     निजी आबादी
8. बाग ए सुल्तान परवेज        मकबरा                निजी आबादी
9. एत्माद्दौला का मकबरा                                एएसआई
10. बाग ए मुसावी खां सद्र    अवशेष नहीं            नजूल
11. बाग पादशाही                अवशेष नहीं            नजूल
12. मोती बाग पादशाही            बस्ती                निजी स्वामित्व
13. बाग पादशाही                    बस्ती                निजी
14. लाल बाग पादशाही    चारदीवारी के अवशेष    निजी स्वामित्व
15. द्वितीय चार बाग पादशाही    मजार            सरकार/निजी
16. बाग ए हस्त बिहिश्त          11 सिड्डी            एएसआई
17. बाग ए महताब                                        एएसआई

यमुना के दाएं ओर
18. हवेली खान ए दुर्रान             ताज टेनरी        एएसआई संरक्षण की प्रक्रिया
19. हवेली आगा खां                    अवशेष बचे     एएसआई संरक्षण की प्रक्रिया
20. ताजमहल                            सर्वाधिक संरक्षित    एएसआई
21. बाग ए खान ए आलम            वन विभाग
22. असालत खां हवेली                अवशेष नहीं          उप्र सरकार
23. महावत खां हवेली                    अवशेष नहीं        उप्र सरकार
24. हवेली होशदार खां                    आबादी                वन विभाग
25. हवेली आजम खां                        अवशेष नहीं    आबादी, बीहड़, वन विभाग
26. हवेली मुगल खां                         अवशेष नहीं        वन विभाग
27. हवेली इस्लाम खां                        अवशेष नहीं        वन विभाग
28. पादशाही किला                            सर्वाधिक संरक्षित    एएसआई
29. दाराशिकोह की हवेली                    अवशेष नहीं        बस्ती मौजूद
30. खान ए जहां लोधी हवेली                    दो बुर्ज मौजूद    भारतीय सेना
31. हाफिज खिदमतगार की हवेली        अवशेष नहीं            भारतीय सेना
32 से 43 हवेली के                         अवशेष नहीं            निजी स्वामित्व
44. जफर खां मकबरा                        लाल मस्जिद            एएसआई
45. जसवंत सिंह की छतरी                    संरक्षित                एएसआई



23 हवेलियों, बागीचों के अवशेष नहीं
हवेली आसफ खां, हवेली आलमगीर, हवेली आलमगीर, मस्जिद मुबारक मंजिल, हवेली शाईस्ता खां, हवेली जाफर खां, शाईस्ता खां का मकबरा, हवेली वजीर खां, हवेली मुकीम खां, हवेली खलील खां, बाग ए राय शिवदास, बाग ए हाकिम काजिम अली को कोई अवशेष नहीं नजर आता। इसके साथ ही इस पूरे क्षेत्र में यमुना किनारे आबादी बसी हुई है।
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