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जिले का जातीय समीकरण है नेताओं का आकर्षण

Mon, 18 Mar 2019 10:47 PM IST
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Updated Mon, 18 Mar 2019 10:47 PM IST
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जिले का जातीय समीकरण है नेताओं का आकर्षण
leader - फोटो : अमर उजाला
एटा। जिले का जातीय समीकरण नेताओं का आकर्षण रहा है। राष्ट्रीय नेता भी विकास की इच्छा से नहीं वरन सजातीय वोट बटोरने ही यहां आए। 16 संसदीय चुनावों में दस बार क्षेत्र का प्रतिनिधित्व शाक्य, लोधी एवं यादव ने किया है। जिले को तीन तीन मुख्यमंत्री देने का गौरव मिला है। पिछड़ा बहुल जिला लोधी, शाक्य व यादव मतदाताओं का गढ़ है। इन जातियों के नेता जिले को सियासी भविष्य के लिए सबसे सुरक्षित मानते हैं।
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केस 1 :- 1977 की जनता पार्टी सरकार में मुख्यमंत्री चुने गए रामनरेश यादव आजमगढ़ छोड़कर निधौलीकलां से उपचुनाव लड़े। क्षेत्र के निर्वाचित विधायक रामसिंह यादव ने उनके लिए इस्तीफा देकर उपचुनाव का रास्ता साफ किया था।
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केस 2 :- मुलायम सिंह यादव भी निधौली कलां से चुनाव जीतकर मुख्यमंत्री बने थे। तो वहीं कल्याण सिंह भी 1993 में लोध बाहुल्य कासगंज से चुनाव जीतकर मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचे थे।
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केस 3 :- भाजपा से बगावत करने के बाद 2009 में कल्याण को फिर सजातीय याद आए और गृह क्षेत्र बुलंदशहर सीट छोड़कर इसी संसदीय क्षेत्र से निर्दलीय (सपा के समर्थन) परचम लहराया।
केस 4 :- गृह क्षेत्र की डिबाई व अतरौली विधानसभा से दो बार पराजय का मुंह देखने वाले कल्याण पुत्र राजवीर सिंह को भी संसदीय क्षेत्र सुरक्षित लगा। 2014 में रिकार्ड मतों से जीत हासिल की।

परिसीमन के बाद बदली तस्वीर
जिला विभाजन की लकीर 2008 में तत्कालीन बसपा सरकार ने खींची। सहावर में नई तहसील का सृजन कर कासगंज को नए जनपद का दर्जा मिला। नए परिसीमन के बाद 2009 में हुए चुनाव में पहली बार कासगंज विधानसभा एटा संसदीय क्षेत्र में शामिल हुआ। अलीगंज विधानसभा क्षेत्र इससे बाहर हो गया। इसके साथ ही संसदीय क्षेत्र के जातीय समीकरणों में बदलाव आया। इसे भांपते हुए यह क्षेत्र जाति विशेष के नेताओं की पसंद बन गया। पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने बुलंदशहर संसदीय क्षेत्र को बदलते हुए इसे पहली पसंद बना लिया। और नए परिसीमन की पहली लोकसभा के प्रतिनिधि बनकर इसका पूरा फायदा उठाया।
2004 चुनाव पर एक नजर
प्रत्याशी पार्टी प्राप्त वोट
देवेंद्र सिंह यादव समाजवादी पार्टी 276156
अशोक रत्न शाक्य भारतीय जनता पार्टी 224121
जीत का अंतर 51335
2009 चुनाव पर एक नजर
कल्याण सिंह निर्दलीय 275717
देवेंद्र सिंह यादव बसपा 147449
जीत का अंतर 128268
2014 चुनाव पर एक नजर
राजवीर सिंह राजू भाजपा 474978
देवेंद्र सिंह यादव सपा 273977
जीत का अंतर 201001
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