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मैनपुरी के जवानों का देश ने माना लोहा

Mon, 14 Jan 2019 11:33 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Mon, 14 Jan 2019 11:33 PM IST
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मैनपुरी के जवानों का देश ने माना  लोहा
मैनपुरी। देश पर मरमिटने वालों की जिले में कमी नहीं है। देश की सीमा पर जान की बाजी लगाने वाले सैनिकों का लंबा चौड़ा इतिहास है। युद्ध के समय जिले के सैनिक दुश्मनों को धूल चटा चुके हैं। कई सैनिक देश की रक्षा के लिए कुर्बान हो गए।
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वर्ष 1962 में हुए युद्ध में हरिश्चंद्र बघिरुआ, रामदत्त गुप्ता और अमर सिंह सकत बेवर, यशकरन सिंह अलूपुरा, वीरेंद्र पाल सिंह असरगढ़ी, रामस्वरूप कुम्हरौआ, राजवीर सिंह ज्योंती, अहिवरन सिंह सुन्नामई, विशंभर सिंह टिकरी ने शहादत दी है। 1965 के युद्ध में महेश सिंह चित्तरपुर अंगौथा, औतार सिंह नानामऊ, दयाराम रूपपुर अंजनी, हवलदार सिंह और केदार सिंह लखौरा, राजेंद्र सिंह परोंखा, मुलायम सिंह बलरामपुर, हुकुम सिंह शृंगार नगर, रामसजीवन लाल अस्यौली ने देश की खातिर शहादत दी है।
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वर्ष 1971 के युद्ध में जिले के 23 सैनिकों ने शहादत दी। इनमें इंदपाल और श्याम सिंह कीरतपुर, सुरेंद्र सिंह हिम्मतपुर, जोगेंद्र सिंह त्रिलोकपुर, दलवीर सिंह टोडरपुर, भूपेंद्र सिह भदेही, जेके सिंह नाहिली, धनवीर सिंह मोटा, मुंशीलाल हमीरपुर, अब्दुल हमीद खां मदन, बाबू सिंह उसनींधा आदि के नाम शामिल हैं।
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1999 में हुए कारगिल युद्ध में पाकिस्तानी सैनिकों को धूल चटाकर शहादत देने वाले जिले के सात जवानों की सूची है। बिछवां क्षेत्र के अंजनी निवासी प्रवीन कुमार यादव, बेवर क्षेत्र के गढ़िया घुटारा निवासी मुनीश कुमार यादव, घिरोर क्षेत्र के शाहजहांपुर निवासी सत्यदेव सिंह यादव, कुरावली क्षेत्र के नगला आंध्रा निवासी हेमचरन सिंह यादव, किशनी क्षेत्र के दिवन्नपुर साहिनी निवासी अमरुद्दीन के नाम शामिल हैं।

किशनी निवासी हवलदार आदेश कुमार 2001 में सेना में भर्ती हुए थे। वर्तमान में उनकी तैनाती अरुणाचल प्रदेश में है। उनकी पत्नी मनोरमा देवी कहती हैं कि सच्चे सैनिक के लिए परिवार से पहले देश है। उन्हें गर्व है कि वह एक सैनिक की पत्नी हैं। उन्होंने कहा कि पति के दूर रहने से परिवार को परेशानी तो होती है।


बच्चों को उचित मार्गदर्शन नहीं मिल पाता है। जरूरत के वक्त छुट्टी नहीं मिलती है। परिवार में कोई बीमार होता है तो कमी ज्यादा खलती है, लेकिन देश के आगे निजी समस्याएं छोटी लगती हैं। परिवार में 13 वर्षीय बेटी मनदीप, 11 वर्षीय बेटा अमन व सात वर्षीय जुड़वां बेटियां परी और गौरी हैं।
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