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बेटियां बोलीं, अबला नहीं सबला हैं हम
Updated Wed, 28 Nov 2018 11:16 PM IST
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किशनी(मैनपुरी)। अपराजिता मुहिम से जिले में हररोज सैकड़ों महिलाएं जुड़ रही हैं। इसी कड़ी में बुधवार को क्षेत्र के श्री नेहरू स्मारक इंटर कॉलेज में भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। छात्राओं ने बढ़ चढ़कर प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर विचार व्यक्त किए।
नारी सशक्तिकरण विषय पर आयोजित भाषण प्रतियोगिता में छात्राओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। छात्रा प्रिया सिंह ने कहा कि नारी अब अबला नहीं रही है। वह बेलन की जगह आवश्यकता पड़ने पर तलवार भी उठा सकती है। उपासना कुमारी ने कहा कि बेटे अगर समाज में मान हैं तो बेटी अभिमान हैं।
बेटी ही दो कुलों का पालन करती है, जबकि बेटे एक कुल को भी नहीं पाल सकते हैं। देश के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के पद पर आसीन होकर महिलाओं ने नारी शक्ति का अहसास पूरे विश्व को करा दिया है। रेनू यादव ने कहा कि कहीं न कहीं आज भी बेटियों पर पाबंदी है। उन्होंने कहा कि लोगों को बेटी के साथ ही बेटे जैसा ही व्यवहार करना चाहिए। बेटी को भी उच्च शिक्षा पाने का हक है।
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भाषण प्रतियोगिता में इंटर की छात्रा तृप्ती शाक्य प्रथम, कक्षा 11 की छात्रा उपासना द्वितीय तथा कक्षा दस की छात्रा तृप्ती कुमारी ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। विजेता छात्राओं को प्रधानाचार्य संजय सिंह ने पुरस्कृत किया। साथ ही अमर उजाला की पहल को सराहनीय की। निर्णायक मंडल में विद्यालय की शिक्षका विमलेश कुमारी, प्रीती मिश्रा, राजकुमारी, दिव्या शामिल रहीं।
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नारी सशक्तिकरण विषय पर आयोजित भाषण प्रतियोगिता में छात्राओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। छात्रा प्रिया सिंह ने कहा कि नारी अब अबला नहीं रही है। वह बेलन की जगह आवश्यकता पड़ने पर तलवार भी उठा सकती है। उपासना कुमारी ने कहा कि बेटे अगर समाज में मान हैं तो बेटी अभिमान हैं।
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बेटी ही दो कुलों का पालन करती है, जबकि बेटे एक कुल को भी नहीं पाल सकते हैं। देश के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के पद पर आसीन होकर महिलाओं ने नारी शक्ति का अहसास पूरे विश्व को करा दिया है। रेनू यादव ने कहा कि कहीं न कहीं आज भी बेटियों पर पाबंदी है। उन्होंने कहा कि लोगों को बेटी के साथ ही बेटे जैसा ही व्यवहार करना चाहिए। बेटी को भी उच्च शिक्षा पाने का हक है।
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भाषण प्रतियोगिता में इंटर की छात्रा तृप्ती शाक्य प्रथम, कक्षा 11 की छात्रा उपासना द्वितीय तथा कक्षा दस की छात्रा तृप्ती कुमारी ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। विजेता छात्राओं को प्रधानाचार्य संजय सिंह ने पुरस्कृत किया। साथ ही अमर उजाला की पहल को सराहनीय की। निर्णायक मंडल में विद्यालय की शिक्षका विमलेश कुमारी, प्रीती मिश्रा, राजकुमारी, दिव्या शामिल रहीं।