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बैंकों में ताले, नकदी के पड़े लाले
Updated Fri, 23 Nov 2018 10:32 PM IST
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एटा। बैंकों में अवकाश के चलते ताले पड़े हुए हैं और लोग नकदी संकट से जूझ रहे हैं। छुट्टी के दिनों का सहारा एटीएम भी साथ छोड़ गए हैं। ऐसे में दिक्कत बढ़ती जा रही है। जिम्मेदार अधिकारी भी समस्या का समाधान करने के लिए कोई प्रयास करते नजर नहीं आ रहे हैं।
ककरावली निवासी गनपत सिंह शुक्रवार को गेहूं का बीज खरीदना था। इसके लिए नकदी निकालने वो सिविल लाइंस स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया पहुंचे, लेकिन बैंक बंद देख मायूस हो गए। उन्होंने कहा कि बैंक बंद होने की जानकारी नहीं थी। अब दो दिन बाद ही नकदी निकाल पाएंगे।
शहर के शिवप्रताप सिंह का बेटा लखनऊ में पढ़ता है। वे बेटे को पैसे भेजने के लिए बैंक पहुंचे। उन्होंने कहा कि बैंकों के अवकाश के दौरान नकदी संकट को लेकर वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए। छुट्टियों में एटीएम काम नहीं करते हैं। ऐसे में दिक्कत ज्यादा होती है।
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शहर के स्टेट बैंक पर पहुंचे वृद्ध किसान सोवान सिंह का कहना था कि उनको खाद और बीज खरीदने के लिए नकदी की जरूरत थी। मगर बैंक बंद होने से दिक्कत हो रही है। एटीएम का प्रयोग करने की जानकारी नहीं है। ऐसे में बैंकों को लोगों को दिक्कत को दूर करने के उपाय करने चाहिए।
शहर के एटीएम पर नकदी निकालने पहुंचे आर्यन ने बताया कि घर के जरूरी काम के लिए नकदी की जरूरत थी, लेकिन अक्सर एटीएम या तो बंद रहते हैं या फिर उनमें नकदी नहीं होती। बैंकों को छुट्टियों के दिनों में एटीएम को दुरुस्त रखना चाहिए।
शहर में 30 से ज्यादा एटीएम
शहर में विभिन्न बैंकों के 30 से ज्यादा एटीएम हैं, लेकिन फिर भी हर बार छुट्टियों में नकदी संकट बढ़ जाता है। कई जगहों पर एटीएम बंद रहते हैं या फिर कई जगहों पर एटीएम में कैश नहीं रहता। इसके साथ ही एटीएम पर तैनात गार्ड भी गायब नजर आते हैं। ऐसे में एटीएम की सुरक्षा पर सवाल खड़े होते हैं।
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ककरावली निवासी गनपत सिंह शुक्रवार को गेहूं का बीज खरीदना था। इसके लिए नकदी निकालने वो सिविल लाइंस स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया पहुंचे, लेकिन बैंक बंद देख मायूस हो गए। उन्होंने कहा कि बैंक बंद होने की जानकारी नहीं थी। अब दो दिन बाद ही नकदी निकाल पाएंगे।
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शहर के शिवप्रताप सिंह का बेटा लखनऊ में पढ़ता है। वे बेटे को पैसे भेजने के लिए बैंक पहुंचे। उन्होंने कहा कि बैंकों के अवकाश के दौरान नकदी संकट को लेकर वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए। छुट्टियों में एटीएम काम नहीं करते हैं। ऐसे में दिक्कत ज्यादा होती है।
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शहर के स्टेट बैंक पर पहुंचे वृद्ध किसान सोवान सिंह का कहना था कि उनको खाद और बीज खरीदने के लिए नकदी की जरूरत थी। मगर बैंक बंद होने से दिक्कत हो रही है। एटीएम का प्रयोग करने की जानकारी नहीं है। ऐसे में बैंकों को लोगों को दिक्कत को दूर करने के उपाय करने चाहिए।
शहर के एटीएम पर नकदी निकालने पहुंचे आर्यन ने बताया कि घर के जरूरी काम के लिए नकदी की जरूरत थी, लेकिन अक्सर एटीएम या तो बंद रहते हैं या फिर उनमें नकदी नहीं होती। बैंकों को छुट्टियों के दिनों में एटीएम को दुरुस्त रखना चाहिए।
शहर में 30 से ज्यादा एटीएम
शहर में विभिन्न बैंकों के 30 से ज्यादा एटीएम हैं, लेकिन फिर भी हर बार छुट्टियों में नकदी संकट बढ़ जाता है। कई जगहों पर एटीएम बंद रहते हैं या फिर कई जगहों पर एटीएम में कैश नहीं रहता। इसके साथ ही एटीएम पर तैनात गार्ड भी गायब नजर आते हैं। ऐसे में एटीएम की सुरक्षा पर सवाल खड़े होते हैं।