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कांच इकाइयों की ब्योरा लेकर अफसर दिल्ली रवाना
Updated Sun, 29 Jul 2018 11:00 PM IST
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फिरोजाबाद। सुहागनगरी में वर्ष 1996 से अब तक संचालित इकाइयों की विस्तृत रिपोर्ट लेकर अफसर रविवार सुबह ही दिल्ली रवाना हो गए। तीन दिन की कड़ी मेहनत बाद तैयार रिपोर्ट के आधार पर आगे सुनवाई होगी।
ताज सरंक्षित क्षेत्र में नई इकाई स्थापना व क्षमता विस्तार पर रोक के बावजूद कांच इकाइयों को निर्माण की अनुमति देना और आधा दर्जन इकाइयों का गैस का कोटा बढ़ाना टीटीजेड अथॉरिटी के लिए गले की फांस गया है। ताजमहल के रखरखाव में लापरवाही बरतने के मामले में एमसी मेहता द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने टीटीजेड अथॉरिटी का फटकार लगाई है। 26 जुलाई को मंडलायुक्त सहित संबंधित अफसर तलब किए गए, जिससे ताजमहल के संरक्षण को लेकर किए जा रहे कार्यों के संबंध में शपथ पत्र दाखिल किया।
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान फिरोजाबाद की 1996 से अब तक कांच इकाइयों का ब्योरा तलब किया था, जिसमें कितनी इकाइयों को गैस दी गई, उस समय कौन-कौन पार्टनर थे। कब-कब इकाइयों की क्षमता विस्तार हुआ, वर्तमान में कौन पार्टनर हैं आदि सूचनाओं सहित मंडलायुक्त को पुन: 31 जुलाई को हाजिर होने के निर्देश दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर उद्योग विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, गेल गैस लि. द्वारा दिन-रात एक कर रिपोर्ट तैयार की थी।
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रविवार को उपायुक्त उद्योग शरद टंडन, प्रदूषण नियंत्रण व गेल के अधिकारी रिपोर्ट लेकर नई दिल्ली चले गए। उपायुक्त उद्योग ने बताया कि यह रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की जाएगी। 31 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में पुन: सुनवाई होनी है।
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ताज सरंक्षित क्षेत्र में नई इकाई स्थापना व क्षमता विस्तार पर रोक के बावजूद कांच इकाइयों को निर्माण की अनुमति देना और आधा दर्जन इकाइयों का गैस का कोटा बढ़ाना टीटीजेड अथॉरिटी के लिए गले की फांस गया है। ताजमहल के रखरखाव में लापरवाही बरतने के मामले में एमसी मेहता द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने टीटीजेड अथॉरिटी का फटकार लगाई है। 26 जुलाई को मंडलायुक्त सहित संबंधित अफसर तलब किए गए, जिससे ताजमहल के संरक्षण को लेकर किए जा रहे कार्यों के संबंध में शपथ पत्र दाखिल किया।
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सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान फिरोजाबाद की 1996 से अब तक कांच इकाइयों का ब्योरा तलब किया था, जिसमें कितनी इकाइयों को गैस दी गई, उस समय कौन-कौन पार्टनर थे। कब-कब इकाइयों की क्षमता विस्तार हुआ, वर्तमान में कौन पार्टनर हैं आदि सूचनाओं सहित मंडलायुक्त को पुन: 31 जुलाई को हाजिर होने के निर्देश दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर उद्योग विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, गेल गैस लि. द्वारा दिन-रात एक कर रिपोर्ट तैयार की थी।
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रविवार को उपायुक्त उद्योग शरद टंडन, प्रदूषण नियंत्रण व गेल के अधिकारी रिपोर्ट लेकर नई दिल्ली चले गए। उपायुक्त उद्योग ने बताया कि यह रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की जाएगी। 31 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में पुन: सुनवाई होनी है।