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शराब माफिया के खिलाफ फूटा महिलाओं का गुस्सा
Updated Sun, 03 Jun 2018 10:04 PM IST
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अवैध शराब
- फोटो : demo pic
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बिछवां। गांव सुन्नामई में चल रहे कच्ची शराब के धंधे को लेकर रविवार को महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा। महिलाओं ने शराब माफिया के दरवाजे पर जाकर प्रदर्शन किया। वहीं शराब के ठेके बंद करने की मांग की। इस दौरान महिलाओं ने शराब विक्रेताओं के खिलाफ नारेबाजी भी की।
गांव में लंबे समय से कच्ची शराब का कारोबार चल रहा है। इस ओर प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस ध्यान नहीं दे रही है। ग्रामीणों के द्वारा जब भी विरोध जताया जाता है तो पुलिस अभियान चलाकर शराब बंद करा देती है। कुछ दिनों के बाद धंधा फिर शुरू हो जाता है। बीते कुछ वर्षों में कच्ची शराब पीने से गांव में अभी तक छह से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं।
वहीं 12 से ज्यादा व्यक्ति बीमार हैं। इसी बात को लेकर रविवार को महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा। महिलाओं ने एकत्रित होकर गांव में शराब कारोबारियों के खिलाफ रैली निकाली। बाद में उनके दरवाजे पर पहुंच कर धरना प्रदर्शन किया।
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इस दौरान काफी संख्या में महिलाओं और पुरुषों ने नारेबाजी कर विरोध जताया। साथ ही शराब कारोबार बंद करने की मांग की। महिलाओं ने चेतावनी दी कि गांव में शराब कारोबार बंद नहीं किया गया तो अंजाम बुरा होगा। महिलाओं ने प्रधान के घर पहुंचकर हंगामा किया।
गांव में चल रहे अवैध शराब के कारोबार में महिलाएं और लड़कियां भी शामिल हैं। यह खुलेआम गांव के लोगों को बुलाकर अपने हाथों से शराब देती हैं। ग्रामीण महिलाओं का आरोप है कि शराब माफिया ने बिक्री बढ़ाने के चक्कर में इन्हें लगा रखा है।
ग्रामीण इस बार आरपार की लड़ाई के लिए तैयार हैं। यही कारण है कि वह अभियान को लगातार चलाने की बात कह रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक गांव में शराब बिकना बंद नहीं हो जाती तब तक शराब कारोबारियों के खिलाफ अभियान चलता रहेगा।
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गांव में लंबे समय से कच्ची शराब का कारोबार चल रहा है। इस ओर प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस ध्यान नहीं दे रही है। ग्रामीणों के द्वारा जब भी विरोध जताया जाता है तो पुलिस अभियान चलाकर शराब बंद करा देती है। कुछ दिनों के बाद धंधा फिर शुरू हो जाता है। बीते कुछ वर्षों में कच्ची शराब पीने से गांव में अभी तक छह से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं।
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वहीं 12 से ज्यादा व्यक्ति बीमार हैं। इसी बात को लेकर रविवार को महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा। महिलाओं ने एकत्रित होकर गांव में शराब कारोबारियों के खिलाफ रैली निकाली। बाद में उनके दरवाजे पर पहुंच कर धरना प्रदर्शन किया।
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इस दौरान काफी संख्या में महिलाओं और पुरुषों ने नारेबाजी कर विरोध जताया। साथ ही शराब कारोबार बंद करने की मांग की। महिलाओं ने चेतावनी दी कि गांव में शराब कारोबार बंद नहीं किया गया तो अंजाम बुरा होगा। महिलाओं ने प्रधान के घर पहुंचकर हंगामा किया।
गांव में चल रहे अवैध शराब के कारोबार में महिलाएं और लड़कियां भी शामिल हैं। यह खुलेआम गांव के लोगों को बुलाकर अपने हाथों से शराब देती हैं। ग्रामीण महिलाओं का आरोप है कि शराब माफिया ने बिक्री बढ़ाने के चक्कर में इन्हें लगा रखा है।
ग्रामीण इस बार आरपार की लड़ाई के लिए तैयार हैं। यही कारण है कि वह अभियान को लगातार चलाने की बात कह रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक गांव में शराब बिकना बंद नहीं हो जाती तब तक शराब कारोबारियों के खिलाफ अभियान चलता रहेगा।