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‘ हिंदू-मुस्लिम एक ही थाली में खाएं, ऐसा हिंदुस्तान बना दे ’
Updated Sun, 20 May 2018 10:27 PM IST
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दरगाह
- फोटो : अमर उजाला
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मैनपुरी। कोसमा स्थित दरगाह हजरत आबिद शाह बाबा रहमतुल्लाह अलेह पर चल रहे उर्स के दूसरे दिन रानी चांदनी एंड पार्टी बनारस तथा नसीम आरिफ एंड पार्टी दिल्ली के मध्य शानदार मुकाबला हुआ। रात भर चले इस कार्यक्रम का अकीदतमंदों ने सुबह तक लुत्फ़ उठाया मजार पर चादर चढ़ाकर मन्नतें मांगी।
कार्यक्रम का आगाज प्रधान मसर्रत अली तथा डा. व्रह्मानंद ने संयुक्त रूप से शमा रोशन कर किया। कहकशां नाइट में दिल्ली से आए मशहूर रेडियो सिंगर नसीम आरिफ एंड पार्टी दिल्ली ने हुजूर की शान में नात-ए-रसूल पढ़ कर किया। उन्होंने अपने कलाम में हर उम्मती के सर पर साया रसूल का, हासिल है मोमिनों का वसीला रसूल का, मैं हूँ तुम पर बारी आबिद पिया, मेरे घुंघटे की रखना लाज पिया प्रस्तुत किया।
रानी चांदनी ने जिंदगी एक सफर के सिवाय कुछ भी नहीं, देख आहिस्ता चल भागना छोड़ दे, बेटियां मुफलिसों की मेहंदी को तरसती रह गईं, हाथ अमीरे-शहर की बेटी के पीले हो गए प्रस्तुत किया। नसीम आरिफ ने हिंदू-मुस्लिम एकता और भाई-चारे का संदेश देते हुए कहा ऐसी फिजा बनाओ मेरे देशवासियो, हिंदू का घर जले तो मुसलमान रो पड़े, जवाब में रानी चांदनी ने कहा हिन्दू मुस्लिम एक ही थाली में खाए ऐसा हिंदुस्तान बना दे या अल्लाह, प्रस्तुत कर एक दूसरे के सवालों का जवाब दिया।
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कार्यक्रम का आगाज प्रधान मसर्रत अली तथा डा. व्रह्मानंद ने संयुक्त रूप से शमा रोशन कर किया। कहकशां नाइट में दिल्ली से आए मशहूर रेडियो सिंगर नसीम आरिफ एंड पार्टी दिल्ली ने हुजूर की शान में नात-ए-रसूल पढ़ कर किया। उन्होंने अपने कलाम में हर उम्मती के सर पर साया रसूल का, हासिल है मोमिनों का वसीला रसूल का, मैं हूँ तुम पर बारी आबिद पिया, मेरे घुंघटे की रखना लाज पिया प्रस्तुत किया।
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रानी चांदनी ने जिंदगी एक सफर के सिवाय कुछ भी नहीं, देख आहिस्ता चल भागना छोड़ दे, बेटियां मुफलिसों की मेहंदी को तरसती रह गईं, हाथ अमीरे-शहर की बेटी के पीले हो गए प्रस्तुत किया। नसीम आरिफ ने हिंदू-मुस्लिम एकता और भाई-चारे का संदेश देते हुए कहा ऐसी फिजा बनाओ मेरे देशवासियो, हिंदू का घर जले तो मुसलमान रो पड़े, जवाब में रानी चांदनी ने कहा हिन्दू मुस्लिम एक ही थाली में खाए ऐसा हिंदुस्तान बना दे या अल्लाह, प्रस्तुत कर एक दूसरे के सवालों का जवाब दिया।
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